छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कोरबा (Korba) जिले के एक युवा ने कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) के एक्सपेरिमेंट के लिए खुद का शरीर दान देने की घोषणा की है.
कोरबा. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कोरबा (Korba) जिले के एक युवा ने कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) के एक्सपेरिमेंट के लिए खुद का शरीर दान देने की घोषणा की है. कोरबा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के पूर्व संयोजक बद्री अग्रवाल ने कोरोना वायरस के लिए वैक्सीन और दवा का परीक्षण के लिए शरीर का दान करने पत्र कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर संजय अग्रवाल सौंपा है. साथ ही इसकी जानकारी ट्विटर और ई-मेल के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव सहित पीएमओ व सीएमओ को भी दी है.
एबीवीपी के पूर्व संयोजक, पंडित रविशंकर शुक्ल नगर निवासी बद्री अग्रवाल ने पत्र में लिखा है कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से आज विश्व के कई देशों के साथ भारत, छत्तीसगढ़ और कोरबा जिला भी जूझ रहा है. जिला रेड जोन से ऑरेंज जोन में है. विश्व में हर दिन हजारों की संख्या में लोगों की आकस्मिक मृत्यु हो रही है. ऐसी परिस्थिति में कोरोना वायरस से बचाव के लिए बनाई गई, वैक्सीन, दवाइयों का प्रयोग के लिए देश और प्रदेश के चिकित्सकों को मानव शरीर की आवश्यकता हो जिस पर दवा या वैक्सीन का प्रयोग करना चाहते हैं तो मैं इस प्रयोग के लिए अपने शरीर का दान देने के लिए पूर्णरूप से तैयार हूं.
..तो सौभाग्यशाली समझूंगा
बद्री ने कलेक्टर को सौंपे पत्र में लिखा- मेरा नश्वर शरीर देश के लिए काम आता है तो सौभाग्यशाली समझूंगा कि मैं जन्मभूमि भारत माता के लिए कुछ किया है. वैक्सीन का प्रयोग सफल रहा तो चिकित्सक भारत के साथ विश्व के करोड़ों लोगों की जीवन रक्षा कर सकते हैं. मैं मानवहित व समाजहित में अपने शरीर पर वैक्सीन के परीक्षण करने के लिए सहमति प्रदान करता हूं. अगर इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी स्वयं मेरी होगी। इसके लिए मुझे व मेरे परिवार को आर्थिक सहयोग की आवश्यकता नहीं है.ये भी पढ़ें:
देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 46 हजार को पार कर गया है. पिछले 24 घंटे में 3900 नए मरीजों की पुष्टि हुई है और 195 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंगलवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल मरीजों की संख्या 46 हजार 433 है, जिसमें 12 हजार 728 लोग ठीक हो चुके हैं. वहीं, 1568 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
मई के महीने में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है. 30 अप्रैल तक कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 1075 था, लेकिन पिछले चार दिनों में यह आकंड़ा 15 सौ को पार कर चुका है. यानी 4 दिन के अंदर करीब 500 लोगों की मौत हुई है. वहीं, 30 अप्रैल को देश में एक्टिव केस की संख्या 24 हजार 162 थी, जो 4 दिन में 32 हजार 138 हो गई है.
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राहत की बात है कि कोरोना से सही होने वालों का आंकड़ा भी बढ़ा है. 30 अप्रैल तक 8 हजार 373 लोग ठीक हुए थे, जो चार दिन में बढ़कर 12 हजार 728 हो गए हैं. 30 अप्रैल तक देश में कुल कंफर्म केस की संख्या 33 हजार 610 थी, जो चार दिन बाद यानी 5 मई को बढ़कर 46 हजार 433 हो गई है.
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कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित महाराष्ट्र है. यहां अब तक 14 हजार 541 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें 583 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2465 लोग ठीक हो चुके हैं. महाराष्ट्र के बाद गुजरात में तेजी से संक्रमण बढ़ रहा है. यहां अब तक 5 हजार 804 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें 319 लोगों की मौत हो चुकी है.
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वहीं, दिल्ली में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 48 सौ के पार पहुंच गया है. यहां अब तक 4898 मामले आए हैं, जिसमें 64 की मौत हुई है. चौथे नंबर पर तमिलनाडु आ गया है. यहां अब तक 3550 केस की पुष्टि हुई है, जिसमें 31 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके बाद राजस्थान में अब तक 3061 कंफर्म केस सामने आ चुके हैं, जिसमें 77 लोगों की मौत हो चुकी.
