किम शर्मा अपने ऐक्टिंग करियर से ज्यादा फेमस बॉयफ्रेंड के कारण सुर्खियों में रही हैं। उनका नाम भी कई लोगों के साथ जुड़ता रहा, जो ज्यादातर मामलों में महज अफवाह ही निकले। लेकिन इस सबके बीच में किम ने जिस तरह से पर्सनल लाइफ में खुद को ग्रूम किया वह वाकई देखने लायक है। यह बाला भले ही टॉप ऐक्ट्रेस न हो लेकिन इनका स्टाइल लाजवाब है। किम का फैशन कुछ ऐसा है कि उसे आसानी से बजट में रहते हुए फॉलो किया जा सकता है। यह अदाकारा शॉर्ट क्लोद्स से लेकर स्टाइलिश वर्कआउट लुक्स, डेनिम शॉर्ट्स, बोल्ड ड्रेसेस, साड़ी और सूट जैसे लगभग सभी स्टाइल्स को कैरी करती है। इन सभी में उनका लुक सच में दिल चुराने वाला होता है।
कोरोना वायरस की महामारी को फैलने से रोकने के लिए देश में लॉकडाउन लागू है. 25 मार्च से लागू लॉकडाउन की अवधि पहले 14 अप्रैल से 3 मई तक बढ़ाई गई थी. अब इसे 17 मई तक बढ़ा दिया गया है. हालांकि इस दौरान कई तरह की रियायतें भी दी गई हैं, जिसे धीरे-धीरे लॉकडाउन से बाहर निकलने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है.
लॉकडाउन को पॉज बटन बताने वाले कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अब कोरोना वायरस से निपटने और अर्थव्यवस्था को फिर से खोलने के लिए सुझाव दिया है. राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि वायरस से निपटने के दौरान जोन के संदर्भ में सोचें. उन्होंने आगे कहा है कि अर्थव्यवस्था को फिर से खोलते समय आपूर्ति की चेन के बारे में सोचें.
While tackling the virus, think in terms of zones.
गौरतलब है कि इससे पहले राहुल गांधी ने नोबल विजेता अर्थशास्त्री अभिजीत भट्टाचार्य से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वर्तमान हालात और इससे निकलने के उपायों को लेकर चर्चा की. भट्टाचार्य ने लोगों को पैसे की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए क्रय के लिए प्रोत्साहित करने को जरूरी बताया था. नोबल विजेता अर्थशास्त्री ने साथ ही ईएमआई भी सरकार की ओर से भरे जाने की सलाह दी थी.
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राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन से भी चर्चा की थी. राहुल गांधी ने शुरुआती दौर में लॉकडाउन का समर्थन करते हुए कहा था कि कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता सरकार के साथ है. हालांकि बाद में राहुल ने लॉकडाउन को पॉज बटन बताया था. उन्होंने कोरोना वायरस से निपटने के लिए टेस्टिंग पर जोर देने की मांग की थी.
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बता दें कि लॉकडाउन 3.0 में सरकार ने कई रियायतें दी हैं. कंटेनमेंट जोन्स छोड़कर व्यावसायिक गतिविधियों को शुरू करने की इजाजत दे दी गई है. हालांकि शॉपिंग मॉल्स, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स आदि को खोलने की इजाजत नहीं दी गई है. आवासीय कॉलोनियों के कॉम्प्लेक्स की दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी गई है. शराब की दुकानें भी खुल गई हैं.
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देश में जारी कोरोना संकट के बीच नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों को लिए एक जरूरी खबर सामने आई है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों को अब सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पहले अपने मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप (Aarogya Setu App) डाउनलोड करना होगा. पुलिस की तरफ से जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, अगर आप बिना आरोग्य सेतु ऐप के सार्वजनिक स्थानों पर जाते हैं तो इसे लॉकडाउन का उल्लंघन माना जाएगा और कानूनी कार्रवाई होगी.
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प्रशासन ने गाइडलाइन में कहा कि लॉकडाउन के दौरान, किसी भी तरह के आयोजन की अनुमति नहीं होगी. किसी भी स्थान में किसी भी उद्देश्य से लोग एकत्रित नहीं होंगे और एक-दूसरे से 2 गज की दूरी बना कर रखेंगे. शादी में 50 से ज्यादा और अंतिम संस्कार में 20 ज्यादा लोगों के शामिल होने की अनुमति नहीं होगी. इन कार्यक्रमों में भी सामाजिक दूरी के नियम का पालन जरूरी होगा.
