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सी.एम. हेल्पलाइन से साढ़े पाँच लाख से अधिक लोगों को मिली राहत


सी.एम. हेल्पलाइन से साढ़े पाँच लाख से अधिक लोगों को मिली राहत


 


भोपाल : मंगलवार, मई 5, 2020, 15:53 IST

प्रदेश में कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन में सी.एम. हेल्पलाइन नम्बर 181 आम नागरिकों और सभी जरूरतमंदों के लिये सबसे बड़ा आसरा केन्द्र बन गया है। इस नम्बर पर अब तक 5 लाख 50 हजार 752 लोगों के फोन करने पर भोजन, राशन, दवाओं, परिवहन तथा अन्य प्रकार की राहत उपलब्ध कराई गई है। सी.एम. हेल्पलाइन किसानों के लिये भी मददगार साबित हो रही है। इस पर अब तक किसानों की फसल कटाई, फसल परिवहन आदि की 1024 समस्याओं का तुरंत निराकरण सुनिश्चित किया गया है।

सी.एम. हेल्पलाइन नम्बर 181 पर अब तक भोजन संबंधी 4 लाख 46 हजार 770, परिवहन संबंधी 29 हजार 282, दवाइयों संबंधी 30 हजार 141, आवश्यक वस्तुएं जैसे दूध, सब्जी आदि संबंधी 15 हजार 096 तथा अन्य प्रकार की 29 हजार 463 समस्याओं की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई कर सहायता मुहैया कराई गई।


समर चौहान


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Indian-origin scientist Kamlendra singh identifies 4 possible drugs to treat COVID-19 | भारतीय मूल के वैज्ञानिक का कमाल, कोरोना के इलाज के लिए 4 संभावित दवाओं की पहचान की

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वॉशिंगटन: अमेरिका में भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक और उनकी टीम ने कोविड-19 के उपचार के लिए ‘रेमडेसिविर’ सहित चार संभावित विषाणु रोधी दवाओं की पहचान की है. ये दवाएं नए कोरोना वायरस को मानव शरीर के भीतर अपनी प्रतिकृति बनाने से रोकने में कारगर हो सकती हैं. इन दवाओं में शामिल ‘रेमडेसिविर’ को मूलत: इबोला के उपचार के लिए विकसित किया गया था. 

अमेरिका के मिसौरी विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर कमलेंद्र सिंह और उनके सहकर्मियों ने कोविड-19 के उपचार में रेमडेसिविर, 5-फ्लुओरोउरासिल, रिबाविरिन और फैविपिराविर के प्रभाव को परखने के लिए कंप्यूटर आधारित दवा डिजाइन का इस्तेमाल किया. 

‘पैथोजन्स’ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट में पाया गया कि सभी चार दवाएं कोरोना वायरस के आरएनए प्रोटीन को नए कोरोना वायरस की जीनोम कॉपी बनाने से रोकने में कारगर हैं. सिंह ने कहा, “कोविड-19 के उपचार में हमारा उद्देश्य डॉक्टरों को विकल्प उपलब्ध कराने में मदद करने और अंतत: संक्रामक रोग से पीड़ित रोगियों के स्वास्थ्य सुधार में योगदान देने का है.” 

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि प्रयोगशाला में तथा रोगियों पर अभी और प्रयोग की आवश्यकता है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संभावित उपचार विषाणु के ‘आरएनए पोलीमरेज’ के प्रति किस तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त करता है. 




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UAE: शारजाह के बहुमंजिला इमारत में भीषण आग, लपटों से लाल हुआ आसमान – United arab emirates uae sharjah massive fire abbco tower

  • शारजाह में मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में आग
  • सिविल डिफेंस की टीम आग बुझाने में जुटी

संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह शहर में एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक ये हादसा अल नहदा इलाके में हुआ है. ताजा जानकारी के मुताबिक शारजाह सिविल डिफेंस की टीम आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है.

स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस बिल्डिंग मे आग मंगलवार देर शाम लगी. आग की लपटें में आसमान चारों से दिखाई दे रही थी और पूरा इलाका लाल दिखाई दे रहा था.

