जबलपुर। वृंदावन में इमारत से गिरने के बाद जबलपुर निवासी और संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला गहराता जा रहा है। परिजन इसे आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं और किसी अप्रिय घटना की आशंका जताते हुए मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं।गौर क्षेत्र के परसवाड़ा गांव निवासी दीपक बचपन से ही पढ़ाई में होनहार थे। उनका सपना भारतीय सेना में जाकर देशसेवा करना था। उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ सेना की भर्ती के लिए भी प्रयास किया, लेकिन फिजिकल टेस्ट में अनफिट होने के बाद सरकारी सेवा में जाने का सपना अधूरा रह गया।परिजनों के मुताबिक, नर्मदा परिक्रमा के बाद दीपक वृंदावन में रहने लगे थे। वर्ष 2024 में प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर रसिक दुलारी शरण रख लिया और भक्ति में लीन हो गए। पूजा-पाठ में व्यवधान न हो, इसलिए उन्होंने मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी बंद कर दिया था।परिजनों का कहना है कि कई बार वृंदावन जाने के बावजूद उनकी दीपक से मुलाकात नहीं हो सकी। अब उनकी मौत की खबर के बाद परिवार वृंदावन पहुंचा है। मौत की परिस्थितियों को लेकर परिजनों के मन में कई सवाल हैं और वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।


