राजस्थान के मुख्यमंत्री आवास का ड्राइवर कोरोना वायरस से संक्रमित हो गया है. 59 साल का ये शख्स जयपुर के बजाज नगर का रहने वाला है. उम्रदराज होने की वजह से इसे पहले ही छुट्टी पर भेज दिया गया था. लेकिन 3 दिन पहले इस व्यक्ति की तबियत खराब हो गई थी.
कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर शख्स को सीकेएस अस्पताल में चेकअप के लिए लाया गया. यहां पर इस शख्स को कोरोना सैंपल भी लिया गया था. आज जांच रिपोर्ट आने पर ये व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिला है.
बजाज नगर में कर्फ्यू
अब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इस व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान कर रहे हैं. पुलिस ने कहा है कि अब बजाज नगर में एहतियान कर्फ्यू लगाया जा रहा है. इस दौरान पूरी पाबंदी रहेगी.
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राजस्थान में 3 हजार के पार कोरोना संक्रमित केस
राजस्थान में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की कुल संख्या 3061 हो चुकी है, जबकि 1394 लोग यहां इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं. 77 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है.
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अगर देश भर की बात करें तो इस समय 31967 कोरोना के एक्टिव केस हैं, 13160 लोगों का इलाज किया जा चुका है, जबकि इलाज के दौरान 1583 लोगों की मौत हो चुकी है.
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उम्मीद है कि मई के अंत तक इस किट के ज़रिए टेस्ट मुमकिन हो सकेगा.
नई दिल्ली:
सीएसआईआर – आईजीआईबी और टाटा सन्स के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं. दरअसल, सीएसआईआर-आईजीआईपी ने CRISPR-Cas9 टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके एक स्ट्रिप के ज़रिए कोविड के टेस्टिंग की तकनीक का इज़ाद किया है. टाटा अब रैपिड डायग्नोसिस वाली इस किट को बनाएंगे. इस तकनीक के ज़रिए दावा है कि डेढ़ से दो घंटे में कोविड टेस्ट मुमकिन है और कीमत भी 500 रुपये के आसपास ही आएगी. ये टेस्ट एक स्ट्रिप के ज़रिए होता है जिसका नाम दिया गया है पेपर बेस्ड टेस्ट. ये स्ट्रिप एक चार्ज्ड मेम्ब्रेन होती है. उम्मीद है कि मई के अंत तक इस किट के ज़रिए टेस्ट मुमकिन हो सकेगा.
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बता दें कि वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद ने दावा किया है कि कोरोनावायरस से उपजने वाली बीमारी COVID-19 की जांच के लिए उनकी प्रयोगशाला IGIB ने पेपर-बेस्ड टेस्ट तैयार किया है, जो न केवल जल्दी नतीजे देगा, बल्कि काफी सस्ता भी होगा.CSIR के महानिदेशक डॉ शेखर मांडे ने NDTV को बताया कि उनकी प्रयोगशाला IGIB ने क्रिस्पर कैश सिस्टम का प्रयोग कर पेपर-बेस्ड टेस्ट तैयार किया है, जिसे रेगुलेटरी अप्रूवल का इंतज़ार है. उनका कहना है कि इस टेस्ट की कॉस्टिंग बहुत कम रहेगी, और यह जल्दी के साथ-साथ कतई एक्यूरेट नतीजे देगा. डॉ मांडे के मुताबिक, इस टेस्ट की कीमत लगभग 500 रुपये होगी.