गौतमबुद्ध नगर पुलिस के मुताबिक, बिना फेस मास्क पहने या सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. कोरोनावायरस (Coronavirus) से लोगों को सुरक्षित करने और उन्हें इस महामारी के लक्षणों के बारे में जानकारी देने के लिए केंद्र सरकार ने आरोग्य सेतु ऐप (Aarogya Setu App) लॉन्च किया था. जिला पुलिस ने रविवार को धारा 144 का विस्तार करने की घोषणा की, क्योंकि केंद्र सरकार की तरफ से कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन को दो हफ्तों तक के लिए बढ़ा दिया गया.
इससे पहले नोएडा शहर में सार्वजनिक स्थान पर थूकने वालों से 500 रुपये, जबकि दूसरी बार थूकने वालों से 1000 रुपये जुर्माने के तौर पर लिये जाने की खबर आई थी. नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु महेश्वरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने तीन मई को पत्र लिखकर कहा है कि गुटखा तंबाकू आदि पर सख्त प्रतिबंध होना चाहिए. सार्वजनिक स्थानों पर थूकना एवं गुटखा तंबाकू आदि खाकर थूकने पर प्रतिबंध होना चाहिए एवं इस पर दंडात्मक प्रावधान होना चाहिए.
उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव ने कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर थूकना जुर्माने के साथ-साथ दंडनीय अपराध होगा. उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव के आदेशानुसार नोएडा में सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वाले लोगों के खिलाफ सोमवार से दंडात्मक कार्रवाई शुरू की गई है. महेश्वरी ने बताया कि पहली बार सार्वजनिक स्थानों पर थूकना एवं गुटखा तंबाकू आदि खाकर थूकने पर 500 का जुर्माना लगेगा, जबकि दूसरी बार इस तरह के अपराध करने वालों से 1000 रुपये वसूला जाएगा.
VIDEO: कोरोनावायरस के मद्देनजर आरोग्य सेतु एप अनिवार्य करने का प्रस्ताव
उच्चतम वेतनमान पर कार्यरत पुलिसकर्मियों को पदनाम देने पर सहमति : मंत्री डॉ. मिश्रा
शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों की सहायता के लिये हेल्प-डेस्क प्रारंभ होगी कोरोना जंग में शहीद पुलिसकर्मियों को दी श्रद्धांजलि डायल 100 घर जाकर दर्ज करेगी एफआईआर
भोपाल : मंगलवार, मई 5, 2020, 15:56 IST
गृह, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आज पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में उच्चतम वेतनमान पर कार्यरत पुलिसकर्मियों को पदनाम देने पर सैद्धांतिक सहमति व्यक्त करते हुए प्रस्ताव देने के निर्देश पुलिस महानिदेशक को दिये। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मी और अन्य मृतक पुलिसकर्मियों के परिवारों की सहायता करने के लिये हेल्प-डेस्क प्रारंभ करने के निर्देश दिये। मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि कोरोना ने हमारी दिनचर्या को प्रभावित किया है। हमें इसके अनुसार ही अपनी तैयारियाँ करनी होंगी और आवश्यक रणनीति बनाकर कार्य करना होगा। इसके पूर्व मंत्री डॉ. मिश्रा और पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जोहरी ने कोरोना जंग में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा िक कोरोना संक्रमण काल में आम व्यक्ति का पुलिस के प्रति नजरिया बदला है। कोरोना की जंग में पुलिस विभाग ने जिस तन्मयता, एकाग्रता और शालीनता के साथ कार्य किया उसकी आम जनता ने दिल से सराहना की है। लॉकडाउन की अवधि में जब आम व्यक्ति घरों में रह रहा था, तब पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा के लिये कार्य करते हुए जनता के दिलों में अपना विशेष स्थान बनाया। इस मुश्किल दौर में पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिये उनके कल्याण के लिये कार्य करने की आवश्यकता है। पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जोहरी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न कंटेनमेंट जोन में 6 हजार से अधिक पुलिसकर्मी सक्रियता पूर्वक मुस्तेदी से कार्य कर रहे है। कोरोना की जंग में इंस्पेक्टर श्री देवेन्द्र कुमार चंद्रवंशी और श्री यशवंत पाल, सब इंस्पेक्टर श्री मायाराम खराड़ी और आरक्षक श्री टिंकू रावत सेवा करते हुए शहीद हुये है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 86 पुलिसकर्मी और 5 होमगार्ड के जवान कुल 91 कर्मचारी कोरोना संक्रमित होकर उपचाररत है।
कल्याण की प्रक्रिया अधोगामी होगी
मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि पुलिसकर्मियों के कल्याण की प्रक्रिया नीचे से ऊपर की ओर चलेगी। पुलिसकर्मियों की क्रमोन्नति, पदोन्नति पर निर्णय लिये जाने संबंधी आवश्यक कार्यवाही तत्परतापूर्वक की जाए। जिन परिस्थितियों में आज पुलिस विभाग कार्य कर रहा है, उनके कल्याण के लिये विभाग आगे बढ़कर कार्य करेगा। उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों से आवश्यक सुझाव भी मांगे। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के शहीद और अन्य मृतक पुलिसकर्मियों के परिजनों की समस्याओं का निराकरण हेल्प-डेस्क के माध्यम से किया जाएगा।
कोरोना कर्मवीरों को सम्मानित किया जाएगा
मंत्री डॉ. मिश्रा ने कोरोना की जंग से निपटने में पुलिस विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के हौसले और परिश्रम का अभिनंदन किया । उन्होंने कहा कि उन सभी पुलिसकर्मियों को कर्मवीर पदक से सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने कोरोना की जंग में तीस दिन तक अपनी सेवाएँ दी।
डायल 100 घर जाकर दर्ज करेगी एफआईआर
मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि पुलिस विभाग सुधारात्मक प्रक्रिया के अंतर्गत वन स्टेप-अप होकर कार्य करेगा। डायल 100 एफआरवी (फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल) लोगों की शिकायत पर घर जाकर एफआईआर दर्ज करेगी। शीघ्र ही इसके लिये आवश्यक कदम उठाएं जा रहे है। अति गंभीर मामलों को छोड़कर सामान्य मामलों में इस प्रकार की एफआईआर डायल 100 द्वारा दर्ज की जा सकेगी। शीघ्र ही आमजन को यह सुविधा मिलेगी कि उन्हें एफआईआर दर्ज कराने के लिये थाने नहीं जाना पड़ेगा।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित थे।
नई दिल्ली:राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कश्मीर के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाले तीन फोटोग्राफर को पुलित्जर अवॉर्ड मिलने के बाद बधाई दी है. कश्मीर से 370 हटने के बाद भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाले तीन फोटोग्राफर डार यासीन, मुख्तार खान, चन्नी आनंद को ये पुरस्कार दिया गया है. ये तीनों फोटोग्राफर विदेशी समाचार एजेंसी से जुड़े हुए हैं. 370 हटने के बाद कश्मीर की गलत तस्वीर पेश करने वाले इन तीनों फोटोग्राफर्स को पुलित्जर अवॉर्ड दिया गया है. राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि जम्मू-कश्मीर की दमदार तस्वीरें पेश करने वाले भारतीय-फोटोजर्नलिस्टों डार यासीन, मुख्तार खान और चन्नी आनंद को पुलित्जर पुरस्कार मिलने पर बधाई. आप लोगों ने हम सबको गौरवान्वित किया है.
बीजेपी ने राहुल गांधी पर सवाल खड़े किए हैं. बीजेपी प्रवक्ता नेता संबित पात्रा ने कहा कि तीन फोटोग्राफरों को पुलित्जर अवॉर्ड मिला. यह अवॉर्ड कहता है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग नहीं है. भारत ने जबरन कश्मीर को अपने कब्जे में रखा है. राहुल गांधी ने तीनों तथाकथित पत्रकारों को बधाई दी है. सोनिया गांधी को स्पष्ट करना होगा कि कश्मीर के बारे में कांग्रेस क्या सोचती है?
