कोरोना के कारण इस बार नवरात्र पर्व पर दंतेश्वरी मंदिर में पूरे 9 दिनों का हवन नहीं हुआ। 9 दिनों तक विधि विधान से पूजा हुई, लेकिन अष्टमी व नवमीं को ही एक ही हवन कुंड में मंदिर के पुजारियों ने हवन में आहुतियां डालीं। नवरात्र के आखरी दिन गुरुवार को मास्क लगाकर मंदिर के सेवादार, पुजारी बैठे व क्षेत्र की शांति के लिए हवन किया। हवन के लिए बैठे सेवादारों, पुजारियों ने भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया।
दंतेश्वरी मंदिर में बने 9 हवन कुंड में से 8 कुंड पहली बार खाली रहे। सिर्फ एक ही कुंड में पुजारियों ने घंटेभर में हवन को पूरा किया, जबकि हर साल नवरात्र पर हवन में आहुतियां डालने श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती थी। 4-5 घंटे हवन चलता था, लेकिन इस बार कोरोनाबंदी के कारण ऐसा नहीं हो सका। हवन के बाद कन्या भोज भी कराया गया। इस भोज में भी सोशल डिस्टेंसिंग का बच्चों ने पालन किया। पूरे नौ दिनों तक मंदिर परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी विजेंद्रनाथ जिया ने बताया कि कोरोना के कारण श्रद्धालुओं के लिए मंदिर को बंद रखा गया, लेकिन पूरे विधान से 9 दिनों तक पूजा हुई। नौ दिनों की बजाए सिर्फ दो दिन ही हवन रखा गया। आखरी दिन समिति के लोगों की संख्या ज्यादा थी, ऐसे में सभी ने मास्क लगाकर हवन का निर्णय लिया।
बच्चे भी मास्क लगाकर पहुंचे : कोरोना का खतरा बच्चों व बुजुर्गों को ज्यादा है। ऐसे में मंदिर समिति से जुड़े सेवादार के साथ पहुंचे बच्चों ने भी मास्क लगाया हुआ था। अपने पिता के साथ मंदिर पहुंचे 2 साल का बच्चा भी मास्क लगाया हुआ था।
दंतेवाड़ा। मास्क लगाकर हवन करते पुजारी।
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