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वहीं, मध्य प्रदेश में अब तक 2942 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें 165 लोगों की मौत हो चुकी है. उत्तर प्रदेश में भी कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है. अब यहां मरीजों की संख्या 2766 हो गई है, जिसमें 50 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
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Coronavirus India Live : कोरोना के खिलाफ जारी है जंग
Coronavirus (COVID-19) India Live Updates : भारत में कोरोनावायरस (Coronavirus) का कहर बढ़ता ही जा रहा है. देश में जारी लॉकडाउन (COVID-19 Lockdown) के बावजूद संक्रमितों का आंकड़ा 46 हजार पार पहुंच गया है. मंगलवार सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 46433 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के अब तक सबसे ज्यादा 3900 नए मामले सामने आए हैं और इस दौरान 195 लोगों की मौत हुई है. वहीं, देश में कोरोना से अब तक 1,568 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि राहत की बात यह है कि 12727 मरीज इस बीमारी को हराने में कामयाब भी हुए हैं. बता दें कि देश में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए लॉकडाउन को 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है.
कोरोनावायरस (कोविड-19) महामारी लाइव अपडेट :
मंगलवार सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 46433 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के अब तक सबसे ज्यादा 3900 नए मामले सामने आए हैं और इस दौरान 195 लोगों की मौत हुई है.
भारत को प्रोत्साहन पैकेज की जरूरत है; हमने अब तक पर्याप्त आर्थिक पैकेज नहीं दिया है : नोबल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी ने राहुल गांधी से कहा.
भारत ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण मालदीव और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिये नौसेना के तीन पोत भेजे हैं. रक्षा प्रवक्ता ने मंगलवार सुबह यह जानकारी दी.
कोविड-19 ड्यूटी में मारे गए किसी कर्मचारी के परिवार के सदस्य को बीएमसी देगा नौकरी बीएमसी ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस से संबंधित ड्यूटी करते हुए यदि उसके किसी कर्मचारी की मौत होती है तो उसके कानूनी वारिस को नौकरी दी जाएगी.
धौलपुर में कोरोना वायरस के तीन नए मामले, संक्रमितों की संख्या 14 हुई धौलपुर में सोमवार को कोरोना वायरस के तीन नए मामले सामने आए जिसके बाद जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या 14 पर पहुंच गई है.
तेलंगाना प्रवासी कामगारों को वापस भेजने के लिए एक सप्ताह तक हर दिन 40 ट्रेनें चलाएगा तेलंगाना सरकार ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी कामगारों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने के लिए एक सप्ताह तक हर दिन 40 विशेष रेलगाड़ियां चलाने का निर्णय लिया है जो मंगलवार से चलेंगी.
झारखंड में लगातार दूसरे दिन कोई भी कोरोना वायरस संक्रमित नहीं मिला जबकि दो मरीज स्वस्थ हुए झारखंड में सोमवार को लगातार दूसरे दिन कोई भी कोरोना वायरस संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया जबकि संक्रमित लोगों में से दो लोग स्वस्थ घोषित किये गये। राज्य में अब कुल संक्रमितों की संख्या 115 ही बनी हुई है जबकि विभिन्न अस्पतालों में 85 लोगों का इलाज चल रहा है.
झारखंड में लगातार दूसरे दिन कोई भी कोरोना वायरस संक्रमित नहीं मिला जबकि दो मरीज स्वस्थ हुए झारखंड में सोमवार को लगातार दूसरे दिन कोई भी कोरोना वायरस संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया जबकि संक्रमित लोगों में से दो लोग स्वस्थ घोषित किये गये। राज्य में अब कुल संक्रमितों की संख्या 115 ही बनी हुई है जबकि विभिन्न अस्पतालों में 85 लोगों का इलाज चल रहा है.
झारखंड में न्यायाधीशों ने प्रधानमंत्री राहत कोष में डेढ़ करोड़ रुपये भेजे झारखंड उच्च न्यायालय एवं राज्य की निचली अदालतों के न्यायाधीशों तथा न्यायिक अधिकारियों ने अपने वेतन से 1,50,13,816 रुपये एकत्रित कर सोमवार को कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनाये गये पीएम केयर्स कोष में भेजे.
