Lockdown Extension News: देश में जारी कोरोना संकट के बीच तेलंगना (Telangana) में लॉकडाउन (Lockdown) को 29 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है. मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (KCR) ने इसकी घोषणा की. लॉकडाउन बढ़ाने के साथ-साथ वहां कई नए दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं. 7 घंटे की कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा, ‘लोग चाहते हैं कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाय. मैंने प्रधानमंत्री को अपने फैसले के बारे में सूचित कर दिया है.’ केसीआर ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से रेड जोन में भी दुकानें खोलने के आदेश हैं लेकिन हम हैदराबाद, मेड़चल, सूर्यपेट, विकाराबाद में कोई भी दुकान नहीं खोल रहे हैं.
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Public should complete purchase of essential items by 6 pm and they should reach their residences. There will be curfew in the state from 7 pm. If anyone is found outside, police will initiate action: Telangana CM K. Chandrashekar Rao pic.twitter.com/OFJxYj74Ks
मुख्यमंत्री केसीआर ने कहा कि जनता को शाम 6 बजे तक आवश्यक वस्तुओं की खरीद पूरी कर लेनी चाहिए और जल्द से जल्द उन्हें अपने घर तक पहुंचना चाहिए. शाम 7 बजे से राज्य में कर्फ्यू रहेगा. उन्होंने कहा कि इस दौरान अगर किसी को बाहर पाया जाता है तो पुलिस कार्रवाई करेगी. मालूम हो कि पूरे देश में 17 मई तक लॉकडाउन लगाया गया है.
बता दें कि तेलंगाना में अब तक 1,096 कोरोनोवायरस के मामले हैं. इनमें से 439 लोग इलाज करा रहे हैं जबकि 628 लोग इस बीमारी से अब तक ठीक हो चुके हैं.
उधर, देश में जारी लॉकडाउन (COVID-19 Lockdown) के बावजूद संक्रमितों की संख्या में हर दिन काफी तेजी से इजाफा हो रहा है. संक्रमितों का आंकड़ा 46 हजार पार कर गया है. मंगलवार शाम को स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 46711 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3875 नए मामले सामने आए हैं और 194 लोगों की मौत हुई है. वहीं, देश में कोरोना से अब तक 1583 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि राहत की बात यह है कि 13161 मरीज इस बीमारी को हराने में कामयाब भी हुए हैं.
मध्यप्रदेश में एक दिन में रिकॉर्ड 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन
अभी तक हुआ 45 लाख मीट्रिक टन मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गेहूं उपार्जन कार्य की समीक्षा की
भोपाल : मंगलवार, मई 5, 2020, 21:22 IST
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में गेहूं उपार्जन की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में किसानों से गेहूं खरीदी का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। मंगलवार 4 मई को एक दिन में रिकॉर्ड पाँच लाख मीट्रिक टन से अधिक खरीदी हुई। राज्य में अब तक आठ लाख किसानों से कुल 45 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी की जा चुकी हैं। गत वर्ष जो खरीदी 40 दिन में हुई थी वह इस वर्ष 20 दिन में ही हो गई है। चार लाख 90 हजार किसानों को उपार्जित गेहूं की राशि 4,175 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिन जिलों में अधिक उत्पादन हुआ है, उन जिलों से अनुमानित उपार्जन का विस्तृत विवरण प्राप्त किया जाए। इससे निकट भविष्य में भंडारण और अन्य व्यवस्थाओं में असुविधा नहीं होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बारदाना व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि 100 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं के लिए बारदाना व्यवस्था की जा चुकी है। प्रमुख सचिव कृषि श्री अजीत केसरी ने बताया कि मंडियों के खुलने से उपार्जन कार्य सरल हुआ है। सौदा पत्रक व्यवस्था का लाभ तीन चौथाई कृषकों द्वारा लिया जा चुका है। मसूर चना और सरसों के उपार्जन के लिए भी निरंतर एसएमएस भेजे जा रहे हैं और इस कार्य को गति मिल रही है।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस और संबंधित उपस्थित थे।
कोर्ट ने पूछा- सेशन कोर्ट में क्यों नहीं लगाई याचिका
वकील ने कहा- सेशन कोर्ट को अर्जेंट नहीं लगा मामला
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बीच फरवरी में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हिंसा भड़क उठी थी. इस मामले में पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी है, जिसमें शाहरुख को भी आरोपी बनाया गया है, जिसे पत्थरबाजी के दौरान फायरिंग करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था. शाहरुख के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी.