यूएई की स्थानीय मीडिया का कहना है कि इस इमारत में फंसे सभी लोगों को सिविल डिफेंस की टीम ने निकाल लिया है, लेकिन आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है. आग बुझाने के लिए हाइड्रोलिक दमकल मशीनों को लगाया गया है.

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आग बुझाए जाने का काम अभी जारी है. यहां आग किस वजह से लगी, इसका पता नहीं चल सका है. जानकारी के अनुसार बिल्डिंग में रहने वाले सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.

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बता दें कि शारजाह संयुक्त अरब अमीरात की तीसरी सबसे बड़ी आबादी वाला शहर है. इस शहर में बड़ी संख्या प्रवासी भारतीय भी रहते हैं.

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UP Coronavirus News: 118 New Case Found in Uttar Pradesh – UP Coronavirus News: उत्तर प्रदेश में Coronavirus के 118 नये मामले सामने आए, संक्रमितों की संख्या पहुंची तीन हजार के करीब

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UP Coronavirus News: उत्तर प्रदेश में Coronavirus के 118 नये मामले सामने आए, संक्रमितों की संख्या पहुंची तीन हजार के करीब

उत्तर प्रदेश में अभी 1836 मरीजों का इलाज चल रहा है

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के मंगलवार को 118 नये मामले सामने आने के बाद मामलों की कुल संख्या 2,880 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से देर शाम जारी एक बुलेटिन में यह जानकारी देते हुए बताया गया है कि 987 लोग स्वस्थ होकर अपने घरों को चले गए हैं जबकि कोरोना वायरस से 56 लोगों की मौत हो चुकी है. राज्य में अभी 1836 मरीजों का इलाज चल रहा है. बुलेटिन में बताया गया कि सबसे ज्यादा 16 मौतें आगरा में हुईं. मेरठ और मुरादाबाद में सात-सात, फिरोजाबाद में तीन, कानपुर में पांच मथुरा में चार और गाजियाबाद में दो लोगों की मौत संक्रमण की वजह से हुई है. 

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बता दें कि देश में जारी लॉकडाउन (COVID-19 Lockdown) के बावजूद संक्रमितों के आंकड़े में हर दिन काफी तेजी से इजाफा हो रहा है. संक्रमितों का आंकड़ा 46 हजार पार कर गया है. मंगलवार शाम को स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 46711 हो गई है. 

पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3875 नए मामले सामने आए हैं और 194 लोगों की मौत हुई है. वहीं, देश में कोरोना से अब तक 1583 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि राहत की बात यह है कि 13161 मरीज इस बीमारी को हराने में कामयाब भी हुए हैं. 


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देवीपुरा का प्राथमिक विद्यालय क्वारेंटाइन सेंटर नहीं : कलेक्टर


देवीपुरा का प्राथमिक विद्यालय क्वारेंटाइन सेंटर नहीं : कलेक्टर


दायित्व निर्वहन न करने पर ग्राम सचिव निलंबित 


भोपाल : मंगलवार, मई 5, 2020, 22:09 IST

कलेक्टर गुना श्री एस विश्वनाथन ने राघोगढ़ तहसील के ग्राम देवीपुरा के भैया लाल के संबंध में बीते दिनों चली खबरों का प्रशासन स्तर पर खंडन करते हुए कहा कि जिस स्कूल को लेकर खबरें प्रकाशित हुई है उस स्कूल को प्रशासन स्तर पर कोविड-19 के लिए क्वारेंटाइन सेंटर बनाया ही नहीं गया।

कलेक्टर ने बताया कि वह स्वयं भी ग्राम देवीपुरा पहुंचे जहाँ ग्रामीणों ने बताया कि लॉक डाउन के चलते भैयालाल हाल ही में राजगढ़ से देवीपुरा राघौगढ़ लौटा है। कोरोना वायरस के मद्देनजर ग्रामीणों ने ग्राम में और उसके रिश्तेदार ने घर में आने नहीं दिया।

कलेक्टर ने कहा कि ऐसी स्थिति में ग्राम सचिव का दायित्व होता है कि बाहर से आने वाले व्यक्ति के संबंध में प्रशासन को सूचना दे। दायित्व निर्वहन न करने के कारण ग्राम सचिव को निलंबित किया गया है। कलेक्टर द्वारा आवासहीन भैयालाल के लिए गांव में ही नया आवास दिए जाने के निर्देश दिए एवं भैयालाल को हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि जब तक भैया लाल का आवास बनकर तैयार नहीं हो जाता तब तक वैकल्पिक रूप से स्कूल भवन के एक कक्ष में उसके आवास की व्यवस्था की गई है।