राज्य-स्तरीय कोरोना नियंत्रण कक्ष बना नागरिकों का मददगार
भोपाल : सोमवार, मई 4, 2020, 17:07 IST
प्रदेश में नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के कारण लॉकडाउन के दौरान लोगों की दिक्कतों, जिज्ञासाओं आदि के त्वरित समाधान के लिये विशेष राज्य-स्तरीय नियंत्रण कक्ष (कन्ट्रोल रूम) भोपाल के स्मार्ट सिटी सेन्टर में संचालित किया जा रहा है। राज्य-स्तरीय नियंत्रण कक्ष को प्राप्त 64 हजार 909 फोनकॉल में से 58 हजार 497 में त्वरित कार्रवाई कर समाधान किया गया। नियंत्रण कक्ष द्वारा किये जा रहे सहयोग एवं सहायता से अब तक चार लाख 82 हजार 412 लोग लाभान्वित हो चुके हैं।
राज्य-स्तरीय नियंत्रण-कक्ष को राशन, भोजन, आश्रय, चिकित्सा, परिवहन तथा अन्य प्रकार की सहायता एवं सहयोग के लिये प्राप्त होने वाले फोनकॉल को तीन अलग-अलग श्रेणी में दर्ज कर त्वरित कार्यवाही की जा रही है। मध्यप्रदेश के वह नागरिक जो अन्य राज्यों में निवास कर रहे हैं, से प्राप्त 51 हजार 243 फोनकॉल में से 45 हजार 913 का निराकरण किया गया। प्रदेश के अन्दर ही अपने निवास के जिले से बाहर रुके हुए नागरिकों से प्राप्त 9 हजार 635 फोनकॉल में से 9 हजार 118 को चाहा गया सहयोग प्रदान किया गया। इसी प्रकार, अन्य राज्यों के मध्यप्रदेश में निवास कर रहे लोगों द्वारा किये गये 4 हजार 031 फोनकॉल में से 3 हजार 466 में मदद पहुँचाई जा चुकी है।
नियंत्रण कक्ष में चिकित्सा, खाद्य, परिवहन तथा सामाजिक न्याय आदि विभाग के अधिकारी नियमित रूप से 24×7 उपस्थित हैं। नागरिकों के फोनकॉल पर प्राप्त सूचना के आधार पर संबंधित विभाग के अधिकारी त्वरित कार्रवाई करते हैं। नागरिकों द्वारा चाहे गये सहयोग अथवा मांग की पूर्ति होने पर निराकृत की गई शिकायतों के संबंध में उच्च अधिकारियों द्वारा सम्पर्क कर पुष्टि भी की जाती है। भोपाल के राज्य-स्तरीय कोरोना नियंत्रण कक्ष में आम नागरिक अपनी जरूरतों, शिकायतों और सुझाव के लिए निरंतर सम्पर्क कर रहे हैं।
नई दिल्ली: अमेरिकी सरकार लगातार दावे कर रही है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) चीन (China) के वुहान (Wuhan) में एक वायरोलॉजी लैब से आया था. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस वुहान की लैब से निकला है इस बात के पर्याप्त सबूत हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) भी कोरोना (Corona) के वैश्विक प्रसार के लिए सार्वजनिक रूप से चीन को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं. राष्ट्रपति ने दावा किया है कि उन्होंने ऐसे सबूत देखे हैं जो ये साबित करते हैं कि नोवल कोरोना वायरस की उत्पत्ति एक प्रयोगशाला में हुई थी.
हालांकि, अमेरिकी खुफिया एजंसी ने कोरोना वायरस फैलने के पीछे जैव-हथियार सिद्धांत को खारिज कर दिया है. वे कहते हैं कि उनकी रिपोर्ट पर काम चल रहा है और ये सार्वजनिक सामग्री पर आधारित है. एजंसी के बयान में कहा गया है कि ‘खुफिया एजंसी इसपर आने वाली सूचनाओं और खुफिया जानकारियों का सख्ती से परीक्षण करना जारी रखेंगी, ताकि यह पता चल सके कि ये महामारी संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने के बाद फैली या फिर वुहान में एक प्रयोगशाला में किसी दुर्घटना की वजह से.’
पोम्पेओ ने कहा कि चीन के पास दुनिया को संक्रमित करने और ‘घटिया लैब’ चलाने का इतिहास रहा है. जबकि सच तो ये है कि अमेरिका इन्हीं ‘घटिया लैब’ के लिए फंड दे रहा था.
