इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan) की इमरान सरकार (Imran Khan) ने महज 13 दिनों में ही ऑनलाइन मल्टीप्लेयर गेम पबजी (PUNG) से प्रतिबंध हटा दिया है. जबकि बैन लगाते वक्त सरकार ने PUBG पर युवाओं को बिगाड़ने के आरोप लगाए थे.
पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (PTA) ने गुरुवार को PUBG की कंपनी प्रॉक्सिमा बीटा (पीबी) से गेमिंग प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को रोकने के आश्वासन के बाद PUBG से बैन हटाने का निर्णय लिया. मालूम हो कि 17 जुलाई को पाक ने इस गेम को इस्लाम विरोधी बताते हुए बैन कर दिया था. सरकार की तरफ से कहा गया था कि इस गेम से युवाओं पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है.
प्रतिबंध के बाद से प्रॉक्सिमा बीटा पाकिस्तानी अधिकारियों के संपर्क में थी. उसके प्रतिनिधियों ने गेमिंग प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाए गए कदमों को लेकर दूरसंचार नियामक प्राधिकरण को जानकारी दी, जिस पर PTA ने संतोष जाहिर करते हुए बैन हटाने का आदेश दिया. गौर करने वाली बात यह है कि PTA ने PUBG को बैन किए जाने के समय दलील दी थी कि पाकिस्तान में पबजी के कारण युवा मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं, उनमें आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ी है. सरकार ने अदालत में भी गेम को इस्लाम विरोधी बताया था, लेकिन महज चंद दिनों में ही इमरान खान सरकार को PUBG में सबकुछ सही नजर आने लगा है.
सरकार द्वारा बैन हटाने के निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मिनिस्टर फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी फवाद चौधरी ने कहा कि ऑनलाइन गेम पर प्रतिबंध समाप्त करने का निर्णय एक समझदार दृष्टिकोण को दर्शाता है. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को ऐसे मुद्दों को हल करने के लिए टेक कंपनियों के साथ मिलकर काम करना चाहिए और प्रतिबंध जैसे कड़े फैसलों से बचना चाहिए.
To end ban on #pubgbaninpakistan is a sane approach, Ban is an extreme measure must be very careful in future , @MinistryofST is very clear that Pakistan must work closely with Tech companies to resolve issues and must not use admin’s measures such as ban in such cases https://t.co/n4yRJvbaj1
— Ch Fawad Hussain (@fawadchaudhry) July 30, 2020
खबरों की मानें तो प्रधानमंत्री इमरान खान पर PUBG से बैन हटाने को लेकर चौतरफा दबाव था. इमरान की पार्टी के कई नेता भी इस फैसले के खिलाफ थे, जिसके चलते उन्हें PUBG से प्रतिबंध हटाना पड़ा.

