Pakistan briefs heads diplomatic missions about current situation in Kashmir| Pakistan ने Kashmir पर फिर लगाई अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गुहार, India ने कहा, ‘आंतरिक मामलों में दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं’

इस्लामाबाद: कश्मीर (Kashmir) को लेकर पाकिस्तान (Pakistan) अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. पाकिस्तान ने मंगलवार को राजनयिक मिशनों के प्रमुखों के आगे फिर कश्मीर का रोना रोया. विदेश मंत्रालय ने इस दौरान कहा कि कश्मीर समस्या के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रयास करना चाहिए. पाकिस्तान ने इसे भले ही राजनयिकों से रूटीन संपर्क का हिस्सा बताया है, लेकिन भारत (India) उसके मंसूबों से वाकिफ है. नई दिल्ली ने कश्मीर पर टिप्पणी के लिए इमरान खान सरकार को आड़े हाथ लिया है. 

पहले भी कर चुका है बयानबाजी

भारत ने पाकिस्तान (Pakistan) की हरकत पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं और देश के आंतरिक मामलों में बोलने का अधिकार किसी को नहीं है. भारत ने यह भी कहा कि आंतरिक मामलों में किसी भी तरह की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. वैसे, ये कोई पहला मौका नहीं है, पाकिस्तान लगातार कश्मीर का मुद्दा उठाता रहा है. उसकी इसी सनक के चलते सऊदी अरब उससे दूर हो गया है.

ये भी पढ़ें -France: इस्लामिक कट्‌टरवाद के खिलाफ राष्ट्रपति Macron का मास्टरस्ट्रोक, विवादित बिल को संसद ने दी मंजूरी

Pakistan ने दी सफाई

पाकिस्तान के विदेश विभाग द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि विदेश सचिव सोहेल महमूद (Sohail Mahmood) ने कश्मीर के ताजा हालात के बारे में राजदूतों को अवगत कराया है. बयान में कहा गया कि यह कश्मीर और उस क्षेत्र से संबंधित घटनाक्रम से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पूरी तरह से अवगत कराने के लिए पाकिस्तान के नियमित राजनयिक संपर्क का हिस्सा था. हालांकि, ये बात अलग है कि सोहेल महमूद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कश्मीर में स्थिति का संज्ञान लेने और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रयास करने का आह्वान किया है, जो निश्चित तौर पर पाकिस्तान की मंशा को दर्शाता है.

आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं 

इस महीने की शुरुआत में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव (Anurag Srivastava) ने कहा था की भारत पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती. उन्होंने कहा था कि नई दिल्ली अपने रुख पर कायम है. पाकिस्तान को पहले भारत में हमले किये जिम्मेदार आतंकियों पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी. उसे यह दर्शाना होगा कि वह आतंक के विरुद्ध है, तभी रिश्ते सामान्य हो सकते हैं.   

 




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here