पिछले महीने, यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) ने वुहान की इस लैब को 3.7 मिलियन डॉलर दिए थे. अब ये फंडिंग रोक दी गई है. लेकिन अब इस बात पर भी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर अमेरिका पहले इसका समर्थन क्यों कर रहा था जिसे आज ‘घटिया लैब’ कह रहा है.
इस बीच सवालों के घेरे में आए चीन ने चौतरफा हमला किया. चीन ट्रम्प प्रशासन को बदनाम करने के लिए अपने पूरे मीडिया तंत्र का सहारा ले रहा है.
चीन के अमेरिका के खिलाफ अपने कार्टूनों का समर्थन कर रहा है. फ्रांस में चीनी एंबेसी ने ट्विटर पर एनिमेटेड वीडियो पोस्ट किया जिसका टाइटल था ‘वंस अपॉन ए वायरस’. इसमें दिखाया गया है कि चीन वायरस को लेकर लगातार दुनिया को जानकारी देता रहा है, जबकि अमेरिका सावधानी बरतने की जगह चीन पर आरोप लगाता रहा है. चीनी मीडिया पर ज्यादातर वही प्रसारण हो रहा है जो अमेरिका या माइक पोम्पिओ के खिलाफ हो.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय को खरी खोटी सुनाने के लिए चीनी मीडिया एक के बाद एक संपादकीय प्रकाशित कर रहा है. इस तरह लगातार हो रही बातें सिर्फ यह दिखाती है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बीच रिश्ते कितने खराब हो चुके हैं. चीन और अमेरिका के बीच के संबंधो को अब तक के सबसे खराब संबंधों को रूप में देखा जा रहा है.
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) सरकार ने 40 दिन से बंद प्रदेश की शराब (Liquor) दुकानों को 4 मई से खोल दिया. लॉकडान (Lockdown) फेज-3 के पहले दिन शराब की जमकर खरीदारी हुई.
रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) सरकार ने 40 दिन से बंद प्रदेश की शराब (Liquor) दुकानों को 4 मई से खोल दिया. लॉकडान (Lockdown) फेज-3 के पहले दिन शराब की जमकर खरीदारी हुई. कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के बीच भी लोग शराब खरीदने के लिए रेलम-पेल करते नजर आए. राजधानी रायपुर के लालपुर में अनियंत्रित भीड़ को काबू में करने के लिए सरकार को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा. सोशल व फिजिकल डिस्टेसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं, लेकिन इन सब के बीच राज्य सरकार ने शराब बेचकर अच्छा राजस्व प्राप्त किया. सरकार ने सुबह 8 से शाम 7 बजे तक शराब दुकनें खोलने की अनुमति दी थीं, लेकिन व्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने करीब 8 घंटे तक दुकानों से शराब बेची.
छत्तीसगढ़ से प्रकाशित नवभारत अखबार में छपी खबर के मुताबिक- छत्तीसगढ़ सरकार ने लॉकडाउन में लंबे समय बाद 4 मई से शराब की दुकानें खोलीं. प्रदेश भर में 662 शराब की दुकानों से सरकार ने देशी व विदेशी शराब, बीयर बेची. छत्तीसगढ़ में सरकार ही शराब की दुकानों का संचालन कर रही है. खबर के मुताबिक लॉकडाउन के फेज-3 के पहले दिन सरकार ने 45 से 50 करोड़ रुपये की शराब बेची. आम दिनों में 19 से 20 करोड़ रुपये की शराब ही बिकती है. शराब दुकानों के खुलते ही आबकारी विभाग के सोशल डिस्टेसिंग का पालन करवाने का दावा भी खोखला हो गया.
