PM Cares fund : Know how much money collected and where it has been spend – पीएम केयर्स फंड(PM Cares Fund): जानिए कितना पैसा हुआ इकट्ठा, कहां हुआ खर्च

पीएम केयर्स फंड(PM Cares Fund): जानिए कितना पैसा हुआ इकट्ठा, कहां हुआ खर्च

PM केयर्स फंड का पैसा NDRF में ट्रांसफर करने की जरूरत नहीं : सुप्रीम कोर्ट

खास बातें

  • पीएम केयर्स का फंड ब्यौरा दिया गया
  • 50 हजार करोड़ खर्च हुए वेंटिलेटर पर
  • 1 हजार करोड़ अप्रवासी मजदूरों पर

नई दिल्ली :

पीएम केयर्स फंड को लेकर उठ रहे विवाद के बीच आज सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि इसका पैसा प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष या NDRF में जमा करने की जरूरत नहीं है. लेकिन इससे पहले इस फंड को लेकर कई विवाद राजनीतिक छींटाकसी भी हो चुकी है. दरअसल विवाद उस समय उठा जब जानकारी मिली कि इस फंड की जांच सीएजी नहीं कर सकता है. वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को एक अखबार की क्लिपिंग को शेयर करते हुए तंज  कसते हुए कहा ‘बेईमान का अधिकार’. दरअसल अखबार की क्लिपिंग में दावा किया गया है कि पीएम केयर्स फंड के बारे में दी गई आरटीआई पर जानकारी देने से इनकार कर दिया गया है. राहुल गांधी के इस ट्वीट पर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी पलटवार किया और उन्हें ‘प्रिंस ऑफ इन्कॉम्पिटेंस’ (अक्षम राजकुमार) करार दिया. नड्डा ने पलटवार करते हुए बयान जारी किया और आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने पीएम-केयर्स से संबंधित एक ‘भ्रामक’ खबर फैलाई जनता को ‘गुमराह’ करने की ‘नापाक’ कोशिश की. राहुल गांधी पर मनगढ़ंत एवं झूठी ख़बरें फैलाने का आरोप लगाते हुए नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी का करियर केवल और केवल ‘फेक न्यूज’ पर आधारित है. 

यह भी पढ़ें

PM CARES फंड की जांच नहीं करेगी लोक लेखा समिति, BJP ने रोका रास्ता

वहीं इस बीच पीएम केयर्स फंड को लेकर उठे विवादों के बीच उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर कुछ सवालों के जवाब दिए हैं. जिसमें बताया गया है कि इसमें इक्ट्ठा हुए पैसे कितने हैं और इसका कहां-कहां इस्तेमाल किया गया है.

सवाल- पिछली वित्तीय वर्ष में PM केयर्स फंड में कितना पैसा इकट्ठा हुआ है?

जवाब- साल 2019-20 के दौरान इस  3076.62 करोड़ रुपया इकट्ठा हुआ. 

सवाल- बीते साल इस फंड में विदेशी करेंसी के जरिए कितना पैसा आया?

जवाब- 39.68 लाख रुपया. 

सवाल- पीएम केयर्स फंड का पैसा कहां-कहां खर्च किया गया?

जवाब- 1- 2000 करोड़ रुपए से भारत में बने 50 हजार वेटिंलेटर देश के सरकारी अस्पतालों में बांटे गए. 

– 1 हजार करोड़ रुपये प्रवासी मजदूरों पर. 

– 100 करोड़ रुपया वैक्सीन बनाने के लिए दिया गया. 


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here