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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार कोरोना संक्रमण के कारण विभिन्न प्रदेशों में फँसे श्रमिकों को वापस लाने की कार्यवाही सतत जारी है। अभी तक करीब 70 हजार श्रमिक प्रदेश में वापस लाये जा चुके हैं।
राज्य शासन द्वारा कोरोना संक्रमण के कारण अन्य प्रदेशों में फँसे मध्यप्रदेश के एक लाख 5 हजार श्रमिकों के खाते में 10 करोड़ 50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिये गये हैं। प्रत्येक श्रमिक के खाते में एक हजार रुपये भेजे गये हैं।
अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी स्टेट कंट्रोल-रूम श्री आई.सी.पी. केशरी ने जानकारी दी है कि मुख्य रूप से आज गुजरात से 2 हजार लोग लाये गये हैं। वापस लाये गये श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उनके गृह स्थानों में भेजा जा रहा है।
श्री केशरी ने बताया है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में फँसे मध्यप्रदेश के ही करीब 45 हजार श्रमिकों को पिछले 10 दिनों में उनके गृह स्थान पहुँचाया गया है।
आज महाराष्ट्र से रवाना हुई एक ट्रेन महाराष्ट्र से श्रमिकों को लेकर 5 मई को एक ट्रेन रवाना हुई है। महाराष्ट्र से ही 6 मई को 3 ट्रेन और केरल से एक ट्रेन रवाना होगी। महाराष्ट्र से कुल 22 ट्रेन मध्यप्रदेश आयेंगी। तेलंगाना से 2 ट्रेन आयेंगी। हरियाणा से 2 ट्रेन और दिल्ली से एक ट्रेन 7 मई को रवाना होगी। शेष ट्रेनों को भी शीघ्र चलवाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
नई दिल्ली: चीन के वुहान में पैदा हुए कोरोनावायरस ने पूरी दुनिया में चीन को शक की निगाहों से देखने पर मजबूर कर दिया है. अब तो देश उस पर व्यापार के मामले में भी भरोसा करने से कतरा रहे हैं. भारत भी इनमें से एक है और वह चीन पर से निर्भरता खत्म करने के लिए तैयारी शुरू कर चुका है. इस मामले में एक बड़ी खबर आई है कि किस तरह भारत सरकार अपने देश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहती है.
जमीन हो रही तैयार भारत में निवेश करने वाली कंपनियों के लिए भूमि अधिग्रहण सबसे बड़ी बाधाओं में से एक रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य सरकारें इस मामले पर साथ मिलकर काम कर रही हैं ताकि यहां आने वाले निवेशकों को जमीन मिलने में कोई कठिनाई न हो. ये वो निवेशक होंगे जो कोरोना वायरस प्रकोप के बाद चीन के बजाय कहीं और निवेश करना चाहेंगे और भारत उसके लिए उन्हें जमीन और बाकी सुविधाएं देगा.
पता चला है कि भारत एक ऐसा लैंड पूल विकसित कर रहा है जिसका आकार यूरोपीय देश लक्जमबर्ग के आकार से लगभग दोगुना है. इसे इसलिए विकसित किया जा रहा है ताकि चीन से बाहर जाने वाले उद्योगों को भारत आने के लिए लुभाया जा सके.
लक्जमबर्ग से दोगुनी जगह तय हुई लक्जमबर्ग 2,43,000 हेक्टेयर में फैला है. वहीं ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े इस खास मकसद के लिए देश भर में 4,61,589 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान की गई है, जो लक्जमबर्ग से करीब दोगुनी है. इस क्षेत्र में गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों की 1,15,131 हेक्टेयर मौजूदा औद्योगिक भूमि शामिल है.
सरकार का मानना है कि बिजली, पानी और सड़क की सुविधा के साथ भूमि उपलब्ध कराने से कोरोना वायरस के कारण धीमी गति से चल रही अर्थव्यवस्था को नए निवेश आकर्षित करने में मदद मिल सकती है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए जिन क्षेत्रों पर फोकस किया है उनमें- विद्युत, फार्मास्युटिकल्स, चिकित्सा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, भारी इंजीनियरिंग, सौर उपकरण, खाद्य प्रसंस्करण, रसायन और वस्त्र शामिल हैं.
जानकारी के अनुसार, अब तक सरकार की निवेश एजेंसी इन्वेस्ट इंडिया में मुख्य रूप से जापान, अमेरिका, दक्षिण कोरिया और चीन से इंक्वायरी आई हैं. यही चार देश भारत के शीर्ष 12 व्यापारिक भागीदारों में से हैं, जिनका कुल द्विपक्षीय व्यापार 179.27 बिलियन डॉलर का है.
