PM Modi termed unity and harmony as prerequisites of development, targeted Manmohan Singh – PM मोदी ने एकता एवं सौहार्द को विकास की पूर्व शर्त बताया, मनमोहन सिंह पर साधा निशाना

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘देशहित को पार्टी हित से ऊपर’ बताते हुए भाजपा सांसदों से मंगलवार को कहा कि विकास हमारा मंत्र है और इसकी पहली आवश्यकता एकता एवं सौहार्द है, इसलिए सभी को समाज में शांति, सद्भाव और एकता सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए. प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली हिंसा को लेकर विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है. भाजपा संसदीय दल की बैठक के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर परोक्ष निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक पूर्व प्रधानमंत्री को भारत माता की जय बोलने को लेकर ‘बू’ आती है और वह इसे संदेह से देखते हैं, जो दुखद है. सूत्रों के अनुसार मोदी ने कहा कि ‘भारत माता की जय’ के नारे को लेकर उसी प्रकार की आपत्ति उठायी जा रही है जिस प्रकार स्वतंत्रता आंदोलन के समय ‘वंदे मातरम’ को लेकर उठायी गई थी.

उनके हवाले से सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस के अधिवेशन में एक वर्ग राष्ट्रगीत वंदे मातरम के दौरान मौजूद रहता था जबकि एक अन्य वर्ग वाकआउट कर जाता था और वंदे मातरम को गुनाह के रूप में देखता था. सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष को भी गुनाह बताने का प्रयास किया जा रहा है और एक पूर्व प्रधानमंत्री ऐसा कह रहे हैं. गौरतलब है कि हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस नेता मनमोहन सिंह ने एक समारोह में कहा था कि राष्‍ट्रवाद और ‘भारत माता की जय’ के नारे का दुरुपयोग किया जा रहा है.

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वहीं मनमोहन सिंह ने कहा था कि इस नारे का इस्तेमाल कर भारत के बारे में भावनात्मक एवं उग्र राष्ट्रवाद का विचार पैदा किया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह देशहित बनाम दल हित की लड़ाई है और पार्टी सांसदों को देश में सौहार्द, शांति एवं एकता का माहौल बनाने का प्रयास करना चाहिए. वहीं संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कहा कि अब भी कुछ दलों द्वारा पार्टी हित को राष्ट्रीय हितों से ऊपर रखा जाता है, लेकिन हमारे लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है. सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने बैठक में ‘सबका साथ, सबका विकास एवं सबका विश्वास’ पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी नेताओं को देश के विकास कार्य में ‘मनसा वाचा कर्मणा’ के साथ लगना चाहिए.

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उन्होंने बताया कि मोदी ने कहा कि हम सभी को देश को बदनाम और अस्थिर करने के प्रयासों को विफल बनाने की जरूरत है तथा दल हित से बड़ा देश है. उन्होंने कहा कि हमें देश हित की लड़ाई लड़नी है, हमें देशहित को बड़ा रखना है, दल हित को पीछे रखना है. बैठक में प्रधानमंत्री ने जन औषधि केंद्र के फायदों को रेखांकित किया जहां सब्सिडी आधारित दरों पर दवाएं बेची जाती हैं. उन्होंने कहा कि वह सात मार्च को इसके लाभार्थियों से संवाद करेंगे.

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बैठक में भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत, विदेश मंत्री एस जयशंकर और सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर सहित अन्य मंत्री एवं पार्टी सांसद मौजूद थे. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण की पुस्तिका भी सांसदों को वितरित की गई.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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