कश्मीर : जम्मू-कश्मीर में पकड़ कमजोर होने के बाद पाकिस्तान (Pakistan) लगातार घाटी (Kashmir Valley) को सुलगाने की कोशिश कर रहा है. मार्च के महीने से अब तक घुसपैठ कराने में मिली नाकामी के बाद पाकिस्तान गुर्गों तक हथियार पहुंचाने के लिए ड्रोन और अन्य माध्यम का इस्तेमाल कर रहा है. लेकिन भारतीय सेना और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी की वजह से सीमापार बैठे आतंकी आकाओं का ये मंसूबा भी पूरा नहीं हो पा रहा है.
आतंकियों की ऑनलाइन भर्ती
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान पिछले कुछ महीनों से सोशल मीडिया और इंटनेट का गलत इस्तेमाल करके घाटी के युवाओं को भारत के खिलाफ भड़का कर आतंकी बनाने का पैंतरा अपना रहा है. सीमा से लगी पहाड़ियों से हथियार फेंके जाते हैं ताकि आतंकियों के समर्थक उस असलहे को नए आतंकी बने युवाओं तक पहुंचा सकें.
हथियारों के कई कन्साइनमेंट सुरक्षाबलों के हाथ लगे हैं. जम्मू में दो बार ड्रोन के जारिए बजे गए हथियार बरामद किये गए इसके इलवा जम्मू कश्मीर के राष्ट्रीय राजमार्ग पर जवाहर टनल और काजीगुंड से अत्याधुनिक हथियार बरामद किये गए. उत्तरी कश्मीर के उडी और तंगधार इलाके में भी कई हथियारों के जखीरा मिला. जो आतंकी समर्थकों ने छिपाया था.
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इस वजह से बौखलाया पाकिस्तान
सितंबर 2020 तक का समय भारतीय फौज और सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी लेकर आया. ज्यादातर आतंक विरोधी अभियान सफलतापूर्वक पूरे होने के बाद पाकिस्तान पूरी तरह बौखला गया है.
कश्मीर घाटी में अब तक करीब 189 आतंकवादी जिनमें लगभग 28 आतंकी कमांडर थे सभी को मार गिराया गया है. आतंकवादियों के लिए काम कर रहे 100 से ज्यादा ओजीडब्ल्यू को कश्मीर घाटी में अब तक गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक कश्मीर में बेहद कम आतंकी बचे हैं.
आईजीपी कश्मीर विजय कुमार के मुताबिक ‘घाटी में फिलहाल 170 से 200 आतंकवादी हो सकते हैं जिनमें 70 से 90 विदेशी आतंकी हैं. इनमें से 40 की पहचान हो चुकी है और बाकी गुमनाम हैं लेकिन जल्द ही उन पर भी काबू पा लिया जाएगा.
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