इसके अलावा, राज्यों को विदेशी निवेश में लाने के लिए अपने स्वयं के कार्यक्रमों को विकसित करने के लिए भी अलग से कहा गया है. गौरतलब है कि निवेशकों को लुभाने के लिए तेजी से रणनीति बनाने के कदमों पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री ने 30 अप्रैल को एक बैठक भी की थी.
कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉकडाउन किया गया है. जिसकी वजह से लोगों का आना-जाना बंद है. जिसका खामियाजा सबसे ज्यादा गरीबों और प्रवासी मजदूरों को उठाना पड़ा रहा है. ऐसी ही एक खबर छत्तीसगढ़ से आई है. एक मजदूर महिला अपने परिवार के साथ पैदल चलकर तेलंगाना से छत्तीसगढ़ अपने गांव राजनांदगांव जा रही थी. उसी दौरान महिला को प्रसव पीड़ा हुई और हाईवे के किनारे पर खुले आसमान के नीचे महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया.
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की रहने वाली महिला अनीता गर्भवती थी और हाईवे एनएच- 44 से होते हुए तेलंगाना से छत्तीसगढ़ पैदल अपने गांव जा रही थी. तभी रास्ते में उसे प्रसव पीड़ा हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया. यह घटना नरसिंगी मंडल के जप्ती शिवनुर गांव में करीब सुबह 4 बजे की है.
हाईवे पर हुआ बच्चे का जन्म
घटना के बारे में जानने के बाद, स्थानीय सब-इंस्पेक्टर ने प्रवासी मजदूरों के समूह की मदद करते हुए मां-बच्चे को एक निजी एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया. मां और बच्चा अब पूरी तरह से स्वस्थ है कुछ दिनों बाद उन्हें उनके घर पहुंचा दिया जाएगा.
बच्चा
महिला के पति ने कहा कि हैदराबाद से लगभग 70 किलोमीटर दूर चलने के बाद उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई और बाद में सड़क के किनारे बच्चे को जन्म दिया. दंपति का पहले से ही एक तीन साल का बेटा है जो लॉकडाउन में उनके साथ पैदल चल रहा था.
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मुंबई में अब शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी. बीएमसी ने भीड़ को देखते हुए अपना पूर्व में दिया आदेश वापस ले लिया. बीएमसी आयुक्त की तरफ से जारी ताजा दिशानिर्देश के अनुसार, ‘मुंबई में सभी गैरजरूरी दुकानें बंद रहेंगी. सिर्फ किराने की दुकान और मेडिकल स्टोर जैसी जरूरी दुकानों को खोलने की इजाजत होगी.’ बता दें कि लॉकडाउन के तीसरे चरण की शुरुआत सोमवार से हुई और इस दौरान देश के कई राज्यों में शराब के दुकानों को सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखकर खोलने की इजाजत दी गई थी. हालांकि देश के कई शहरों में शराब के ठेकों पर भीड़ उमड़ पड़ी और सोशल डिस्टेसिंग की जमकर धज्जियां उड़ी.
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बता दें कि कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र में इसके संक्रमण के 15 हजार से ज्यादा मामले सामने आए चुके हैं और मुंबई देश का एकमात्र ऐसा शहर है जहां करीब 10 हजार कोरोना संक्रमण के मामले हैं. मुंबई में बीते 24 घंटे में कोरोनावायरस के 635 नए मामले सामने आए और इस दौरान 26 लोगों की मौत हो गई.
मुंबई में अब तक 387 लोगों की इस वायरस से जान जा चुकी है. इसके साथ ही मुंबई में कोरोना संक्रमितों की संख्या 9 हजार 945 हो गई. वहीं, पूरे महाराष्ट्र की बात की जाए तो वहां बीते 24 घंटे में कोरोना के 841 नए मामले सामने आए हैं और यहां मरने वालों की संख्या 617 हो गई है.
