Raipur News: छत्तीसगढ़ में देशी के बाद विदेशी शराब दुकान खोलने की भी तैयारी, तेज हुई सियासत

छत्तीसगढ़ में विदेशी शराब की दुकानें खोलने की तैयारी पर सियासत तेज.

छत्तीसगढ़ में विदेशी शराब की दुकानें खोलने की तैयारी पर सियासत तेज.

Corona Politics: छत्तीसगढ़ में कोरोना लॉकडाउन के बीच ऑनलाइन शराब बिक्री की अनुमति के बावजूद खुल रही हैं दुकानें. अब विदेशी शराब की दुकान खोलने की तैयारी को लेकर तेज हुई राजनीति.

रायपुर. छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन शराब बिक्री का फॉर्मूला कटघरे में है. ऑनलाइन शराब बिक्री के बावजूद देसी शराब की दुकानें खुल चुकी हैं और अब विदेशी शराब की दुकानों को भी पहले की ही तरह खोलने की तैयारी है. इसको लेकर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है. प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा शराब की दुकानें खोलने और शराबबंदी को लेकर राज्य सरकार पर हमलावर है.

कहा जा रहा है कि लॉकडाउन सरकार के लिए ऐसा मौका था, जब शराबबंदी की ओर कदम बढ़ाया जा सकता था, लेकिन शराब की डिलिवरी जारी रही. कोरोना संक्रमण के बीच पहले ऑनलाइन शराब की बिक्री शुरू की गई और देसी शराब की दुकानें भी खुल गईं. आलम ये रहा कि दुकानें खुलने के पहले ही दिन राज्य में 17 करोड़ की शराब बिक गई. इसके बाद अब विदेशी शराब की दुकानें खोलने की तैयारी है. सरकार को राजस्व का बड़ा हिस्सा शराब से आता है, इसलिए माना जा रहा है कि राजकोष खाली होने के बाद सरकार दुकानें खोलने पर मजबूर है. इधर, कांग्रेस के शराबबंदी के वादे को याद दिलाकर बीजेपी ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है.

प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता गौरीशंकर श्रीवास का कहना है कि लॉकडाउन के बाद राज्य सरकार शराब बेचकर पैसे कमाना चाहती है, उसे आम लोगों की चिंता नहीं है. लॉकडाउन के दौरान सरकार को शराबंबदी के कई मौके मिले. शराबबंदी के लिए कमेटी भी बनाई गई, लेकिन कमेटी इस मसले को लेकर क्या अध्ययन करेगी ये समझ से परे है. ऐसी परिस्थितियां प्रदेश में भी बनी थी, जिससे सीख लेकर शराबबंदी की जा सकती थी, लेकिन सरकार ने ये मौका गंवा दिया.

भाजपा के आरोपों पर सत्तारूढ़ कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता विकास तिवारी का कहना है कि सरकार चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन में बाजारों को खोलने की अनुमति दे रही है. इसी क्रम में शराब की दुकानें भी खोली जा रही हैं. उन्होंने कहा कि 15 सालों की रमन सरकार में लोगों को शराब की लत लग गई है. इसलिए उन्हें मजबूरन शराब दुकानें खोलनी पड़ रही है.








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