
प्रवासी मजदूरों की मौत पर सरकार के बयान के बाद राहुल गांधी का हमला. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मोदी सरकार (Modi Government) के उस जवाब पर तीखा हमला बोला है, जिसमें सरकार ने कहा था कि उसके पास प्रवासी मजदूरों की मौत (Migrant Deaths) पर कोई आंकड़ा नहीं है. संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन सोमवार को श्रम मंत्रालय ने लिखित जवाब में कहा था कि सरकार के पास लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों की मौत का आंकड़ा नहीं है, ऐसे में मुआवजे का सवाल नहीं उठता है. बता दें कि राहुल गांधी फिलहाल सोनिया गांधी के हेल्थ चेक-अप के लिए विदेश गए हुए हैं.
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राहुल गांधी सरकार की प्रतिक्रिया पर मंगलवार को एक ट्वीट में लिखा कि ‘मोदी सरकार नहीं जानती कि लॉकडाउन में कितने प्रवासी मज़दूर मरे और कितनी नौकरियां गयीं. तुमने ना गिना तो क्या मौत ना हुई? हां मगर दुख है सरकार पर असर ना हुई, उनका मरना देखा ज़माने ने, एक मोदी सरकार है जिसे ख़बर ना हुई.’
मोदी सरकार नहीं जानती कि लॉकडाउन में कितने प्रवासी मज़दूर मरे और कितनी नौकरियाँ गयीं।
तुमने ना गिना तो क्या मौत ना हुई?
हाँ मगर दुख है सरकार पे असर ना हुई,
उनका मरना देखा ज़माने ने,
एक मोदी सरकार है जिसे ख़बर ना हुई।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 15, 2020
बता दें कि सोमवार को सरकार से पूछा गया था कि क्या सरकार के पास अपने गृहराज्यों में लौटने वाले प्रवासी मजदूरों का कोई आंकड़ा है? विपक्ष ने सवाल में यह भी पूछा था कि क्या सरकार को इस बात की जानकारी है कि इस दौरान कई मजदूरों की जान चली गई थी और क्या उनके बारे में सरकार के पास कोई डिटेल है? साथ ही सवाल यह भी था कि क्या ऐसे परिवारों को आर्थिक सहायता या मुआवजा दिया गया है? इसपर केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने अपने लिखित जवाब में बताया कि ‘ऐसा कोई आंकड़ा मेंटेन नहीं किया गया है. ऐसे में इसपर कोई सवाल नहीं उठता है.’
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मार्च में मोदी सरकार की ओर से सख्त लॉकडाउन लगाए जाने के बाद से ही राहुल गांधी प्रवासी मजदूरों के मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर हैं. कोरोनावायरस के चलते लगाए गए इस लॉकडाउन में देशभर में लाखों मजदूर अपने रोजगार और कुछ-कुछ तो घर भी हाथ से धो बैठे थे, जिसके बाद उन्होंने अपने गृहराज्य लौटना शुरू किया था. इस दौरान सैकड़ों मील चले कई मजदूरों की या तो भूख-प्यास से मौत हो गई थी फिर कुछ सड़क हादसों में मारे गए थे.
विपक्ष ने ऐसे परिवारों के मुआवजे को लेकर संसद में यह मुद्दा उठाया है, लेकिन सरकार का कहना है कि चूंकि उसके पास प्रवासियों के मौत का कोई आंकड़ा नहीं है, ऐसे में ‘मुआवजे का सवाल नहीं उठता है.’
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