आज से होम डिलीवरी पर जोर
पहले दिन शराब की दुकानों में उमड़ी भीड़ को देखते हुए राज्य सरकार ने 5 मई से शराब की होम डिलीवरी पर जोर दिया है. 4 मई की शाम को सरकार ने इसको लेकर एक दिशा निर्देश जारी किया. इसमें बताया गया- सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोविड-19 के फैलाव को नियंत्रित करने के उद्देश्य से होम डिलिवरी की अनुमति भी शासन के द्वारा प्रदान की गई है. राज्य की मदिरा दुकानें छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन के द्वारा संचालित हैं. शासन के आदेश के पालन में मदिरा दुकानों में भीड़ को नियंत्रित करने सोशल एवं पर्सनल डिस्टेंसिंग के पालन के दृष्टि से डेलिवरी बाॅय के माध्यम से मदिरा प्रदाय की व्यवस्था की शुरुआत की गई है. यह व्यवस्था वर्तमान में भारत सरकार के आदेश के तहत ग्रीन जोन में शुरू हो गई है.ये भी पढ़ें:
बीते 25 मार्च से देशभर में लॉकडाउन लागू है. इस लॉकडाउन की वजह से जनजीवन ठप पड़ा है. इस बीच, खबर है कि केंद्रीय रिजर्व बैंक एक बार फिर लोन EMI पर मिली छूट की अवधि बढ़ा सकता है.
जानकारी के मुताबिक आरबीआई की एक बैठक के दौरान इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा हुई है. अगर आरबीआई फैसला लेता है तो टर्म लोन या क्रेडिट कार्ड की मासिक किस्त देने वाले ग्राहकों को कुल 6 महीने यानी 31 अगस्त तक की राहत मिलेगी. इसका मतलब ये हुआ कि आप कुल 6 महीने तक लोन या क्रेडिट कार्ड की मासिक किस्त (EMI) देने से बच सकते हैं.
अभी 3 महीने की है छूट
आपको बता दें कि आरबीआई के कहने पर देश के अधिकतर बैंक पहले से ही ग्राहकों को मासिक किस्त पर 3 महीने की छूट दे रहे हैं. यह छूट 1 मार्च से 31 मई यानी 3 महीने तक के लिए दी गई है. इन 3 महीनों में आप मासिक किस्त नहीं देते हैं तो बैंक आप पर दबाव नहीं बना सकता है. इसके साथ ही आप डिफॉल्टर भी नहीं कहे जाएंगे. मतलब ये कि आपके क्रेडिट स्कोर पर भी कोई असर नहीं पड़ने वाला है.
EMI को वापस लेने की सुविधा
इसके साथ ही बैंक ग्राहकों को कट चुकी ईएमआई को वापस लेने की भी सुविधा दे रहे हैं. हालांकि, इसके लिए ग्राहकों को एक फॉर्म भरना या कस्टमर केयर से संपर्क करना होगा. कस्टमर केयर के अलावा बैंकों की वेबसाइट, ऐप या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस संबंध में हर सवाल का जवाब दिया गया है.
बाद में देनी होगी ईएमआई
बैंकों की मोहलत का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि आपकी ईएमआई माफ कर दी जाएगी. आपको 3 महीने के बाद ईएमआई देनी होगी. ऐसे में सवाल है कि आपने ईएमआई नहीं दी तो ये आपके लिए फायदे का सौदा है या फिर इससे आपको नुकसान हो रहा है. आइए, कैलकुलेशन समझते हैं…
SBI के उदाहरण से समझिए
हम इस कैलकुलेशन को समझने के लिए देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का उदाहरण लेते हैं. एसबीआई ने इसे होम और कार लोन का उदाहरण देते हुए विस्तार से समझाया है. एसबीआई ने कहा है- मान लीजिए कि रमेश ने 30 लाख रुपये का होम लोन लिया है और इसे लौटाने की अवधि 15 साल बची हुई है. ऐसे में अगर रमेश 3 महीने की मोहलत अवधि का विकल्प चुनता है तो उसे 2.34 लाख रुपये के करीब अतिरिक्त ब्याज देना होगा, ये 8 ईएमआई के बराबर है.
6 लाख का कार लोन है तो..
इसी तरह, मान लीजिए कि प्रवीण ने 6 लाख रुपये का कार लोन ले रखा है और उसे लौटाने के लिए 54 महीने का समय बचा है. प्रवीण अगर छूट अवधि का विकल्प चुनता है तो उसे 19,000 रुपये करीब अतिरिक्त ब्याज देना होगा, जो 1.5 अतिरिक्त ईएमआई के बराबर है.
ये पढ़ें—इस बार नहीं कटेगी आपके लोन की EMI? यहां जानें अपने 8 सवालों के जवाब
वहीं, अगर रमेश और प्रवीण ईएमआई देना जारी रखना चाहते हैं तो उन्हें कुछ भी करने की जरूरत नहीं है. वह पहले की तरह अपनी किस्त दे सकते हैं और उन्हें किसी तरह का अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा. यहां बता दें कि ये कैलकुलेशन सिर्फ 3 महीने की मोहलत के आधार पर है. अगर कुल 6 महीने की मोहलत मिलती है अतिरिक्त EMI भुगतान राशि बढ़ जाएगी. मतलब ये कि आपकी जेब पर पहले से कहीं ज्यादा बोझ पड़ेगा.