शाहरुख की जमानत याचिका पर मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान शाहरुख के वकील से पूछा कि जमानत के लिए उन्होंने निचली अदालत के सेशन कोर्ट में याचिका क्यों दायर नहीं की? इस पर आरोपी के वकील ने कोर्ट को बताया कि सेशन कोर्ट को मामला अर्जेंट नहीं लगा. कोर्ट ने जमानत याचिका को अभी सुनवाई के योग्य नहीं समझा.
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शाहरुख के वकील की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत यानी कड़कड़डूमा कोर्ट के सेशन कोर्ट को आदेश देते हुए कहा कि आरोपी की जमानत याचिका सुनें. हाईकोर्ट ने कड़कड़डूमा कोर्ट से शाहरुख की जमानत याचिका दायर होने के बाद दो दिन के अंदर सुनवाई करने को कहा है.
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बता दें कि शाहरुख ने हिंसा के दौरान एक पुलिसकर्मी पर पिस्टल तान दी थी. उस पर फायरिंग करने का भी आरोप है. बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान भड़की हिंसा में 50 से अधिक नागरिकों की मौत हो गई थी, जबकि लगभग दो सौ लोग घायल हो गए थे.
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देश में जारी कोरना संकट के बीच कोरोनावायरस वैक्सीन कार्यक्रम (Coronavirus Vaccine Program) की प्रगति को लेकर में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता में आज महत्वपूर्ण बैठक हुई.
कोरोना से उपजे आर्थिक संकट से उबरने बदले श्रम कानून
मध्यप्रदेश ने प्रस्तुत किया उदाहरण मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की औद्योगिक संगठनों से बातचीत
भोपाल : मंगलवार, मई 5, 2020, 21:00 IST
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संकट के संदर्भ में औद्योगिक गतिविधियों को बल देने के लिए राज्य सरकार प्रत्येक आवश्यक कदम उठाएगी। मध्यप्रदेश में नए निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सभी श्रेणियों के उद्योगों को आवश्यक रियायतें दी जाएंगी। राज्य सरकार ने श्रम कानूनों में संशोधन की पहल भी इसी उद्देश्य से की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर रहे थे। इस चर्चा में अनेक औद्योगिक संगठनों ने मध्यप्रदेश सरकार की श्रम कानून बदलने की पहल को क्रांतिकारी बताते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विश्वव्यापी कोरोना के संकट के कारण सिर्फ शरीर को कष्ट नहीं हुआ है, बल्कि कोरोना ने अर्थव्यवस्था को भी बहुत प्रभावित किया है। इस संकट को अवसर में बदलने के लिए इस सप्ताह निरंतर की गई एक्सरसाइज के फलस्वरूप कुछ श्रम कानून बदले गए हैं। जिनकी स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त करना है, वे प्रक्रिया में हैं। इन सभी प्रयासों से कारखानों के प्रबंधन जो सुविधाएं प्राप्त करेंगे उनसे अर्थव्यवस्था में सुधार का कार्य संभव होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि औद्योगिक संगठन के पदाधिकारियों के सुझावों पर राज्य सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का कहना है कि जान भी है और जहान भी है। मध्यप्रदेश में अगले एक हजार दिन तक बहुत से श्रम कानून शिथिल किए जाएंगे। प्रमुख रूप से कारखाना अधिनियम 1948 के प्रावधानों को शिथिल किया जाएगा। कारखानों में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन का प्रावधान रहेगा। रजिस्टर से मुक्ति और कारखानों में शिफ्ट में संशोधन का अधिकार कारखानों को होगा।