प्रदीप वाजपेयी


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Three doctors fell from hospital windows in Russia amid coronovirus epidemic | कोरोनोवायरस महामारी के बीच रूस में तीन डॉक्टर अस्पताल की खिड़कियों से गिरे

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मॉस्‍को: पूरी दुनिया इस वक्‍त अपनी जान पर खेलकर कोरोना रोगियों की देखभाल करने वाले फ्रंटलाइन हेल्‍थ वर्कर्स को सलामी दे रही है लेकिन रूस से इन हेल्‍थ वर्कर्स को लेकर एक बुरी खबर आई है. पिछले दो हफ्तों में रूस में 3 डॉक्‍टर अस्पताल की खिड़कियों से बाहर गिर गए हैं.  इनमें से दो की मौत हो गई है.

शनिवार को ही वोरोनिश में एक अस्पताल की खिड़की से गिरने के बाद एक एंबुलेंस डॉक्टर अलेक्जेंडर शुलेपोव की हालत गंभीर है.  स्थानीय राज्य टेलीविजन ने कहा कि वह नोवोसाम्काया अस्पताल की दूसरी मंजिल की खिड़की से बाहर गिर गये थे, जहां वे काम करते थे और कोरोना वायरस सं‍क्रमित होने के बाद अपना इलाज करा रहे थे. 

शुलेपोव को 22 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उसी दिन उन्होंने और उनके सहयोगी अलेक्जेंडर कोश्यकिन ने एक वीडियो ऑनलाइन पोस्ट किया था जिसमें उन्‍होंने कहा था कि कोरोना पॉजिटिव आने के बाद भी उन्‍हें काम जारी रखने के लिए मजबूर किया गया था.

हालांकि, नोवुस्मास्काया अस्पताल ने एक बयान में कहा कि शुलेपोव ने जैसे ही अस्पताल प्रशासन को सूचना दी थी, तत्‍काल ही उन्‍हें संक्रामक रोगों के वार्ड में भर्ती करा दिया गया था. इसके तीन दिन बाद शुलेपोव ने अपने पिछले बयानों को वापस ले लिया था.

इसी तरह 1 मई को साइबेरियाई शहर क्रास्नोयार्स्क के एक अस्पताल के कार्यवाहक मुख्य चिकित्सक ऐलेना नेपोन्माश्या की क्षेत्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान कथित तौर पर खिड़की से गिर गए और उनकी मौत हो गई.

नेपोमनीश्‍च्‍या को लेकर रिपोर्ट की गई थी कि वे अस्पताल में सेफ्टी गियर की कमी के कारण चिकित्सा सुविधा में बदलाव करने का विरोध कर रहे थे. हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय के क्षेत्रीय स्वास्थ्य विभाग ने इन आरोपों से इनकार किया.

वहीं 24 अप्रैल को रूस की स्टार सिटी में आपातकालीन चिकित्सा सेवा के प्रमुख नताल्या लेबेडेवा का अस्पताल में गिरने के बाद निधन हो गया था.




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Aarogya Setu ऐप में मिली खामी, 9 करोड़ यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में, फ्रेंच हैकर का दावा – French hacker robert baptiste known for aadhaar leak claims 90 million aarogya setu users are at risk ttec

भारत का कोरोना ट्रैकिंग मोबाइल ऐप Aarogya Setu ऐप में एक खामी मिली है जिसकी वजह से 9 करोड़ यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में है. ये दावा किया है एक फ्रेंच हैकर ने. साथ ही इन्होंने ये भी कहा है कि राहुल गांधी ने इस ऐप के बारे में सही ही कहा है.