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
BankBazaar.com के सीईओ आदिल शेट्टी के मुताबिक कोरोना संकट में जिन लोगों की आय पर फर्क नहीं पड़ा है, उन्हें अपनी ईएमआई समय पर देनी चाहिए. वहीं जिन लोगों की कमाई प्रभावित हुई है वो अपने बैंक से संपर्क कर ईएमआई पर मोहलत का फायदा उठा सकते हैं. इसके साथ ही अपने बैंक के कस्टमर केयर में फोन कर ये जानकारी भी लीजिए कि मोहलत अवधि के बाद आपको अतिरिक्त कितनी रकम चुकानी होगी.
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गुजरात के अहमदाबाद से 1208 प्रवासियों को लेकर ट्रेन बिहार के मुजफ्फरपुर एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंच गई है. इन यात्रियों का यहां पर मेडिकल परीक्षण किया गया और इसके बाद प्रशासन इनके घर के पास बने क्वारंटाइन सेंटर में रखेगा. इन सभी प्रवासियों को 21 दिन क्वरंटाइन सेंटर में रहना होगा. बिहार सरकार इनके आने-जाने का खर्चा खुद उठा रही है इसके साथ ही 21 दिन बाद इनको 500 रुपये की अतिरिक्त मदद की जाएगी. बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने रविवार को ही इसका ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि क्वरंटाइन सेंटर में खाने-पीने से लेकर शौचालय, स्नानगृह तक सारी व्यवस्था की गई है.
प्रवासियों के मुद्दे पर अधिकारियों के साथ बैठक में नीतीश कुमार ने कहा था कि बड़ी संख्या में बाहर से लोग आने वाले हैं इसलिए सभी लोग कमर कसकर तैयार हो जाइए. दूसरी इसी मुद्दे पर रविवार का दिन राजनीतिक बहस का केंद्र भी बन गया था. दरअसल केंद्र सरकार की ओर से कहा जा रहा था कि प्रवासियों के किराए का 85 फीसदी भार रेलवे खुद वहन कर रहा है और बाकी 15 फीसदी राज्यों को देना है. लेकिन कुछ राज्यों ने रेलवे से टिकट लेकर प्रवासियों से वसूली करना शुरू कर दिया. इस पर विपक्ष का कहना था कि एक ओर तो ऐसे लोगों के पास पहले से ही पैसे नहीं है और इनसे टिकट के पैसे लिए जा रहे हैं. इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ऐलान कर दिया कि पार्टी प्रवासियों के टिकट का भार खुद वहन करेगी.
सोनिया के इस ऐलान के बाद केंद्र सरकार और राज्य सरकारें हरकत में आ गईं. केंद्र की ओर से फिर सफाई दी गई कि राज्यों को 15 फीसदी किराया देना चाहिए. मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान पहले ही इसका ऐलान कर चुके हैं. इसके बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी ऐलान कर दिया.