श्री चौहान ने उद्योगपतियों से कहा कि अर्थव्यवस्था कैसे पटरी पर आए, इसके प्रयास सभी को मिलजुलकर करने हैं। हम पार्टनर हैं, साथी हैं, इस नाते निर्माण क्षेत्र, रियल स्टेट, व्यापार, वाणिज्य सभी का विकास हो, यह व्यवस्था करनी है।
किसने क्या कहा
श्री दिनेश पाटीदार (फिक्की) : आप निवेश के लिए लेबर लॉस में जो बदलाव कर रहे हैं, वह सराहनीय हैं। हम सहयोग करेंगे। निश्चित ही राज्य में नया निवेश आएगा। प्रदेश में बिना भीड़ के गेहूं खरीदने का कार्य अच्छा हो रहा है।
श्री अनुराग श्रीवास्तव (सीआईआई) : आप अच्छा कार्य कर रहे हैं। सिचुएशन तो टफ है। नए उद्योगों के लिए रियायत देने की आपकी कोशिश स्वागत योग्य है। कॉनफेडेरेशन आफ इंडियन इण्डस्ट्री द्वारा कुछ सुझाव आपको पत्र द्वारा अवश्य देंगे।
श्री महेश गुप्ता और श्री अरुण सोनी (लघु उद्योग भारती) : ऐसे उद्योग जो निरंतर चलते हैं, उनकी अलग समस्या हैं। कुछ शुल्क घटाए जाएं जिससे राहत मिलेगी।
श्री वासिक हुसैन (CREDAI) : वैसे भी रियल स्टेट बुरे दौर से गुजर रहा था। मांग काफी कमजोर है। यदि तीन-चार माह स्टाम्प ड्यूटी में छूट मिल जाएं तो लोगों को आकर्षित किया जा सकेगा। डायवर्शन और भूभाटक शुल्क में भी सहायता की जरूरत है।
श्री कुणाल ज्ञानी (पीएचडी चेम्बर आफ कॉमर्स एंड इण्डस्ट्री) : लीज रेंट, मेंटेनेंस, डेफर कर दें इस साल। भारत सरकार के श्रम मंत्रालय से ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा योजना) से जुड़े वेजेस के भुगतान मिल जाए तो राहत हो जाएगी।
श्री अखिलेश राठी और श्री श्रेयस्कर चौधरी (मध्यप्रदेश टेक्सटाइल्स मिल्स एसोसिएशन) : कृषि के बाद टेक्सटाइल्स एक बड़ा उद्योग है। हम 12 घण्टे की शिफ्ट लागू कर रहे हैं। हम श्रमिकों का पूरा ख्याल रख रहे हैं। एक अनुरोध यह है कि इस वर्ष महंगाई भत्ता आदि न बढ़ाया जाए।
श्री परेश चावला (इंडियन ड्रग मेन्यूफेक्चरर्स) : करीब 25 प्रतिशत कम प्रोडक्शन हुआ है। समस्याएं तो हैं। एक नीति तय हो कि फैक्ट्री में यदि कोरोना प्रभावित वर्कर है तो उसके विरूद्ध कार्रवाई न की जाए।
श्री हृदेश किरार (दलित इंडियन चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स) : एक स्पेशल पैकेज दिया जाए, मेन्यूफेक्चरिंग सेक्टर में सभी जिलों में लाभ दिया जाए।
श्री अविनाश सेठी और श्री गौरव हाजरा (नेसकॉम) : आय.टी. कंपनियाँ अच्छा रोजगार देती हैं। आज भी ये बढ़ती हुई इण्डस्ट्री है। रिकवर होने में समय तो लगेगा। पूरे प्रदेश में आय.टी. पार्क हैं। फिक्स चार्जेस नहीं लगेंगे। यह अच्छा निर्णय है। रेंटल सब्सिडी एक वर्ष बढ़ाई जाना चाहिए। रात्रि शिफ्ट की अनुमति प्रदान की जाए।
श्री गौरव तनेजा (प्रमुख उद्योगपति) : वैश्विक परिदृश्य की बात करे तो आज जापान, कोरिया और अमेरिका, चाइना को पीछे छोड़ना चाहते हैं। भारत को भी इस अवसर का लाभ लेना चाहिए। अधोसंरचना क्षेत्र को मजबूत बनाने की आवश्यकता है। इलेक्ट्रानिक मेन्यूफेक्चरिंग और नेनो टेक्नोलॉजी पूरे संसार में प्रभावित हुई है। अब ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कुछ प्रक्रियाएं सरल बनें। मध्यप्रदेश सरकार कुछ उद्योगों को एक -डेढ़ साल रियायतें प्रदान कर अन्य राज्यों को दिशा दे सकती है।
Edited By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:
सांसों से जुड़ी बीमारी और खासतौर पर अस्थमा के बारे में पहले से कुछ भी नहीं प्लान किया जा सकता। क्योंकि खांसी, सांस फूलना, घबराहट होना या अस्थमा अटैक आना, ये ऐसी दिक्कतें हैं, जो कभी-भी और कहीं-भी अचानक आपको घेर लेती हैं। अगर आपको या आपके किसी अपने को अस्थमा की दिक्कत है तो यहां जानें कि जब आपके पास कोई दवाई ना हो, उस स्थिति में इस समस्या से कैसे निपटें…
अस्थमा अटैक के प्रारंभिक लक्षण
-अस्थमा का रोग किसी को अचानक भी अपनी गिरफ्त में ले सकता है, जबकि लंबे समय से कुछ लक्षणों के साथ यह अपने आने के संकेत भी दे सकता है। लेकिन लंबे समय से खांसी का बने रहना या सांस लेने में दिक्कत होना इसके मुख्य लक्षण होते हैं।
– यदि किसी व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत हो रही या सांस लेते समय असहज करनेवाली ध्वनी सुनाई दे रही है और साथ ही सीने में जकड़न महसूस हो रही है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। साथ ही समझना चाहिए कि सेहत के साथ सबकुछ ठीक नहीं है।
-बोलने में समस्या होना और ठीक से नींद ना ले पाना भी अस्थमा के प्रारंभिक लक्षणों में शामिल हैं। जरूरी नहीं है कि हर मरीज में सभी लक्षण दिखाई दें या ये लक्षण सिर्फ अस्थमा के ही होते हैं। लेकिन इस तरह के लक्षण दिखने पर आपको अपनी सेहत को लेकर सतर्कता बरतनी शुरू कर देनी चाहिए।
अचानक आए अस्थमा अटैक से कैसे पाएं राहत?
हर अटैक पर डॉक्टर्स की जरूरत नहीं
– अगर आप अस्थमा के पेशंट हैं और पहले से इसका इलाज ले रहे हैं तो आपको पता होगा कि हर अस्थमा अटैक पर डॉक्टर को दिखाने की जरूरत नहीं होती है। उन्होंने जो दवाइयां और प्रीकॉशन्स आपको दी हैं, आप उन्हें ही फॉलो करें।
-लेकिन अगर आपको अस्थमा का अटैक अचानक आ गया है, तब आपको क्या करना है अब इस पर बात करते हैं। सबसे पहले कमर को सीधे रखते हुए बैठ जाएं और अपने आपको शांत रखने का प्रयास करें।
-बैठने में दिक्कत हो तो आप खड़े हो सकते हैं लेकिन गहरी सांस लेने का प्रयास करें और मन को शांत करने पर जोर दें। अस्थमा अटैक के दौरान लेटने से बचना चाहिए। क्योंकि इससे पेशंट की स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। इसलिए या तो सीधे बैठ जाएं या सीधे खड़े हो जाएं।
ऐसे करता है काम
अस्थमा अटैक आने पर ऐसे पाएं राहत
-जब आप सीधे बैठकर या खड़े होकर शांत मन से गहरी सांस लेने का प्रयास करते हैं तो इससे फेफड़ों में मौजूद एयर बैग्स को खुलने में मदद मिलती है। जरूरी मात्रा में ऑक्सीजन आपके शरीर में पहुंच पाती है और आप राहत महसूस करते हैं।
– गहरी सांस लेने से सांसों की संख्या भले ही कम हो जाती है लेकिन इससे एयर बैग्स लंबे समय तक खुले रहते हैं, जिससे शरीर में धीरे-धीरे ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ने लगती है और पेशंट को राहत मिलती है।
लॉकडाउन के बीच कई राज्यों में शराब की बिक्री पर से पाबंदी उठा ली गई है. इसकी इजाजत मिलने के बाद शराब की दुकानें खुलनी शुरू हो गई हैं. खरीदारों में भी बड़ी बेताबी दिख रही है. इसी वजह से देश के अलग-अलग कोनों में शराब दुकानों के बाहर लोगों की लंबी कतार देखी जा रही है. लोग सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते दिख रहे हैं. इसे रोकने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ रही हैं. दिल्ली में तो हालत यह हो गई कि भीड़ को देखते हुए दुकानें बंद करानी पड़ीं. इस बीच नैनीताल से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया जिसमें लोग शराब की दुकान के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद दिखे. यह आलम तब था जब वहां मूसलाधार बारिश हो रही थी.
