छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना, रुंझ-मझगांय परियोजना और एनटीपीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर कुपी क्षेत्र के बराना नदी डूब क्षेत्र में चल रहा चिता आंदोलन 17वें दिन रविवार सुबह पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई के बाद समाप्त हो गया। सुबह करीब 5 बजे पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम भारी बल के साथ आंदोलन स्थल पर पहुंची और नदी के बीच प्रदर्शन कर रहे करीब 150 आंदोलनकारियों को मौके से हटाया गया।प्रशासन के अनुसार, प्रदर्शन स्थल निर्माणाधीन पुल के नीचे और नदी के बीच होने के कारण बारिश के मौसम में सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं था। आंदोलनकारियों को तीन सरकारी बसों से उनके गृह ग्राम पन्ना जिले के लिए रवाना किया गया।इधर, लंबे समय से अनशन कर रहे आंदोलन के नेतृत्वकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बिजावर के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।एडिशनल एसपी आदित्य पटले ने बताया कि खराब मौसम और नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आंदोलनकारियों की सुरक्षा के लिए उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाया गया और सभी को समझाइश देकर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया।वहीं, आंदोलनकारियों ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया है। जय किसान संगठन की दिव्या अहिरवार ने आरोप लगाया कि अमित भटनागर परियोजना में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को मीडिया के सामने रखने वाले थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।फिलहाल अमित भटनागर का बिजावर अस्पताल में उपचार जारी है, जबकि अन्य आंदोलनकारियों को पन्ना जिले में उनके गृह ग्राम भेज दिया गया है। पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई के बाद आंदोलन की आगे की रणनीति पर सभी की नजर बनी हुई है।


