Oxygen Therapy At Home Tips for Using Oxygen In Your Home : घर पर Oxygen का प्रयोग करते वक्‍त न करें लापरवाही, मानें डॉक्टर्स की ये सलाह

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते इन दिनों अस्पतालों का बहुत बुरा हाल है। जहां पर दवाइयों से लेकर बेड्स और ऑक्सीजन की भारी कमी के चलते हजारों मरीजों की जान जोखिम में हैं। हर रोज ऑक्सीजन न मिलने की वजह से मरीजों की सांस थम रही हैं। संकट की इस घड़ी में तमाम डॉक्टर्स कोरोना संक्रमित मरीजों को घर पर ही ऑक्सीजन लेवल को मैनेज करने की सलाह दे रहे हैं लेकिन इसी के साथ कुछ सावधानियां बरतने को कह रहे हैं।

बता दें कि कोविड की दूसरी लहर के बीच ऑक्सीजन की कमी और फेफड़ों में संक्रमण (lung infections) मरीजों की आम समस्या बन चुका है। ऐसे समय में तमाम लोगों ने घर पर ही ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनों रख ली हैं जिनका अच्छे से प्रयोग किया जा रहा है। जैसे कि एक्सपर्ट भी कह रहे हैं कि कुछ मरीजों का इलाज घर पर भी किया जा सकता है। जानकारों के अनुसार, अगर आप घर पर ऑक्सीजन लेवल को मैनेज कर रहे हैं तो आपको दोगुनी सावधानी बरतने की जरूरत है। ऑक्सीजन होम थेरेपी के दौरान आपको अपने साथ होने वाले जोखिम और खतरों के बारे में पूरी तरह सचेत होना चाहिए।
(फोटो साभार: istock by getty images)

​घर पर ज्यादा हेल्पफुल नहीं ऑक्सीजन का प्रयोग

मौजूदा हालातों पर गौर करने के बाद कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऑक्सीजन का आंतरायिक उपयोग (Intermittent use of oxygen) यानी घर पर जोखिम भरा है या कहें कि ज्यादा सहायक नहीं है। यदि आप अभी घर पर ऑक्सीजन का उपयोग कर रहे हैं और कोरोनावायरस से संक्रमित हैं तो आपको दिमाग में कुछ जरूरी बातें बिठानी जरूरी हैं।

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​घर पर कब करें ऑक्सीजन का प्रयोग

यदि आपने घर में ऑक्सीजन सिलेंडर लगा रखा है तो उस वक्त उसे प्रायोरिटी दी जानी चाहिए जब रक्त ऑक्सीजन का स्तर (SpO2) रीडिंग 93% से कम हो गया हो। हमारा आइडल ऑक्सीजन लेवल 94-99% के बीच होना चाहिए लेकिन अगर इससे कम हो तब आपको ऑक्सीजन की जरूरत है।

​100 फीसदी सैचुरेशन पर हो सकता है खतरा

100-

एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोई भी ऑक्सीजन थेरेपी तुरंत इसके लेवल को नहीं बढ़ाती और न ही सामान्य रूप से बहाल कर सकती है, इसलिए कोविड-19 मरीजों को 88-92% के बीच ऑक्सीजन सैचुरन को एचीव करना सुनिश्चित करना चाहिए। जानकार ये भी सलाह देते हैं कि कभी भी ऑक्सीजन सैचुरेशन 100% न होने दें, इसे 92 और 94 तक ही सीमित रखें।

डॉ. के अनुसार, 97 प्रतिशत से ऊपर ऑक्सीजन रखने से भी कोई लाभ नहीं होगा। क्योंकि जरूरत से ज्यादा ऑक्सीजन देने पर टॉक्सीसिटी हो सकती है और ऐसे में मरीज बीमार भी हो सकते हैं। साथ ही इस तरह से यूज करने पर आपका रिसोर्स भी जल्द समाप्त हो जाएगा।

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​किस सिचुएशन में होती ऑक्सीजन की जरूरत

दिल्ली एम्स (AIIMS) के चीफ डॉक्टर रणदीप गुलेरिया (Dr Randeep Guleria) ने हाल ही में घर पर ऑक्सीजन का प्रयोग करने वालों को सावधानियां बरतने को कहा था। गुलेरिया के अनुसार, जिनका ऑक्सीजन सैचुरेशन (oxygen saturation) 92 या 94 के बीच है उन्हें इससे ज्यादा ऑक्सीजन लेने की आवश्यकता नहीं है। इससे ज्यादा ऑक्सीजन लेने पर आपको कोई अधिक लाभ नहीं मिलेगा।

यदि सैचुरेशन 95 से ऊपर है तब भी आपको ऑक्सीजन लेने की जरूरत नहीं है। वहीं यदि 94 से कम है, तो आपको ऑक्सीजन लेवल को मोनिटर करना जरूरी है लेकिन अभी भी ये जरूरी नहीं कि आपको ऑक्सीजन की आवश्यकता है क्योंकि एक हेल्दी पेशेंट के ब्लड में इस सिचुएशन में भी पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन होता है।

कब पड़ती है हॉस्‍पिटल जाने की नौबत

ऑक्सीजन की होम थेरेपी में हर खतरे के साइन पर ध्यान देने और अगला स्टेप लेने के लिए तुरंत तैयार होना चाहिए। चूंकि COVID जैसी बीमारी में चीजें जल्दी खराब हो सकती हैं लिहाजा हमें सही वक्त पर इलाज और मदद मांगकर किसी की लाइफ को बचाया जा सकता है।

यहां खतरे के कुछ महत्वपूर्ण संकेत हैं, एक मरीज को ऑक्सीजन थेरेपी पर जल्द से जल्द मेडिकल इमरजेंसी की आवश्यकता हो सकती है। जैसे होंठ, चेहरा या जीभ का काला पड़ जाना, बेहोश होना या देर तक सोते रहना।

​इन तरीकों से भी हो सकता हैं ऑक्सीजन में सुधार

COVID पॉजिटिव मरीजों को प्रवण स्थिति (prone position) सोने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा ब्रीदिंग एक्सरसाइज के योग आसन (अनुलोम-विलोम, प्राणायाम) करने के लिए भी कहा जा रहा है। दिन के वक्त आप अपने कमरे के चारों ओर चक्कर लगाकर भी सांसों में सुधार कर सकते हैं।

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