उठते विवाद के बीच भारत के तीन फोटोग्राफरों को प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के बाद कोलंबिया विश्वविद्यालय के पुलित्जर बोर्ड ने दावा किया है कि उन्हें यह पुरस्कार उनके काम के चलते ही दिया गया है. साथ ही बोर्ड ने यह भी कहा है कि भारत ने कश्मीर की आजादी को रद्द किया है. यह पुरस्कार चन्नी आनंद, मुख्तार खान और डार यासीन को फीचर फोटोग्राफी में मिला है. ये तीनों ही समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के लिए काम करते है. इन्होंने पिछले साल घाटी में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद की स्थितियों को अपने कैमरे में कैद कर लोगों तक पहुंचाया था. इस पुरस्कार की घोषणा सोमवार को की गई.अमेरिकी पत्रकारिता के लिए सबसे प्रतिष्ठित माना जाने वाला यह पुरस्कार विश्वविद्यालय के ग्रेजुएट स्कूल ऑफ जर्नलिज्म से जुड़ा है.
तीनों को यह पुरस्कार देते हुए बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर कहा, ‘यह कश्मीर के विवादास्पद क्षेत्र में जिंदगी की तस्वीरों को उकेरने के लिए उन्हें दिया गया है…’ भारत की केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 को पिछले साल रद्द किया, जिसके तहत कश्मीर को विशेषाधिकार दिए जाते थे.
इस दौरान भारतीय पत्रकारों को काम करने दिया गया, जबकि गैर-भारतीय पत्रकारों को रोका गया, लेकिन बोर्ड द्वारा कश्मीर की स्वतंत्रता को रद्द किए जाने के गलत दावे के साथ उनके इस तरह के शब्दों से पुलित्जर बोर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
पाकिस्तान में हाल ही में कई सफाईकर्मियों की मौत हुई. ये सफाईकर्मी सीवर में उतर कर शहर की गंदगी साफ करते थे. सफाईकर्मियों की कमी हुई तो पाकिस्तान के विभिन्न शहरों की नगरपालिकाएं अब सफाईकर्मी खोज रही हैं जो एक विशेष धर्म का होना चाहिए. पाकिस्तान में धर्मांतरण करने वाले अल्पसंख्यकों को गटर साफ करने के लिए रखा जाता है. कई सालों से धर्मांतरण करने वाले लोगों से ही गटर की सफाई का काम कराया जा रहा है.
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार की घटनाएं अक्सर होती हैं. नालियों और सीवरों की सफाई का काम अधिकतर अल्पसंख्यकों को सौंपा गया है. इनमें से ज्यादातर वो हैं जो कन्वर्टेड अल्पसंख्यक हैं. यानी पहले किसी और धर्म में थे लेकिन अब ईसाई हैं.
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हैरान करने वाली बात तो ये हैं कि सीवर की सफाई के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जाती. न्यूयॉर्क टाइम्स को सफाईकर्मी जमशेद एरिक ने बताया कि हम नंगे हाथों से सीवर की सफाई करते हैं. हमारे पास सुरक्षा उपकरण तो छोड़ दीजिए. दस्ताने और जूते तक नहीं हैं.
एरिक ने बताया कि जब वह इन गहरे सीवरों में घुसते हैं तो कई बार कीड़ों, कॉक्रोच से घिर जाते हैं. लेकिन क्या करें उन्हें वही काम करना है. वे प्रभु से प्रार्थना करते हैं कि सही सलामत रहें. हमारा काम बेहद खतरनाक है. सीवर के अंदर गंदी गैस सूंघने को मिलती है. कीचड़ में सन जाते हैं. कोई मास्क तक नहीं मिलता.
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एरिक ने बताया कि पूरे दिन काम करने के बाद जब घर पहुंचता हूं तो शरीर से नहाने के बाद भी गटर की बदबू नहीं जाती. जब खाना खाने के लिए हाथों को मुंह के पास ले जाता हूं, तो उसमें से गटर की दुर्गंध आती है.
पाकिस्तान में ईसाई सफाईकर्मियों की हुई मौत इस बात को बताती है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ किस तरह का भेदभाव हो रहा है. इसीलिए, एरिक के पूर्वज सदियों पहले ईसाई धर्म में परिवर्तित होने के बावजूद गटर में उतरने का काम कर रहे हैं. सोचा था धर्म परिवर्तन की वजह से इस काम से बच जाएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं.
