पटना। बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi के सरकारी आवास को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। सरकारी बंगले के आवंटन और खाली कराने के मुद्दे पर राज्य सरकार और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बीच टकराव की स्थिति बन गई है।
जानकारी के अनुसार, उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा नए सिरे से सरकारी आवासों का आवंटन किए जाने के बाद राबड़ी देवी को आवास खाली करने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद आवास खाली नहीं किए जाने पर पुलिस ने राबड़ी आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।
इस बीच राबड़ी देवी के पुत्र Tej Pratap Yadav और पुत्री Rohini Acharya ने सरकार के रुख का विरोध करते हुए खुली चुनौती दी। दोनों ने कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित है और परिवार दबाव में आने वाला नहीं है।
विवाद के बढ़ने के बाद प्रशासन की ओर से आवास खाली करने के लिए अतिरिक्त समय दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।
विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है, जबकि सरकार का कहना है कि आवास आवंटन और खाली कराने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार की जा रही है।सरकारी बंगले को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब बिहार की राजनीति में नया सियासी मुद्दा बन गया है, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं।