पॉपुलर फ्रेंच हैकर Robert Baptiste ने कहा है कि उन्होंने Aarogya Setu ऐप में बड़ी खामी ढूंढी है. उन्होंने एक ट्वीट में Aarogya Setu ऐप को टैग करते हुए कहा है, ‘AarogyaSetu ऐप की सिक्योरिटी में खामी मिली है. 9 करोड़ भारतीय यूजर्स की प्राइवेसी रिस्क पर है, क्या आप प्राइवेट में कॉन्टैक्ट कर सकते हैं’

इस ट्वीट में उन्होंने ये भी लिखा है कि राहुल गांधी ने Aarogya Setu ऐप को लेकर जो कहा था वो सही है. बता दें कि हाल ही में राहुल गांधी ने एक ट्वीट करके Aarogya Setu ऐप को यूजर्स की प्राइवेसी के खिलाफ बताया है.

Robert Babiste के बारे में अगर आप नहीं जानते तो बता दें कि इस फ्रेंच हैकर ने आधार लीक का खुलासा किया था. इसके अलावा भी दुनिया भर के कई डेटा लीक्स का ये खुलासा कर चुके हैं.

इस ट्वीट के लगभग एक घंटे के बाद रॉबर्ट ने एक बार फिर से ट्वीट किया. इस ट्वीट में उन्होंने दावा किया है कि आरोग्य सेतू ऐप को लेकर उनके ट्वीट के 49 मिनट के बाद मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक एंड इनफॉर्मेशन टेक्नॉलजी ने उनसे संपर्क किया है.

दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा है, ‘मेरे ट्वीट के 49 मिनट के बाद कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम यानी CERT और नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) की टीम ने संपर्क किया और मैने इस ऐप की खामी के बारे में उन्हें बताया है’

गौरतलब है कि CERT और NIC दोनो ही भारत सरकार संस्था हैं. आरोग्य सेतू ऐप का डेवलपर NIC ही है.

फ्रेंच हैकर ने ये भी कहा है कि भारत के 9 करोड़ यूजर्स की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अब तक इस ऐप की खामी को पब्लिक नहीं किया है. उन्होंने कहा है कि वो इस खामी के ठीक किए जाने का इंतजार कर रहे हैं और इसके बाद इसके बारे में बताएंगे.

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People of Tablighi Jamaat are praying for doctors in Ramadan – रमज़ान में डॉक्टरों के लिए दुआ मांग रहे हैं तबलीग़ी जमात के लोग

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रमज़ान में डॉक्टरों के लिए दुआ मांग रहे हैं तबलीग़ी जमात के लोग

तबलीगी जमात के लगभग 800 लोग नरेला क्वारेंटीन सेंटर में हैं और अपने घर वापस जाना चाहते हैं (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

रमजान का पाक महीना नरेला क्वारेंटीन सेंटर में कई लोगों के लिए सूना रहा क्योंकि तबलीग़ी जमात के ज़्यादातर कार्यकर्ता जो यहां हैं वो अपने परिवारों से दूर हैं वापस जाने की कोई राह अभी दिख नहीं रही. लेकिन जब ये तबलीगी जमात के सदस्य इफ्तार के लिए शाम को इकट्ठा होते हैं, तो वे अपनी जान बचाने के लिए न केवल अल्लाह को बल्कि सफ़ेद कोट वाले फ़रिश्तों को भी याद करते हैं और उनका शुक्रिया अदा करते हैं. 42 वर्षीय मोहम्मद गौस ने एनडीटीवी को फोन पर बताया, “डॉक्टर मेरे लिए फरिश्ता की तरह हैं. हर दिन जब मैं नमाज के लिए घुटने टेकता हूं तो मैं उन सभी डॉक्टरों को याद करता हूं जो बिना किसी पक्षपात के एक महीने तक मेरी देखभाल करते थे जब मुझे एम्स झज्जर में भर्ती कराया गया था.” 

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उनके अनुसार डॉक्टरों और नर्सों के इलाज और प्यार ने उन्हें पूरी तरह से ठीक होने में मदद की. तमिलनाडु के रहने वाले गौस ने कहा, “जब मैं झज्जर पहुंचा तो मैं डर गया क्योंकि तबलीग को दिल्ली में कोरोना फैलाने के लिए दोषी ठहराया जा रहा था. लेकिन सभी मेडिकल स्टाफ ने मुझे यक़ीन दिलाया और बिना किसी भेदभाव के उन्होंने मेरी देखभाल की.​​” दिल्ली में अब उन्हें दो महीने हो चले हैं और अब वो अपने गांव जाना चाहते हैं. “अब जब मैं ठीक हूं तो मैं वापस जाना चाहता हूं लेकिन मुझे पता नहीं है कि मुझे कब अनुमति दी जाएगी.” गौस अकेले नहीं हैं. तबलीगी जमात के लगभग 800 लोग नरेला क्वारेंटीन सेंटर में हैं और अपने घर वापस जाना चाहते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण फंस गए हैं.