दरअसल, नैनीताल में लॉकडाउन के दौरान एक महीने से भी ज्यादा वक्त के बाद शराब की दुकानें खुली हैं. दुकान खुलते ही शराब के शौकीन इस कदर दुकानों पर टूट पड़े जैसे मानो आज ही शराब खत्म होने वाली है. नैनीताल के माल रोड की दुकान पर शराब के शौकीन भारी बारिश और ओलावृष्टि में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे. 1 घंटे से हो रही भारी बारिश और ओलावृष्टि भी इन शराब के शौकीनों के कदमों को नहीं डिगा पाई.
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बता दें, उत्तराखंड में सोमवार को शराब की दुकानें खोल दी गई थीं लेकिन नैनीताल में पहली बार शराब की दुकान मंगलवार को खुलीं. शराब खरीदने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग घरों से निकले और सुबह 7 बजे से लाइन में लग गए. भारी बारिश के बावजूद शराब खरीदने वालों के हौसले डिगते नजर नहीं आए. जब तक शराब की दुकान पूरी खाली नहीं हो गई, ये लोग यूं ही बारिश में भीग कर अपनी बारी का इंतजार करते रहे. जिन्हें शराब मिल गई, उनके चेहरे खुशी से तर देखे गए, जबकि बोतल ना पा सकने वालों के चेहरे पर साफ मायूसी देखी जा रही थी.
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उपचार प्रबंधों और टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने से नियंत्रित हो रहा कोरोना
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की राज्य में कोरोना की स्थिति की समीक्षा
भोपाल : मंगलवार, मई 5, 2020, 19:12 IST
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज प्रदेश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कहीं भी इलाज में गैप न हो, चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ पूरी क्षमता से कार्य करें । कोरोना के उपचार के लिए डेडीकेटेड अस्पतालों में रोगियों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएं। विशेष रूप से उज्जैन में ट्रामा सेंटर में उपचार का कार्य प्रारंभ करने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रोगियों की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जाए, जो रोगी आईसीयू अथवा वेंटीलेटर पर हैं उनके उपचार के लिए आवश्यक हो तो इंदौर और भोपाल से भी विशेषज्ञों की सेवाएं प्राप्त की जाएं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान के निर्देश पर समीक्षा बैठक के दौरान ही अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान ने एम्स भोपाल से चिकित्सा विशेषज्ञ को उज्जैन रवाना होने के निर्देश प्रदान किए। समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई। कि राज्य के कुछ स्थानों जहां पॉजिटिव रोगियों की संख्या बढ़ गई थी। अब वहां स्थिति नियंत्रित हो रही है। ऐसे जिलों में धार, खरगोन और रायसेन जिले शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इन जिलों की जानकारी विशेष रूप से प्राप्त की।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पॉजिटिव पाए गए रोगी ठीक हों, जो ज्यादा गंभीर रोगी हैं तत्परता से उनका उपचार हो और किसी भी स्थिति में मृत्यु दर न बढ़े। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा इंदौर में अरविंदो अस्पताल और भोपाल में चिरायु मेडिकल कॉलेज में रोगियों की अच्छी देखरेख हुई है। अन्य चिकित्सालय भी बेहतर उपचार के लिए निरंतर प्रयास करें । बैठक में जानकारी दी गई कि जबलपुर सहित राज्य के चार मेडिकल कॉलेज टेस्टिंग लैब प्रारंभ कर रहे हैं। इन जिलों में रतलाम, शहडोल, विदिशा और खंडवा शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस नियंत्रण के लिए सभी को मिलकर कार्य करना है। जिस तरह टेस्टिंग की सुविधा में मध्य प्रदेश अन्य राज्यों की तुलना में क्षमता बढ़ा चुका है, इसे निरंतर जारी रखते हुए अधिक से अधिक सैंपल लेने के प्रयास हों। वर्तमान में करीब 3000 सेंपल प्रतिदिन लिए जा रहे हैं । आने वाले सप्ताह में यह क्षमता 3 हजार 500 हो जाएगी।
सुधर रहा जिलों में मामला
