रियो डी जनेरियो: लैटिन अमेरिकी देश ब्राजील में कोरोना (Corona Virus) बेकाबू होता जा रहा है और राष्ट्रपति जायर बोल्सनारो (Jair Bolsonaro) अपनी ही धुन में मस्त हैं. रविवार को उन्होंने फिर सभी नियमों को धता बताते हुए एक रैली में हिस्सा लिया. यह रैली सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ आयोजित की गई, जिसमें बोल्सनारो से जुड़े एक मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं. राष्ट्रपति के इस तरह सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ सड़क पर उतरने को कानूनविद लोकतंत्र के लिए खतरनाक करार दे रहे हैं.
राष्ट्रपति पर आरोप है कि उन्होंने एक पुराने मामले में पुलिस जांच से अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को बचाने का प्रयास किया था. गत महीने यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और जांच के आदेश दिए गए. तभी से जायर बोल्सनारो और उनके समर्थक सुप्रीम कोर्ट को ही बंद करने की मांग कर रहे हैं.
रैली के दौरान, राष्ट्रपति ने जांच की निंदा करते हुए कहा है कि बेतुके आदेशों का पालन नहीं किया जाना चाहिए. साथ ही चेतावनी भी दी कि अदालत ब्राजील को राजनीतिक संकट में डाल सकती है. बोल्सनारो ब्रासीलिया में आयोजित रैली में शामिल होने के लिए सैन्य हेलीकॉप्टर से पहुंचे. रैली में शामिल प्रदर्शनकारी कोर्ट विरोधी नारे लगाते रहे. उनके हाथों में बैनर भी थे जिन पर लिखा था, ‘कांग्रेस और शीर्ष अदालत को बंद कर देना चाहिए’.
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सेल्सो डी मेलो (Celso de Mello) जो पूर्व न्यायमंत्री द्वारा राष्ट्रपति पर लगाये गए आरोपों की जांच कर रहे हैं, ने कहा कि ‘राष्ट्रपति के समर्थक एक सैन्य तानाशाही की मांग कर रहे हैं, जो कि लोकतंत्र के लिए खतरनाक है’. गौरतलब है कि पूर्व न्यायमंत्री का आरोप है कि बोल्सनारो ने निजी कारणों से कानून प्रवर्तन एजेंसी के कामकाज को प्रभावित करने का प्रयास किया था.
वहीं, बोल्सनारो ने कहा है कि उनका उद्देश्य लोकतांत्रिक है और उनके विरोधी उन्हें बाहर करने के प्रयासों में संविधान को रौंद रहे हैं. रैली में पहुंचने के बाद राष्ट्रपति ने अपने समर्थकों से हाथ मिलाया, जबकि कोरोना वायरस के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और हाथ मिलाने से बचने की सलाह दी गई है. इतना ही नहीं उन्होंने मास्क पहनना भी ज़रूरी नहीं समझा.