एक वरिष्ठ स्तर के एक अधिकारी ने एनडीटीवी को बताया, “इनमें से ज़्यादातर लोग तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के हैं. लॉकडाउन के कारण कोई इंटर डिस्ट्रिक्ट मूवमेंट हो नहीं रही इसीलिए वापस नहीं जा सकते.” उनके अनुसार अब ट्रेनें शुरू हो गई हैं, लेकिन यह अब तमिलनाडु और आंध्र सरकार पर निर्भर करता है कि वो कितनी जल्दी उन्हें वापस जाने की अनुमति देंगे.

अब्दुल रशीद पेशे से एक दर्जी हैं और असम के निवासी हैं. वह भी पिछले एक महीने से नरेला क्वारेंटीन सेंटर में फंसे हुए हैं. वे बताते हैं, “मैं 1 मार्च को मर्कज आया था और 30 दिनों के लिए वहां था. मेरे समूह के साथ अप्रैल में हम अस्पताल में शिफ्ट हुए थे. मेरा टेस्ट नेगेटिव था लेकिन मेरे ग्रुप के अन्य लोगों का टेस्ट पॉजिटिव आया था.” उनके अनुसार झज्जर के एम्स में एक महीने के लिए 35 लोगों के पूरे समूह का इलाज किया गया था. उन सभी की नेगेटिव रिपोर्ट के बाद उन्हें नरेला भेज दिया गया. “मैं अपने परिवार को याद करता हूं और उनके साथ रहना चाहता हूं. उम्मीद है कि हम ईद एक साथ मना पाएंगे.” रशीद द्वारका क्वारेंटीन केंद्र में है.

अमरावती के रहने वाले अरशद अहमद ने COVID-19 महामारी से लड़ने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए साथी नागरिकों से सकारात्मक आग्रह किया. अब अहमद ने कई अन्य लोगों के साथ मिलकर अन्य COVID-19 रोगियों के इलाज के लिए प्लाज्मा दान करने की स्वेच्छा से काम किया है.

तबलीगी जमात के सदस्यों द्वारा डॉक्टरों और नर्सों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की घटनाओं पर अहमद ने कहा कि जमात सदस्यों ने गलतफहमी में गलत व्यवहार किया कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. 26 मार्च को निज़ामुद्दीन मरकज़ में शामिल हुए अहमद की 31 मार्च को टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें करोनावायरस के इलाज के लिए हरियाणा के झज्जर भेजा गया था. मार्च में निज़ामुद्दीन मर्कज से लगभग 3000 भारतीय और 800 विदेशी तबलीगी जमात सदस्यों को निकाला गया था.

गृह मंत्रालय के डेटा के अनुसार उनमें से 1080 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई. जिनमें लक्षण दिख रहे थे उन लोगों क्वारेंटीन सेंटरों में भेजा गया था. आंकड़ों के अनुसार उनमें से 150 का इलाज एम्स में, 80 जीटीबी में, 30 डीडीयू में, 200 एलएनजेपी में और 130 राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में किया गया. रविवार को, सशस्त्र बलों ने कोरोना योद्धाओं के सम्मान में फ्लाईपास्ट, फूलों की वर्षा, बैंड और लिट-अप युद्धपोतों के साथ पिच किया था. 


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नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) मीडिया बुलेटिन


नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) मीडिया बुलेटिन


 


भोपाल : मंगलवार, मई 5, 2020, 20:10 IST

नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) मीडिया बुलेटिन…..(क्लिक करें)


राजेश पाण्डेय


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इस देश की सरकार ने वेतन की कटौती पर किया ये फैसला, लाखों भारतीय होंगे प्रभावित

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कोरोना वायरस प्रकोप ने न केवल डेढ़ लाख से ज्‍यादा जानें ली हैं, बल्कि दुनिया भर की अर्थव्‍यवस्‍था को ऐसा करारा झटका दिया है, जिससे उबरने में उसे सालों लग जाएंगे.


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