North Korean hackers tried to hack Pfizer company database to obtain vaccine technology | Corona Vaccine बनाने वाली कंपनी Pfizer के डेटाबेस में North Korea ने की घुसपैठ, फॉर्मूला पाने की कोशिश में हुआ बेनकाब

सिओल: उत्तर कोरिया दुनिया के सबसे गरीब देशों में आता है. जनता त्रस्त है, लेकिन उसकी आवाज दुनिया सुन नहीं सकती. कन्युनिष्ट राज में आम जनता की आवाज दबा दी जाती है. अभी तक भले ही उत्तर कोरिया ने कोरोना का एक भी मामला दुनिया के सामने नहीं रखा है, लेकिन अंदाजा लगाया जा सकता है कि उत्तर कोरिया में कोरोना वायरस से अबतक तबाही मची है. तभी तो उसे कोरोना वैक्सीन की इतनी ज्यादा जरूरत पड़ गई है कि वो उसे भले ही नहीं खरीद सकता, लेकिन किसी भी तरह से कोरोना वैक्सीन पाना चाहता है. इसके लिए भले ही कोई भी गलत रास्ता क्यों न अपनाना पड़े.

दक्षिण कोरिया ने खोली पोल

दक्षिण कोरिया के सांसद हा ताई-कुएंग ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने अपने साइबरक्राइम एक्सपर्ट्स और हैकरों की पूरी टीम को ये टारगेट दे दिया है कि वो किसी भी तरह से कोरोना वैक्सीन का फॉर्मूला लाकर दें. इसके लिए उन्हें दुनिया की किसी भी कंपनी में घुसपैठ करनी पड़े, तो उन्हें इसकी इजाजत है. इसी कोशिश में उत्तर कोरियाई हैकर्स ने कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी फाइजर के डाटा बेस को निशाना बनाने की कोशिश की. हालांकि उनके हाथ क्या जानकारी लगी है, इस बात का खुलासा अभी नहीं हो पाया है. लेकिन माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया जल्द से जल्द कोरोना वैक्सीन पाना चाहता है. वो इसकी खरीददारी नहीं कर पा रहा, क्योंकि ये महंगी है और उत्तर कोरिया का खजाना इसका बोझ नहीं उठा सकता. 

पिछले साल सितंबर में चुराई थी क्रिप्टोकरेंसी

उत्तर कोरिया पर वैश्किक स्तर पर कई सारे प्रतिबंध है. उनके लोग बैंकों से लेन देन नहीं कर सकते. ऐसे में उत्तर कोरिया पास जब नकदी की समस्या उठ खड़ी हुई, तो उसने अपने हैकरों की विशाल सेना को काम पर लगा दिया. उत्तर कोरियाई हैकरों ने पिछले साल करीब 281 मिलियन डॉलर की क्रिप्टो करेंसी चुरा ली. इसकी भारतीय मुद्रा में कीमत होती है 20 अरब 44 करोड़ से भी ज्यादा.

ये भी पढ़ें: तेजी से बढ़ रहे Corona Cases, क्या मुंबई में फिर से लगने वाला है Lockdown?

कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों पर लगातार साइबर अटैक

कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सिर्फ फाइजर पर ही साइबर अटैक हुआ हो, ऐसा नहीं है. उत्तर कोरियाई हैकरों ने जॉनसन एंड जॉनसन, नोवावैक्स और एस्ट्रेजेनेका कंपनी के भी सिक्योरिटी सिस्टम में सेंधमारी की थी. यही नहीं, इस काम में चीन भी लगा हुआ है. पिछले साल चीनी हैकरों ने एक स्पेनिश कंपनी का डाटा बेस हैक करने की कोशिश की थी, ताकि उन्हें कोरोना वैक्सीन का फॉर्मूला मिल सके.




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here