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पिछले साल जुलाई में, पाकिस्तानी सेना ने सीवर की सफाई करने वाले कर्मियों के लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी किए, जिसमें केवल ईसाई आवेदन कर सकते थे. जब सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया तो इसे वापस ले लिया गया. लेकिन पाकिस्तान में नगरपालिकाएं एरिक जैसे ईसाई सफाईकर्मियों पर निर्भर हैं. इन्हें तीन सीवर साफ करने के लिए दिन भर में 400 रुपए दिए जाते हैं.
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ITBP के 45 जवान अब तक कोरोना पॉजिटिव पाये गए हैं (प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली:
Coronavirus Pandemic: देशमें कोरोना वायरस की महामारी के बीच अब तक भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के 45 कर्मचारी कोविड-19 (Covid-19) संक्रमित पाए गए हैं. इन 45 में से 43 कर्मी नई दिल्ली स्थित आईटीबीपी के टिगरी कैंप में कार्यरत हैं. यह यूनिट राजधानी में आंतरिक सुरक्षा कार्यों में लगी हुई है. टिगरी कैंप के पॉजिटिव पाए गए 43 लोगों में से 2 को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जबकि 41 आईटीबीपी कर्मी ग्रेटर नोएडा स्थित सीएपीएफ़ रेफरल अस्पताल में भर्ती हैं.
कांटेक्ट ट्रेसिंग के बाद इस यूनिट के 76 जवानों को आईटीबीपी के छावला क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है. गौरतलब है कि रोहिणी, नई दिल्ली में दिल्ली पुलिस के साथ कानून व्यवस्था में तैनात एक आईटीबीपी कंपनी के 2 जवानों का पूर्व में कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया था, इन्हें एम्स, झज्जर में भर्ती करवाया गया है. इस कंपनी के बाकी 91 जवानों को आईटीबीपी छावला में क्वारंटाइन में रखा गया है और इनके सैंपल लिए जा चुके हैं और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
इस बीच आईटीबीपी ने सीएपीफ रेफरल अस्पताल, ग्रेटर नोएडा में कोरोना संक्रमित जवानों का उपचार प्रारंभ कर दिया है, 200 बिस्तरों वाला यह अस्पताल अब कोविड 19 के संक्रमित जवानों के इलाज़ के लिए अधिकृत है. अभी इसमें आईटीबीपी के 44 और बीएसएफ़ के 8 जवान (कुल 52) भर्ती हैं. इनका तय मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज़ किया जा रहा है और देखरेख की जा रही है. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के विशेषज्ञ डॉक्टर्स के द्वारा इनका इलाज़ चल रहा है, अस्पताल में सभी आवश्यक इक्विपमेंट और संसाधन उपलब्ध हैं. साथ ही, कांटेक्ट ट्रेसिंग तेज कर दी गई है और संपर्क में आये लोगों की सैंपल की जांच भी ज़ारी है.
श्रम सुधारों की ओर एक महत्वपूर्ण कदम – 4 केन्द्रीय और 3 राज्य अधिनियमों में संशोधन
लोक सेवा गारंटी अधिनियम में एक दिन में मिलेंगी 18 सेवाएँ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर हुई कार्यवाही
भोपाल : मंगलवार, मई 5, 2020, 16:08 IST
उद्योगों और श्रमिकों के हित में 4 केन्द्रीय और 3 राज्य अधिनियमों में संशोधन की अधिसूचना जारी की जा रही है। इसके साथ ही लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम में 18 सेवाओं को एक दिन में देने का प्रावधान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों के साथ बैठक में विभिन्न अधिनियमों में प्रस्तावित संशोधनों में बिन्दुवार चर्चा कर कोरोना के बाद उत्पन्न स्थिति में आगामी एक हजार दिनों में उद्योगों को विभिन्न रियायतें देने की जरूरत बताई थी। श्री चौहान ने आज के प्रतिस्पर्धी दौर में निवेश बढ़ाने और श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से श्रम कानूनों में आवश्यक संशोधन के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे।
विभागीय निरीक्षणों से मिलेगी मुक्ति
कारखाना अधिनियम 1948 के अंतर्गत कारखाना अधिनियम 1958 की धारा 6,7,8 धारा 21 से 41 (एच), 59,67,68,79,88 एवं धारा 112 को छोड़कर सभी धाराओं से नवीन उद्योगों को छूट रहेगी। इससे अब उद्योगों को विभागीय निरीक्षणों से मुक्ति मिलेगी। उद्योग अपनी मर्जी से थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन करा सकेंगे। रजिस्टर के संधारण में छूट मिलेगी। फेक्ट्री इंस्पेक्टर द्वारा जाँच एवं निरीक्षण से मुक्ति मिलेगी। उद्योग अपनी सुविधा में शिफ्टों में परिवर्तन कर सकेंगे।
