रीवा के एक प्राइवेट अस्पताल परिसर में हंगामा और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जेल रोड स्थित सिटी अस्पताल परिसर में बिना इजाजत हंगामा करने और अव्यवस्था फैलाने के चलते पुलिस और प्रशासन ने कार्यवाही करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता प्रमोद शर्मा सहित 5 लोगों को हिरासत में लिया है जिनमें एक महिला भी शामिल है। जो किसी पूर्व सूचना के जांच के नाम पर अस्पताल में घुसने का प्रयास कर रहे थे।
दरअसल, यह पूरा मामला रीवा के सिरमौर चौराहे पर चल रहे कल्पना मिश्रा को न्याय दिलाने चल रहे धरना प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है, जो अब पूरी तरह से राजनीतिक मंच बन चुका है। यहां पर कल्पना के पिता के साथ धरने पर बैठे आम आदमी पार्टी के नेता प्रमोद शर्मा अपने समर्थकों के साथ, जेल रोड स्थित सिटी अस्पताल में जांच के नाम पर जबरन प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, यह अस्पताल संजय गांधी अस्पताल के नए अधीक्षक प्रियंक शर्मा का है।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे अस्पताल के अंदर जाकर, भर्ती मरीजों से स्वास्थ्य व्यवस्था और साफ-सफाई पर चर्चा करेंगे, साथ ही अस्पताल के दस्तावेजों की जांच करेंगे। हालांकि, इस दौरान अचानक पहुंची भीड़ के कारण, अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके परिजन परेशान होने लगे। हंगामे की सूचना मिलते ही एसडीएम अनुराग तिवारी, तहसीलदार, एडिशनल एसपी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। प्र हुईशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को काफी समझाने का प्रयास किया कि, निजी अस्पताल में इस तरह से बिना किसी अधिकृत जांच पत्र के प्रवेश करना कानूनन गलत है।लेकिन काफी देर की बहस और समझाइश के बाद भी जब प्रदर्शनकारी नहीं माने, तो पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें खदेड़ा, और आप नेता प्रमोद शर्मा सहित 5 प्रदर्शनकारियों को मौके से हिरासत में ले लिया, जिसमें एक महिला भी शामिल है। इस मामले को लेकर एसडीएम अनुराग तिवारी का कहना है कि, जो लोग यहां आए थे, उनके पास जांच करने की कोई वैध अथॉरिटी नहीं थी। किसी अस्पताल के लाइसेंस या अन्य दस्तावेजों की जांच करने की एक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया होती है। यदि कोई शिकायत है, तो कलेक्टर महोदय या सीएमएचओ के समक्ष प्रस्तुत की जा सकती है। निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को इस तरह परेशान नहीं किया जा सकता, इसलिए उन्हें यहां से हटाकर हिरासत में लिया गया है।