प्रदेश में अब तक 45 लाख 10 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ का उपार्जन
भोपाल : मंगलवार, मई 5, 2020, 22:05 IST
प्रदेश में इस वर्ष रबी सीजन में अब तक 45 लाख 10 हजार 535 मीट्रिक टन गेहूँ की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा चुकी है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी के लिये इस वर्ष खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने 4 हजार 507 केन्द्र बनाये हैं।
प्रदेश में अब तक 8 लाख 6 हजार 206 किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी की जा चुकी है। कुल उपार्जित गेहूँ में से 36 लाख 79 हजार 365 मीट्रिक टन गेहूँ का सुरक्षित रूप से परिवहन किया जा चुका है जो कुल खरीदी का 81 प्रतिशत से अधिक है। खरीदे गये गेहूँ का किसानों को 4 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान ई-प्रक्रिया के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है।
चना, मसूर और सरसों की खरीदी
रबी सीजन में किसानों से चना, मसूर और सरसों की खरीदी की जा रही है। सीजन में 1754 किसानों से एक हजार 796 मीट्रिक टन चना, मसूर और सरसों की खरीदी की जा चुकी है। प्रदेश में खरीदी के लिये 875 केन्द्र बनाये गये हैं।
अगर आपके आस-पास में कोई ऐसा व्यक्ति है, जो उदासी, अवसाद या अकेलेपन का शिकार हो रहा हो तो आप उसे रोज योग और एक्सर्साइज करने की सलाह देकर उसकी दिक्कतें आसान कर सकते हैं…
बायो कैमिकल चेंजेज
-नियमित एक्सर्साइज करने से हमारे शरीर में इंडोर्फिन हॉर्मोन का स्तर बढ़ता है। यह हमारे मूड को बेहतर बनाने का काम करता है। इंडोर्फिन के कारण हम लंबे समय तक खुद को लाइट और स्ट्रेस फ्री फील करते हैं। इसलिए अगर आपको एक्सर्साइज करना पसंद ना हो तो 30 मिनट के लिए म्यूजिक चलाकर डांस भी कर सकते हैं।
-रोज योग और व्यायाम करना हमारे शरीर में स्थित एड्रिनल ग्लैंड को ऐक्टिवेट करता है, इससे हमारे शरीर में एनर्जी का लेवल हाई होता है। जब हम खुद को ऊर्जावान महसूस करते हैं तो हम पर तनाव और अवसाद का प्रभाव कम होता है। यदि नियमित रूप से ऐसा किया जाए तो हम इन मानसिक समस्याओं से पूरी तरह भी बाहर आ सकते हैं।
-नियमित तौर पर फिजिकल ऐक्टिविटीज करने से हमारे मस्तिष्क में डोपामाइन का सीक्रेशन बढ़ता है। यह हॉर्मोन एक प्लेजर हॉर्मोन कहलाता है, जो हमारे मूड को लाइट कर हमें खुशी का अहसास कराता है।
मानसिक तनाव दूर करने का सबसे आसान तरीका
योग और व्यायाम से शारीरिक बदलाव
– नियमित रूप से योग करने पर हमारे शरीर का एक्स्ट्रा फैट पिंघलने लगता है। हमारी बॉडी शेप में आने लगती है। ऐसे में खुद को देखकर खुशी होती है और हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है। बढ़ा हुआ कॉन्फिडेंस हमें अवसाद और तनाव जैसी दिक्कतों से दूर रखता है।
– रोज एक्सर्साइज करने से हमारा एनर्जी लेवल हाई होता है। जब हम खुद को ऊर्जावान अनुभव करते हैं तो अपना हर काम निश्चित समय पर और सही तरीके से पूरा कर पाते हैं। ऐसा करने से भी हमारे मन को खुशी मिलती है और तनाव का स्तर घटता है।
– दिन का पूरा उपयोग होता है और जीवनशैली सही रहती है। आपको लगता है कि आपके काम की गुणवत्ता और संख्या बढ़ी है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि रोज एक्सर्साइज करने से हमारी मानसिक एकाग्रता में बढ़ोतरी होती है। जब हम शांत और एकाग्र मन से कोई काम करते हैं तो हमें परिणाम भी उसी के अनुसार अच्छे मिलते हैं।
तनाव को कैसे दूर करें?