मध्यप्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम 1960 में संशोधन के साथ इस अधिनियम के प्रावधान उद्योगों पर लागू नहीं होंगे। इससे किसी एक यूनियन से समझौते की बाध्यता समाप्त हो जायेगी। औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 में संशोधन के बाद नवीन स्थापनाओं को एक हजार दिवस तक औद्योगिक विवाद अधिनियम में अनेक प्रावधानों से छूट मिल जायेगी। संस्थान अपनी सुविधानुसार श्रमिकों को सेवा में रख सकेगा। उद्योगों द्वारा की गयी कार्यवाही के संबंध में श्रम विभाग एवं श्रम न्यायालय का हस्तक्षेप बंद हो जायेगा।
मध्यप्रदेश औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम 1961 में संशोधन के बाद 100 श्रमिक तक नियोजित करने वाले कारखानों को अधिनियम के प्रावधानों से छूट मिल जायेगी। इससे श्रमिक निष्ठापूर्वक उत्पादन में सहयोग करेंगे। मध्यप्रदेश श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 के अंतर्गत जारी किये जाने वाले अध्यादेश के बाद सभी नवीन स्थापित कारखानों को आगामी एक हजार दिवस के लिये मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मण्डल को प्रतिवर्ष प्रति श्रमिक 80 रूपये के अभिदाय के प्रदाय से छूट मिल जायेगी। इसके साथ ही वार्षिक रिटर्न से भी छूट मिलेगी।
लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम में 18 सेवाएँ एक दिन में
लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम 2010 के अंतर्गत जारी अधिसूचना के अनुसार श्रम विभाग की 18 सेवाओं को पहले तीस दिन में देने का प्रावधान था। अब इन सेवाओं को एक दिन में देने का प्रावधान किया गया है। कारखाना अधिनियम 1948, दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958, ठेका श्रम अधिनियम 1970, अंतर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979, मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम 1961, मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 और बीड़ी एवं सिगार कामगार (नियोजन की शर्ते) अधिनियम 1966 में पंजीयन के लिये ऑनलाइन आवेदन करने पर एक दिन में ही ऑनलाइन पंजीयन मिल जाएगा। इससे पंजीयन के लिये बेवजह कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 में संशोधन के बाद कोई भी दुकान एवं स्थापना सुबह 6 से रात 12 बजे तक खुली रह सकेगी। इससे दुकानदारों के साथ ही ग्राहकों को भी राहत मिलेगी। पचास से कम श्रमिकों को नियोजित करने वाले स्थापनाओं में श्रम आयुक्त की अनुमति के बाद ही निरीक्षण किया जा सकेगा। निरीक्षण में पारदर्शिता होगी। कारखानों को दो रिटर्न के स्थान पर एक ही रिटर्न भरना पड़ेगा।
ठेका श्रमिक अधिनियम 1970 में संशोधन के बाद ठेकेदारों को 20 के स्थान पर 50 श्रमिक नियोजित करने पर ही पंजीयन की बाध्यता होगी। 50 से कम श्रमिक नियोजित करने वाले ठेकेदार बिना पंजीयन के कार्य कर सकेंगे। इस अधिनियम में संशोधन के लिये प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है।
कारखाने की परिभाषा में संशोधन
कारखाना अधिनियम के अंतर्गत कारखाने की परिभाषा में विद्युत शक्ति के साथ 10 के स्थान पर 20 श्रमिक और बगैर विद्युत के 20 के स्थान पर 40 श्रमिक किया गया है। इस संशोधन का प्रस्ताव भी केन्द्र शासन को भेजा गया है। इससे छोटे उद्योगों को कारखाना अधिनियम के पंजीयन से मुक्ति मिलेगी। इसके पूर्व 13 केन्द्रीय एवं 4 राज्य कानूनों में आवश्यक श्रम संशोधन किये जा चुके हैं।
नई दिल्ली: कोरोना वायरस(Coronavirus) के खिलाफ लड़ाई में हांगकांग ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है. खास बात यह है कि पिछले 14 दिनों में संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है. आशंका जताई जा रही थी कि हांगकांग में कोरोना फिर से रफ्तार पकड़ सकता है, लेकिन सरकारी प्रयासों ने इस आशंका को गलत साबित किया. पिछले कुछ हफ्तों में जिस तरह से महामारी को नियंत्रित करने के लिए हांगकांग ने कदम उठाए हैं, वह पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण है कि किस तरह से कोरोना संक्रमण के खतरे को सीमित किया जा सकता है.