Coronavirus lockdown: कांग्रेस ने केंद्र पर लगाया मजदूरों की अनदेखी करने का आरोप
प्रदेश में कोरोना की स्थिति में हुआ उल्लेखनीय सुधार : मुख्यमंत्री श्री चौहान
पहली बार एक्टिव केसेस की संख्या हुई कम :73 नए प्रकरण मिले, 100 स्वस्थ हुए
भोपाल : शनिवार, मई 2, 2020, 20:27 IST
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं लॉक डाउन के नियमों के पालन की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। श्री चौहान ने कहा कि आज 2 मई को प्रदेश में कोरोना की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। प्रदेश में 73 कोरोना संक्रमित मिले हैं और 100 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए गए है। पहली बार एक्टिव केसेस की संख्या में इतनी कमी आई है। उन्होंने कहा कि भोपाल में 2 मई को एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला है। हम निरंतर कोरोना को पूर्ण रूप से पराजित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री प्रदेश के सभी जिलों में कोरोना की स्थिति, व्यवस्थाओं तथा 4 मई से भारत सरकार की गाइडलाइन अनुसार कार्रवाई किए जाने के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
2462 टेस्ट में केवल 73 पॉजिटिव
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि 2 मई की टेस्ट रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 2462 कोरोना टेस्ट में से 73 पॉजिटिव आए हैं। भोपाल और उज्जैन में एक भी पॉजिटिव प्रकरण नहीं मिला है। इंदौर के 507 टेस्ट में से 30 तथा जबलपुर के 225 टेस्ट में से 5 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।
भारत सरकार की गाइडलाइन का करें पूरा पालन
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में 4 मई से लॉक डाउन बढ़ाए जाने तथा इस दौरान दी जाने वाली विभिन्न रियायतों के संबंध में भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन किया जाए। विशेष परिस्थिति में कलेक्टर अपने जिले में गठित क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक कर आवश्यक निर्णय ले सकेंगे।
संक्रमित क्षेत्रों का करें पुनर्निर्धारण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भारत सरकार की गाइडलाइन अनुसार रेड एवं ऑरेंज जोन के जिलों में संक्रमित क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण कर लिया जाए। इस संबंध में कलेक्टर आगामी दो-तीन दिन में कार्यवाही सुनिश्चित कर लें। अनावश्यक क्षेत्रों को संक्रमित क्षेत्र में शामिल ना किया जाए।
बाजार नहीं खुल सकेंगे
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि संक्रमित क्षेत्रों के बाहर के इलाकों में बाजार किसी भी हालत में नहीं खुल सकेंगे, जबकि गाइडलाइन अनुसार अन्य दुकानें खुल सकेंगी। मास्क पहनना और आपस में 2 गज की दूरी रखना अनिवार्य होगा। दुकानों के सामने ग्राहकों के खड़े रहने के लिए पर्याप्त दूरी पर गोले बनाए जाएं। संक्रमित क्षेत्रों से केवल सरकारी कार्य पर जाने तथा चिकित्सा कारणों से बाहर जाने की अनुमति होगी।
शादी में अधिकतम 50 लोगों की उपस्थिति
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार की गाइडलाइन अनुसार संक्रमित क्षेत्रों के बाहर के क्षेत्रों में शादियां हो सकेंगी परंतु दोनों पक्षों को मिलाकर अधिकतम 50 व्यक्ति उनमें शामिल हो सकेंगे। इसी प्रकार अंत्येष्टि में 20 लोगों से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे।
ग्रीन जोन में सामान्य गतिविधियाँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रीन जोन के जिलों में भारत सरकार की गाइडलाइन अनुसार सामान्य गतिविधियाँ जारी रह सकेंगी, जिससे लोगों की रोजी-रोटी चले। विशेष परिस्थितियों में पाबंदियाँ लगाए जाने के संबंध में कलेक्टर क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की सलाह पर निर्णय ले सकेंगे।
संक्रमित क्षेत्रों में हो पूरी सख्ती
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्पष्ट किया कि हमें किसी भी हालत में प्रदेश में कोरोना संक्रमण को बढ़ने नहीं देना है। यह हमारी पहली प्राथमिकता है। हमें रेड जोन को ऑरेंज जोन में तथा फिर ग्रीन जोन में बदलना है। संक्रमित क्षेत्रों में पूरी सख्ती की जाए तथा अन्य क्षेत्रों में भारत सरकार की गाइडलाइन अनुसार छूट दी जाए।
रोजगार के नए अवसर सृजित करें