बैठक में बताया गया कि आज की स्थिति में मध्यप्रदेश देश में छठवें क्रम पर दर्ज है। प्रकरणों की संख्या कम होने के साथ निरंतर रोग नियंत्रण के लिए पूरा अमला सक्रिय है । प्रदेश में 2942 प्रकरण में से 1979 एक्टिव प्रकरण हैं । कुल 798 रोगी पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं । प्रदेश में 165 लोग कोरोना से असामयिक मृत्यु का शिकार हुए हैं। आज लिए गए 2500 सैंपल में से 107 पॉजिटिव पाए गए हैं। राज्य के ग्वालियर में स्थिति काफी नियंत्रित हुई है। इसे रेड जोन से मुक्ति मिलेगी और नगर ऑरेंज जोन में आएगा। इसी तरह शीघ्र ही अलीराजपुर और श्योपुर भी ग्रीन क्षेत्र में शामिल हो जाएंगे ।
भारत सरकार के मानकों के अनुसार 21 दिन तक कोई पॉजिटिव केस न पाए जाने पर वह क्षेत्र ग्रीन जोन में शामिल हो जाता है।
श्रमिकों की वापसी
मुख्यमंत्री श्री चौहान को अपर मुख्य सचिव श्री आई.सी.पी. केसरी ने जानकारी दी कि अन्य राज्यों से श्रमिकों की वापसी का कार्य निरंतर चल रहा है । इसके लिए रेलवे को एक करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई है। कुछ ट्रेंस अन्य राज्यों से मध्यप्रदेश के लिए आने वाले 3 दिन में रवाना की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश के श्रमिकों से किसी भी स्थिति में किराए की राशि नहीं ली जाए। बैठक में बताया गया पंजाब और तेलंगाना राज्यों ने श्रमिकों का किराया खुद वहन करने की सहमति दी है। प्रदेश के लगभग 70,000 श्रमिक द्वितीय चरण में इस सप्ताह वापस लौटेंगे। प्रथम चरण में करीब 75,000 श्रमिक मध्य प्रदेश वापस आ चुके हैं।
तीर्थ यात्रियों को अपने राज्यों में जाने की अनुमति दें
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में निर्देश दिए ऐसे तीर्थयात्री जो भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन और ओंकारेश्वर आदि आए थे उन्हें अपने मूल स्थानों पर जाने की अनुमति प्रदान की जाए।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी, प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ला भी उपस्थित थे।
दुबई:कोरोना वायरस (Coronavirus) की वैश्विक महामारी के चलते संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए बृहस्पतिवार को दो विशेष विमान भारत से उड़ान भरेंगे. दुबई में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने यह घोषणा की है.
सोमवार को जारी एक बयान में बताया गया कि अबू धाबी से कोच्चि और दुबई से कोझिकोड तक की इन दो उड़ानों के लिए यात्रियों की सूची पर अंतिम निर्णय दुबई में भारतीय दूतावास और भारतीय महावाणिज्य दूतावास लेंगे.
बयान में कहा गया कि यह सूची दूतावास या महावाणिज्य दूतवास के डेटाबेस में मौजूद पंजीकरणों के आधार पर बनाई जाएगी. इस आशय के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया कुछ दिनों पहले शुरू की गई थी.
बयान के मुताबिक, प्राथमिकता संकट में फंसे श्रमिकों, बुजुर्गों, आवश्यक चिकित्सा मामलों, गर्भवती महिलाओं के साथ ही कठिन परिस्थिति में फंसे अन्य लोगों को दी जाएगी.
इसमें कहा गया, ‘विमान यात्रा के लिए टिकट की कीमत और भारत पहुंचने के बाद क्वारंटाइन सेंटर में रखने की जरूरत और स्वास्थ्य संबंधी जांच समेत अन्य शर्तों की जानकारी कुछ समय में दी जाएगी और प्रत्येक यात्री को इसे स्वीकार करना होगा’
बयान में कहा गया कि हवाई टिकट केवल उन्हीं लोगों के लिए जारी किए जाएंगे जिनके नाम दूतावास या महावाणिज्य दूतावास द्वारा बनाई गई यात्री सूची में होंगे.
इसमें कहा गया कि दूतावास आने वाले दिनों में भारत जाने वाली अन्य उड़ानों की जानकारी भी उपलब्ध करवाएगा और उन विमानों में भी यात्री सूची के नामों पर अंतिम निर्णय लेने की प्रक्रिया यही रहेगी.
बयान में कहा गया कि वापस जाने के लिए करीब 2,00,000 रजिस्ट्रेशन करवाए गए हैं इसीलिए सभी लोगों को इन विमानों में जगह दे पाने में समय लगेगा.
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