काबुल: पाकिस्तान (Pakistan) का कुख्यात आतंकी मंगल बाघ (Mangal Bagh) दक्षिणी अफगानिस्तान (Afghanistan) में हुए बम धमाके में मारा गया है. बाघ पर 30 लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम था. प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-इस्लाम का प्रमुख बाघ कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था. अफगान सरकार ने इसकी पुष्टि करते हुआ कहा है कि नांगरहार के आकिन जिले में सड़क किनारे हुए बम विस्फोट में आतंकी बाघ अपने दो सहयोगियों के साथ मारा गया है.
कुछ सालों से Afghan में था
पाकिस्तान (Pakistan) के अखबार ‘द ट्रिब्यून’ के मुताबिक ट्रक क्लीनर से आतंकवादी बना मंगल बाघ (Mangal Bagh) प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से भी जुड़ा हुआ था. वह मूल रूप से पाकिस्तान के खैबर जिले का रहने वाला था, लेकिन पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई की वजह से पिछले कुछ सालों से अफगानिस्तान (Afghanistan) में रह रहा था.
आलीशान House में रहता था
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंगल बाघ ने अफगानिस्तान के नांगरहार प्रांत के आकिन जिले के बांदर डेरा में आलीशान घर बनाया था. वो वहीं से अपने संगठन की आतंकी साजिशों को अंजाम देता था. गुरुवार को घर से कुछ ही दूरी पर हुए धमाके में उसकी मौत हो गई. माना जा रहा है कि आतंकी को मारने के लिए ही बम प्लांट किया गया था. हालांकि, इस बारे में स्थानीय सरकार ने कुछ नहीं कहा है.
2006 में बनाया था संगठन
अफगान सरकार का कहना है कि मंगल बाघ ने 2006 में लश्कर-ए-इस्लाम संगठन की स्थापना की थी. यह संगठन अपहरण, फिरौती, ड्रग्स की तस्करी और नाटो सेना पर हमले जैसी गतिविधियों को अंजाम देता था. आतंकी बनने से पहले मंगल ट्रक क्लीनर था. तालिबान के संपर्क में आने के बाद उसने बंदूक उठा ली थी. तब से वह विभिन्न आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे चुका था. इतना ही नहीं उसने नाटो देशों के काफिले पर कई बार हमले भी किए थे.
पहले भी आई थी मौत की खबर
वैसे, ये कोई पहला मौका नहीं है जब मंगल बाघ के मरने की खबर आई है. इससे पहले भी कई बार उसकी मौत के दावे किये जा चुके हैं. हालांकि, इस बार अफगान प्रशासन ने उसकी मौत की पुष्टि की है. प्रांत के गवर्नर जिया-उल-हक अमारखिल ने कहा है कि लश्कर-ए-इस्लाम आतंकी संगठन का सरगना मंगल बाघ बम विस्फोट में मारा गया है.