नींद की गुणवत्ता
– एक्सर्साइज करने से हमारी नींद की गुणवत्ता अच्छी होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब नियमित रूप हम व्यायाम करते हैं तो हमारे मस्तिष्क में मेलाटोनिन हॉर्मोन का उत्पादन बढ़ जाता है। मेलाटोनिन हॉर्मोन हमारी नींद के साइकल को मेंटेन करता है।
– मेलाटोनिन से हमारा दिमाग शांत होता है, नींद गहरी आती है और नींद क्रम बना रहता है। यानी नींद अच्छी तरह और पूरी आती है। इससे जब आप नींद से जागते हैं तो खुद को बहुत अधिक ऊर्जावान अनुभव करते हैं।
अच्छी नींद के लिए क्या करें?
पाचन तंत्र पर एक्सर्साइज का असर
-नियमित रूप से एक्सर्साइज करना हमारे पाचन तंत्र को बूस्ट कर देता है। इससे हमें समय पर और ठीक प्रकार से भूख लगती है। आमतौर पर डिप्रेशन या अवसाद के मरीजों को भूख कम लगती है और नींद भी कम आती है।
– जबकि रोज योग और व्यायाम के जरिए इन दोनों समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है। हालांकि डिप्रेशन के कुछ मरीजों में नींद अधिक आने और भूख भी बहुत अधिक लगने के लक्षण दिखाई पड़ते हैं। इसका
– हाई बीपी या हाइपर टेंशन और शुगर की बीमारी डिप्रेशन की एक बड़ी वजह मानी जाती है। जबकि नियमित एक्सर्साइज से ब्लड प्रेशर और डायबिटीज दोनों को नियंत्रित किया जा सकता है।
एक्सपर्ट: यह आर्टिकल मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज (दिल्ली) में कार्यरत सीनियर सायकाइट्रिस्ट डॉक्टर राजेश कुमार से बातचीत पर आधारित है। ये पिछले 10 साल से इस क्षेत्र में कार्यरत हैं और बतौर एक्सपर्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
महाराष्ट्र में कोरोना का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. यहां अन्य राज्यों के मुकाबले इस महामारी के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. महाराष्ट्र में मंगलवार को पिछले 24 घंटे में कोरोना के 841 नए मामले सामने आए. वहीं, इस संक्रमण से पिछले 24 घंटे में 34 लोगों की मौत हो गई. इसके साथ ही महाराष्ट्र में जहां कुल कोरोना मरीजों की संख्या 15,526 हो गई है, तो वहीं मरने वालों की तादाद 617 है.
महाराष्ट्र में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों ने राज्य सरकार के लिए चिंता की लकीरें बढ़ा दी हैं. लॉकडाउन लागू होने के बावजूद रोजाना बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो रही है. वहीं, मुंबई में कोरोना से सबसे ज्यादा लोग संक्रमित हैं. अकेले मुंबई में कोरोना के आधे से ज्यादा मरीज हैं.
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मुंबई शहर में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 635 नए मामले सामने आए, तो वहीं 26 और लोगों की मौत हो गई. इस तरह मुंबई में कोरोना के 9945 केस सामने आ चुके हैं. मुंबई शहर में कोरोना वायरस के संक्रमण से अब तक 387 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, एशिया का सबसे बड़ा स्लम धारावी बुरी तरह कोरोना की चपेट में है. यहां पर आज 33 नए केस सामने आए हैं. धारावी में कोरोना के कुल 665 मामले हो गए हैं और 20 लोगों की मौत हो चुकी है. अब तक 196 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें…
महाराष्ट्र में अब तक 2819 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं. इसके अलावा फिलहाल महाराष्ट्र में 1,99,182 लोग होम क्वारनटीन और 12,456 इंस्टीट्यूशनल क्वारनटीन हैं.
देश में कितने केस
देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 46 हजार 700 से ज्यादा हो गया है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 46 हजार 711 कंफर्म केस की पुष्टि हो चुकी है. इसमें 1583 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. राहत की बात है कि रिकवरी रेट 27 फीसदी के ऊपर पहुंच गया है. अब तक 13 हजार 161 लोग ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं.
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