President Rouhani says 35 million Iranians face virus infection | इस देश के 3.5 करोड़ लोग आ सकते हैं कोरोना की चपेट में, राष्ट्रपति ने किया आगाह

तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने शनिवार को कहा कि 3.5 करोड़ ईरानी कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं, क्योंकि देश के पास अभी तक सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता नहीं है. हालांकि देश की एक चौथाई आबादी कोरोना संक्रमित हो सकती है.

ऐसा लगता है कि ये पहली बार है कि किसी इतने बड़े ईरानी अधिकारी ने इशारा किया है कि देश सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता के जरिए कोरोना को मात देने की सोच रहा है. इस वायरस ने अब तक 5,88,000 लोगों की जान ली है और चीन में पिछले साल पहचान में आने के बाद से अब तक दुनियाभर के 14 मिलियन लोगों को संक्रमित कर चुका है.

ईरान कोविड 19 के साथ ये दूसरी लड़ाई लड़ रहा है. दो महीने बाद मई में संक्रमण प्रभावित और मौतों की संख्या में कमी आने के बावजूद अब इन आंकड़ों में फिर से बढ़ोतरी दिखाई दे रही है. 80 मिलियन की जनसंख्या वाले देश में कोरोना वायरस अब तक आधिकारिक रूप से 14000 लोगों को मौत दे चुका है और 2,69,400 लोग इसके संक्रमण का शिकार हो चुके हैं.

तेजी से बढ़ती मौतों की वजह से प्रशासन ने तुरंत सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में प्रतिबंधों को फिर से लागू कर दिया, जबकि पूरे देश भर में अप्रैल में ही इन प्रतिबंधों को हटा दिया गया था, तेहरान में भी शुक्रवार से एक हफ्ते के लिए बढ़ा दिया गया.

रूहानी ने एक ई-मीटिंग में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए बनाई गई टास्क फोर्स से कहा कि अनुमान के मुताबिक अब तक देश के करीब 25 मिलियन लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. 

हेल्थ मिनिस्ट्री की एक स्टडी का जिक्र करते हुए रुहानी ने कहा कि हमें लगता है कि 30 से 35 मिलियन और लोग इससे संक्रमित हो सकते हैं. ‘हमने अभी तक सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को हासिल नहीं किया है, और हमारे पास एकजुट रहने और कोरोना वायरस के प्रसार की कड़ी को तोड़ने के सिवा कोई और विकल्प नहीं है.’

रूहानी के डिप्टी हैड कम्युनिकेशन अलीरेजा मोइजी ने घंटों बाद ट्विटर पर लिखा कि 25 मिलियन वास्तव में वो लोग हैं जो कोरोना वायरस से जंग में जीत चुके हैं और उन्हें सम्पूर्ण प्रतिरोधक क्षमता हासिल हो चुकी है.

रूहानी ने ये भी कहा कि स्टडी के मुताबिक, हमें अस्पतालों में पिछले 5 महीनों में एडमिट हुए मरीजों के मुकाबले दोगुने मरीजों के लिए तैयारी करनी होगी. 

हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय अस्पतालों में एडमिट हुए कुल लोगों की संख्या नहीं बताता.

इस्लामिक रिपब्लिक फरवरी के बीच में कोराना का पहला केस मिलने के बाद से मध्य पूर्व में कोरोना की सबसे बड़ी मार से बचने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है. ईरान ने अगले महीने अर्थव्यवस्था को दोबारा खोलने के लिए प्रतिबंध हटाने से पहले पूरी तरह से लॉकडाउन लगाने से परहेज बरता, लेकिन स्कूल बंद कर दिए, लोगों के जमावड़े पर रोक लगा दी और मार्च में प्रांतों के बीच यात्रा करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था.

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