कोरोना वायरस के पुन: ज्यादा ताकत से हमला बोलने (second wave) की आशंका के मद्देनजर हांगकांग ने तुरंत कई निर्णय लिए. जैसे कि गैर-निवासियों के प्रवेश पर रोक लगाई गई, यात्रियों को स्थानीय हवाई अड्डों से गुजरने से रोका गया और शहर आने वालों के लिए क्वारंटाइन और जांच उपायों को सख्ती से लागू किया गया. इसके अलावा, जिन लोगों को होम- क्वारंटाइन किया गया था, उन्हें इलेक्ट्रॉनिक ब्रेसलेट पहनाया गया, ताकि उन पर आसानी से नजर रखी जा सके. इन उपायों का फायदा यह हुआ कि संक्रमण के मामले एकदम से कम हो गए. पिछले दो हफ्तों से कोरोना का एक भी केस दर्ज नहीं किया गया है.
इससे पहले फरवरी और मार्च में सरकार की तरफ से कुछ सख्त फैसले लिए गए थे. शराब की बिक्री रोकने के साथ ही जिम और खेल परिसरों को पूरी तरह बंद किया गया था. कई रेस्तरां और कैफे भी बंद थे, जो खुले थे उनके लिए सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया. हालांकि, हांगकांग में कभी भी लॉकडाउन या स्टे-ऐट-होम जैसे आदेश जारी नहीं किये गए. शुरुआत में इसके लिए हांगकांग की आलोचना भी हुई, लेकिन अब जिस तरह से कोरोना की रफ्तार सुस्त पड़ गई है, उसे देखते हुए सभी सरकार के फैसलों को सराह रहे हैं. संक्रमण का आखिरी मामला यहां 19 अप्रैल को दर्ज किया गया था.
कुल मिलाकर, 20 अप्रैल से हांगकांग में केवल 15 नए मामले दर्ज किए गए हैं, और सभी संक्रमित मरीजों ने हाल ही में यात्रा की थी. यानी वह संक्रमण बाहर से लेकर आये. नए मामलों के साथ हांगकांग में संक्रमितों के कुल संख्या 1,041 हो गई है जबकि चार लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. गौरतलब है कि कोरोनावायरस पहली बार पिछले साल दिसंबर में वुहान में सामने आया था. 24 जनवरी को इसने हांगकांग में प्रवेश किया और फिर पूरी दुनिया में फैल गया.
कोरोना के प्रसार को नियंत्रित करने के बाद अब हांगकांग में जीवन सामान्य हो रहा है. सोमवार को सरकार ने टेनिस कोर्ट जैसे मनोरंजक और खेल स्थलों को फिर से खोल दिया है. साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट और विकलांग एवं बुजुर्गों के लिए सामुदायिक सेवाओं को फिर से शुरू किया गया है. हालांकि, स्कूल अभी भी पूरी तरह बंद हैं और बच्चे ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं. लेकिन अधिकारी अब गर्मी की छुट्टी से पहले शैक्षणिक वर्ष के अंतिम कुछ हफ्तों के लिए स्कूलों को फिर से खोलने की संभावना पर विचार कर रहे हैं.
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में डिलीवरी बॉय द्वारा ऑर्डर की गई शराब मिलने पर उसका मूल्य तथा डिलीवरी चार्ज 120 रुपये का भुगतान करना होगा.
रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में राज्य सरकार ने शराब प्रेमियों की सहूलियत और दुकान में भीड़ कम करने के लिए उसकी घर पर ही आपूर्ति के लिए सेवा शुरू की है. शराब (Liquor In Chhattisgarh) के शौकीन अब मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से खरीदारी कर सकते हैं. राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने सोमवार चार मई से सामाजिक और व्यक्तिगत दूरी का पालन करते हुए राज्य की शराब दुकानों को संचालित करने का निर्देश जारी किया है. राज्य शासन ने सामाजिक दूरी और कोविड-19 के फैलाव को नियंत्रित करने के उद्देश्य से घर पर शराब आपूर्ति की अनुमति प्रदान की है.
अधिकारियों ने बताया कि राज्य की शराब दुकानें छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन द्वारा संचालित हैं. शराब दुकानों में भीड़ को नियंत्रित करने, सामाजिक और व्यक्तिगत दूरी के पालन को देखते हुए डिलीवरी बॉय के माध्यम से शराब की आपूर्ति की व्यवस्था की शुरुआत की गई है. यह व्यवस्था वर्तमान में ग्रीन जोन में शुरू हो गई है. उन्होंने बताया कि अब वेबसाइट के माध्यम से शराब की आपूर्ति के लिए बुकिंग की जा सकती है. बुकिंग वेबसाइट में जाकर बटन को क्ल्कि कर अथवा गूगल प्ले स्टोर में इससे संबंधित ऐप को एंड्रॉयड मोबाइल में इंस्टॉल किया जा सकता है तथा मोबाइल के माध्यम से भी बुकिंग की जा सकती है.
यह जानकारी देकर ऑनलाइन हो सकती है खरीद
अधिकारियों ने बताया कि ग्राहक को अपना मोबाइल नंबर, आधार कार्ड तथा पूर्ण पता दर्ज कर पंजीयन करना होगा. पंजीयन ओटीपी के माध्यम से कन्फर्म होगा. उन्होंने बताया कि पंजीयन के बाद ग्राहक को लॉगिन करना होगा और उसके बाद इसमें अपने जिले के निकट की एक विदेशी शराब की दुकान, एक देसी तथा एक प्रीमियम शराब दुकान को लिंक करने की सुविधा प्रदान की गई है. ग्राहक की सुविधा के लिए जिले की सभी शराब दुकानों को गूगल मैप पर देखने की सुविधा भी प्रदान की गई है, जिससे ग्राहक आसानी से निकट के दुकान का चयन कर सकता है.अधिकारियों ने बताया कि चयनित दुकान से शराब घर पर आपूर्ति के लिए बुक की जा सकती है. ग्राहक को संबंधित शराब दुकान में उपलब्ध शराब की सूची और उसका मूल्य प्रदर्शित किया गया है, जिसमें से अपनी पसंद की शराब को अपनी आवश्यकता के अनुसार क्रय कर सकता है. उन्होंने बताया कि ग्राहक एक दुकान से एक बार में 5000 एमएल तक शराब डोर डिलिवरी के माध्यम से प्राप्त कर सकता है.
अधिकारियों ने बताया कि ग्राहक द्वारा बुक की गई शराब सुपरवाइजर द्वारा पैक किए जाने पर ग्राहक को स्वतः ओटीपी प्राप्त हो जाएगी. डिलीवरी बॉय के द्वारा ऑर्डर की गई शराब प्रदान किए जाने पर उन्हें शराब का मूल्य तथा डिलीवरी चार्ज 120 रुपये का भुगतान करना होगा.
बीजेपी ने किया विरोध
इधर राज्य के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने सरकार की इस व्यवस्था का विरोध किया है. विधानसभा में विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक ने कहा है कि शराबबंदी का वादा कर सत्ता में आई सरकार अब शराब को घर-घर पहुंचाने का फैसला कर रही है जो शर्मनाक है. कौशिक ने कहा है कि शराब दुकानें खुलवाने के पूर्व लॉकडाउन को लेकर राज्य सरकार की कोई सुरक्षात्मक तैयारी नज़र नहीं आ रही है. अब डिलीवरी बॉय के माध्यम से शराब प्रदान करने की बात की जा रही है. अब सरकार शराब की घर तक पहुंचाने की सेवा शुरू करेगी.
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