राहुल गांधी द्वारा ग्रेट निकोबार परियोजना को ‘घोटाला’ करार दिए जाने के बाद इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। इस बयान पर राकेश कुमार सिंह भदौरिया (सेवानिवृत्त), जो भारतीय वायु सेना के पूर्व प्रमुख रह चुके हैं, ने कड़ा जवाब दिया है।समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में भदौरिया ने कहा कि वह इस बयान से काफी हैरान हैं और इस परियोजना को सही संदर्भ में समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रेट निकोबार परियोजना भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भदौरिया के अनुसार, इस क्षेत्र में मजबूत सैन्य और रणनीतिक उपस्थिति स्थापित करना देश की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए समुद्री मार्गों और जलडमरूमध्य का महत्व काफी बढ़ गया है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य का जिक्र किया और कहा कि यदि इस तरह के अहम समुद्री मार्ग बाधित होते हैं, तो वैकल्पिक रणनीतिक ठिकानों की जरूरत पड़ती है। उनके मुताबिक, ग्रेट निकोबार परियोजना ऐसी ही परिस्थितियों में भारत के लिए एक मजबूत विकल्प साबित हो सकती है।
भदौरिया ने यह भी कहा कि रक्षा और रणनीतिक दृष्टिकोण से इस परियोजना का विकास देश की दीर्घकालिक सुरक्षा नीति का अहम हिस्सा है, ऐसे में इसे केवल राजनीतिक नजरिए से देखना उचित नहीं है।गौरतलब है कि ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जहां एक ओर विपक्ष सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार और रक्षा विशेषज्ञ इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा अहम कदम बता रहे हैं।


