Nobel prize winner virologist Luc Montagnier says vaccination is creating new corona variants | Nobel Prize Winner प्रोफेसर Luc Montagnier का दावा, Corona के नए Variants के लिए Vaccination जिम्मेदार

पेरिस: एक तरफ जहां कोरोना (Coronavirus) महामारी के खात्मे के लिए वैक्सीनेशन (Vaccination) की रफ्तार बढ़ाने की बात कही जा रही है. वहीं, दूसरी तरफ फ्रांस (France) के नोबेल पुरस्कार विजेता (Nobel Prize Winner) प्रोफेसर ल्यूक मॉन्टैग्नियर (Luc Montagnier) ने एक चौंकाने वाला दावा किया है. मॉन्टैग्नियर का कहना है कि कोरोना वैक्सीन वायरस को रोकने के बजाए उसे और मजबूत कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना के नए-नए वैरिएंट उत्पन्न होने का कारण वैक्सीनेशन ही है. 

ज्यादा घातक हैं नए Variants

एक इंटरव्यू में ल्यूक मॉन्टैग्नियर (Luc Montagnier) ने कहा कि महामारी विज्ञानियों को वैक्सीन से जुड़े तथ्यों के बारे में पता है लेकिन फिर भी वे खामोश हैं. इस इंटरव्यू (Interview) का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. एक सवाल के जवाब में नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर ने कहा, ‘टीके वायरस को नहीं रोकते, बल्कि वह इसके विपरीत काम करते हैं यानी वायरस को ताकतवर बनाते हैं. टीकाकरण की वजह से कोरोना के नए वैरिएंट मूल वैरिएंट की तुलना में अधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं’. 

ये भी पढ़ें -ICMR प्रमुख ने किया चौंकाने वाला दावा, Covaxin से ज्यादा एंटीबॉडी बनाती है Covishield की पहली डोज

2008 में जीता था Nobel

फ्रांस के वायरोलॉजिस्ट ल्यूक मॉन्टैग्नियर ने 2008 के नोबेल पुरस्कार जीता था. ऐसे में उनकी बातों को हल्के में नहीं लिया जा सकता. इस महीने की शुरुआत में उन्होंने पियरे बर्नेरियास को दिए इंटरव्यू में कोरोना को लेकर कई बातें कहीं. इस इंटरव्यू की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. अमेरिका के आरएआईआर फाउंडेशन ने विशेष तौर पर इंटरव्यू को ट्रांसलेट किया है.

इस तरह काम करती है Vaccine

इस सवाल के जवाब में कि टीकाकरण शुरू होने से बाद से जनवरी से नए मामले और मौत के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं, इस बारे में आपकी क्या राय है? मॉन्टैग्नियर ने कहा, ‘यह एक ऐसी वैज्ञानिक, मेडिकल गलती है जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. इसे इतिहास में दर्ज किया जाएगा, क्योंकि टीकाकरण ही नए वैरिएंट उत्पन्न कर रहा है’. अपनी बात को समझाते हुए उन्होंने कहा कि वैक्सीन एंटीबॉडी बनाती हैं, जो वायरस को कोई दूसरा रास्ता खोजने या मरने पर विवश करती हैं और इसी के चलते नए वैरिएंट उत्पन्न होते हैं. 

हर Country में एक जैसा हाल

मॉन्टैग्नियर ने आगे कहा कि आप देख सकते हैं, ये हर देश में एक जैसा ही है. टीकाकरण का ग्राफ मौत के ग्राफ के साथ चल रहा है. मैं करीबी से इसका अनुसरण कर रहा हूं और मरीजों के साथ प्रयोग कर रहा हूं. जो वैक्सीन लगने के बाद संक्रमित हुए हैं. इससे पता चलता है कि वो ऐसे वैरिएंट बना रहे हैं, जिन पर कोरोना वैक्सीन कम प्रभावी है. उन्होंने बताया कि इस घटना को एंटीबॉडी-डिपेंडेंट एनहैंसमेंट’ (Antibody Dependent Enhancement (ADE) कहा जाता है.

 




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here