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा संक्रमण को रोकने के साथ ही हमारी यह भी जिम्मेदारी है कि हम अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करें, जिससे जरूरतमंदों को रोजगार मिल सके। सरकार द्वारा मनरेगा के कार्य, निर्माण कार्य, तेंदूपत्ता तुड़ाई आदि कार्य प्रारंभ किए गए हैं। महिला स्व-सहायता समूहों आदि के माध्यम से मास्क निर्माण कराया जा रहा है। आगे इन समूहों से बच्चों की स्कूल ड्रेस तथा रेडी-टू-ईट भोजन का कार्य भी कराया जाएगा।
बैंकों से राशि निकालने में ना हो दिक्कत
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं की राशि हितग्राहियों के खातों में निरंतर भिजवाई जा रही है। सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि उन्हें यह राशि बैंकों से निकालने में किसी प्रकार की दिक्कत ना आए।
29 सौ करोड़ रुपए किसानों के खातों में जमा
उपार्जन कार्य की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के 29 सौ करोड़ रुपए की राशि किसानों के खातों में जमा हो गई है। हम्मालों और मजदूरों के भुगतान का पैसा भी बैंकों को भिजवाया जा चुका है, जो एक-दो दिन में उनके खातों में आ जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी 30 मई तक उपार्जन कार्य पूरा किया जाना है, कलेक्टर्स तदनुसार कार्यवाही करें।
संक्रमित क्षेत्रों के बाहर चालू करें मंडी
मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस ने निर्देश दिए कि जिन जिलों में मंडियाँ चालू नहीं की गई हैं, वहाँ संक्रमित क्षेत्रों के बाहर मंडी तुरंत चालू करें। मंडी के माध्यम से बिक्री के विषय में बताया गया कि अभी तक प्रदेश में 6.5 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की बिक्री हुई है। इसमें से 80 प्रतिशत गेहूँ मंडियों के बाहर सौदा-पत्रक व्यवस्था के माध्यम से बिका है। प्रदेश में चना-मसूर एवं सरसों की खरीदी भी प्रारंभ हो गई है।
बैठक में जल-संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल, आदिम जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह उपस्थित थे।
कैनबरा: चीन की लैब पर मौत वाला वायरस बनाने का आरोप है तो कुछ लैब ऐसी भी हैं जो लोगों को जिंदगी देने के लिए रिसर्च कर रही हैं. मौजूदा समय में लगभग हर देश कोरोना वायरस (Coronavirus) के कहर का सामना कर रहा है. ऐसे में दुनियाभर के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं से यही उम्मीद की जा रही है कि वो जल्द से जल्द कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार करें. जिससे लोगों को इस जानलेवा बीमारी के खतरे से बचाया जा सके. इस बीच कोरोना वैक्सीन को लेकर ऑस्ट्रेलिया से एक अच्छी खबर आई है.
कोरोना वायरस के खतरे से जूझ रही पूरी दुनिया को उस वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार है, जो लोगों को कोरोना वायरस से बचा सके. जिसके आने के बाद लोग बेखौफ होकर अपने घरों से निकल सकें. खुली हवा में सांस ले सकें और खुलकर अपनी जिंदगी जी सकें. ये इतंजार बहुत जल्द खत्म होने वाला है. ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिक कोरोना वायरस का वैक्सीन बनाने के बेहद करीब पहुंच गए हैं.
ऑस्ट्रेलिया की कॉमनवेल्थ साइंटिफिक इंडस्ट्रियल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (CSIRO) ने दो अलग-अलग तरीके से वैक्सीन की टेस्टिंग शुरू कर दी है. ये परीक्षण अभी जानवरों पर किया जा रहा है. एक वैक्सीन का टेस्ट इंजेक्शन से किया जा रहा है. जबकि दूसरी वैक्सीन के लिए नेजल स्प्रे तैयार किया गया है.
ऑस्ट्रेलिया में जानवरों पर वैक्सीन के ट्रायल के बाद इसे इंसानों पर भी ट्रायल किया जाएगा. कोरोना वैक्सीन के ट्रायल में जुटे ऑस्ट्रेलियन एनिमल हेल्थ लेबोरेटरी (AAHL) के डायरेक्टर प्रोफेसर ट्रेवर ड्यू के मुताबिक टेस्टिंग के बेहतर नतीजे मिल रहे हैं.
डॉ. ट्रेवर ड्यू ने बताया कि परीक्षण किए जा रहे जानवर (फेर्रेट) के फेफड़ों की सेल्स की सतह पर प्रोटीन होता है, जो इंसानों के फेफड़े से बहुत मिलता जुलता है. ऐसा लगता है वायरस जिस तरह से इंसान के फेफड़े पर असर डाला वैसे ही ये फेर्रेट के फेफड़े पर असर डाल रहा है.
डॉक्टर ट्रेवर की टीम की तरह ही दुनियाभर के वैज्ञानिक और शोधकर्ता कोरोना वायरस की वैक्सीन पर काम कर रहे हैं. वैक्सीन बनाने में जुटे वैज्ञानिक इसके साइड इफेक्ट्स पर भी नजर बनाए हुए हैं. डॉक्टरों की कोशिश सुरक्षित और असरकारी वैक्सीन बनाने की है. उम्मीद है कि डॉक्टर और शोधकर्ता जल्द से जल्द वैक्सीन बनाने में कामयाब होंगे.
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