oxygen concentrator for covid patients: Oxygen concentrator: घर के लिए खरीद रहें हैं अगर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, तो जरूर रखें इन 7 बातों का ध्यान – if you are planning to buy an oxygen concentrator for home isolated covid patients here what you need to know

डॉक्टर्स के मुताबिक, घर में इस तरह के उपकरणों का उपयोग करने के लिए इसकी पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है वरना मरीज की जान पर खतरा बन सकता है। आइए जानते हैं ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बारीकियां।
(फोटो साभार: istock by getty images)

​क्या है ऑक्सीजन कंसंट्रेटर

यह एक मेडिकल डिवाइस होती है, जो आसपास की हवा से ऑक्सीजन को एक साथ ऑब्जर्ब करती है। आपको बता दें कि पर्यावरण की हवा में 78 फीसदी नाइट्रोजन और 21 फीसदी ऑक्सीजन गैस होती है और बाकी दूसरी गैस सिर्फ 1 फीसदी ही होती हैं। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर इस हवा को अपने अंदर लेता है और फिर उसे फिल्टर करते नाइट्रोजन को वापस हवा में छोड़ देता है। इस प्रक्रिया के द्वारा कंसंट्रेटर जो ऑक्सीजन अंदर लेता है वही मरीज में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के काम आती है।

इस तरह से ये सांसों संबंधी समस्या से जूझ रहे मरीज के लिए ऑक्सीजन टैंक या सिलेंडर की तरह ही काम करते हैं। मेडिकल फील्ड में बड़े पैमाने पर इनका इस्तेमाल किया जाता है।

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​खरीदने से पहले ध्यान दें

ऑक्सीजन की होम थेरेपी के लिए सिलेंडर या कंसंट्रेटर की खरीद करने से पहले आपको ये सुनिश्चित करना चाहिए कि मरीज को कितनी लीटर ऑक्सीजन की जरूरत है। कंसंट्रेटर की कैपेसिटी आपकी जरूरत से ज्यादा होनी चाहिए। उदाहरण के लिए आपको 3.5 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन चाहिए तो आपको 5 लीटर वाला कंसंट्रेटर की खरीद करनी होगी। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की प्युरिटी इंडिकेटर (ओपीआई) के साथ की खरीद करें।

जानकारों के अनुसार, 90 प्रतिशत से ज्यादा प्युरिटी के साथ 5 लीटर वाला कंसंट्रेटर 3 लोगों की छोटी फैमिली के लिए सही विकल्प है। वहीं अगर आपके परिवार में ज्यादा सदस्य हैं और आप डबल फ्लो वाला 10 लीटर का जनरेटर भी खरीद सकते हैं। लेकिन मेडिकल ग्रेड वाला ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ज्यादा बेहतर बताया जाता है।

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​कंसंट्रेटर की कीमत

मौजूद समय में ऑक्सीजन की बढ़ती डिमांड के चलते कंसंट्रेटर्स की कीमतों में अचानक से उछाल आया है। फिलहाल ऑक्सीजन सिलेंडर की कीमच 8 से 20 हजार रुपए के बीच है जबकि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कीमत 40 हजार रुपए से 90 हजार तक जा चुकी है। लेकिन जो भी व्यक्ति कंसंट्रेटर की खरीददारी करता है तो उसे भविष्य में परेशानी नहीं होगी और इसमें बार-बार गैस भराना पड़ता है।

इसके अलावा इस पर 5 साल तक बिजली के अतिरिक्त अन्य कोई खर्च नहीं आता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सामान्य हालातों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की साल में 30 हजार से 40 हजार थी और मौजूदा समय में यह बढ़कर 30 हजार से 40 हजार प्रति माह तक पहुंच गई है। वर्तमान में डेली 2 हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की मांग हो रही है।

​किस तरह के कंसंट्रेटर की है आपको जरूरत

बाजार में कंसंट्रेटर दो तरह के होते हैं, स्टेशनरी और पोर्टेबल। दोनों ही तरह के उपकरणों में ऑक्सीजन बनाने के लिए रिफिल कराने की जरूरत नहीं होती। हालांकि, स्टेशनरी कंसंट्रेटर सीधे बिजली से चलते हैं जबकि पोर्टेबल बैटरी पर भी चल सकते हैं। पोर्टेबल महंगे होते हैं जिन्हें आप कहीं पर भी साथ ले जाते हैं। कोविड के वक्त लॉकडाउन में आप आप पोर्टेबल की बजाए स्टेशनरी कंसंट्रेटर की ही खरीद करें। वहीं अगर आपको ट्रैवलिंग करनी है तो पोर्टेबल की खरीद करें।

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​ऑक्सीजन सिलेंडर और कंसंट्रेटर में अंतर

मौजूदा दौर में ऑक्सीजन सिलेंडरों का उपयोग करने का एक विकल्प है। वैसे O2 कंसंट्रेटर का इस्तेमाल उन मरीजों की ऑक्सीजन थेरेपी प्रोसेज में किया जाता है ऑक्सीजन सिलेंडर (oxygen cylinders) एक सीमित समय के लिए काम करते हैं, क्योंकि उनमें C2 की सीमित आपूर्ति होती है वहीं ऑक्सीजन कंसंट्रेटर अपने आसपास की हवा से ऑक्सीजन को रिसाइकिल करते हैं, यही वजह है कि वे सिलंडर से काफी ज्यादा महंगे है।

आसान भाषा में समझें तो सिलेंडरों को बार-बार भरवाने की की जरूरत पड़ती है, जबकि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर चौबीसों घंटे सातों दिन काम कर सकते हैं।

​सिलेंडर और कंसंट्रेटर में क्या बेहतर?

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसे उपकरणों का उपयोग डॉक्टरों या हेल्थ वर्कर की देखरेख में रोगियों की सुविधा के लिए जाना ठीक माना जाता है। लेकिन स्टैंड-अलोन सिलेंडर का प्रयोग करते वक्त बेहद सावधानी की जरूरत होती है। ऑक्सीजन खत्म होने पर इसे बार-बार भरवाने के लिए रिफिल करना जरूरी होता है।

यही वजह है कि इसमें रिसाव की संभावना होती है और किसी अनहोनी के चलते इसमें आग भी लग सकती है। वहीं ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के साथ ऐसी कोई समस्या नहीं होती, क्योंकि वो हवा से ऑक्सीजन लेता और बिजली होने तक इसकी आपूर्ति करता है।

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​कब होती है ऑक्सीजन लेने की जरूरत

दिल्ली एम्स (AIIMS) के चीफ डॉक्टर रणदीप गुलेरिया (Dr Randeep Guleria) ने हाल ही में घर पर ऑक्सीजन का प्रयोग करने वालों को सावधानियां बरतने को कहा था। गुलेरिया के अनुसार, जिनका ऑक्सीजन सेचुरेशन (oxygen saturation) 92 या 94 के बीच है उन्हें इससे ज्यादा ऑक्सीजन लेने की आवश्यकता नहीं है। इससे ज्यादा ऑक्सीजन लेने पर आपको कोई अधिक लाभ नहीं मिलेगा। यदि सैचुरेशन 95 से ऊपर है तब भी आपको ऑक्सीजन लेने की जरूरत नहीं है।

वहीं यदि 94 से कम है, तो आपको ऑक्सीजन लेवल को मोनिटर करना जरूरी है लेकिन अभी भी ये जरूरी नहीं कि आपको ऑक्सीजन की आवश्यकता है क्योंकि एक हेल्दी पेशेंट के ब्लड में इस सिचुएशन में भी पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन होता है।


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