- महानदी के पाल कछार में ग्राम परसापाली, डोंगरीडीह, डोंगरा, तिल्दा व लाटा के 422 एकड़ में तरबूज की फसल
- 132 किसानों ने की है तरबूज की फसल, इस साल 10 हजार टन के लगभग हुई फसल, कीमत 10 करोड़ से अधिक
दैनिक भास्कर
Apr 01, 2020, 01:28 PM IST
लवन. लवन से लगे महानदी के पाल कछार में ग्राम परसापाली, डोंगरीडीह, डोंगरा, तिल्दा व लाटा के लगभग 422 एकड़ क्षेत्रफल में 132 किसानों ने तरबूज की फसल लगाई है। इस वर्ष 10 हजार टन के लगभग फसल हुई है, जिसकी कीमत ₹10 करोड़ से अधिक है।कोरोना वायरस संक्रमण के भय के चलते तरबूज के परिवहन के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई। उल्लेखनीय है कि भास्कर ने 27 मार्च को क्षेत्र के किसानों की इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। हालांकि कलेक्टर कार्तिकेय गोयल ने भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद किसानों से इसका परिवहन करने को कहा पर इतनी बड़ी मात्रा में परिवहन के साधन किसानों के पास न होने से 5 दिन में सिर्फ 5 लाख का ही तरबूज बिक सका है, जबकि 9.30 करोड़ का तरबूज नदी के किनारे रखा-रखा खराब हो रहा है। किसान इसकी दिन रात रखवाली कर रहे हैं।
- ये है किसानों की मांग : किसानों की मांग है कि तरबूज फल को सरकार सीधी खरीदी करे एवं कोल्ड स्टोर में रखे, साहूकार का कर्ज अथवा लागत मूल्य का किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
- बाहरी दलाल गायब हो गए : तरबूज फसल के बीज किसान कसडोल अथवा रायपुर के व्यापारियों से लेते हैं और उसी समय तरबूज की फसल के लिए सौदा करते हैं लेकिन इस वर्ष हालात को देखते हुए बाहर देश व विदेश तक ले जाने वाले दलाल अथवा तरबूज के खरीदारों का अता पता नहीं है।
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