Raipur News In Hindi : Naxalite challenge could not stop the work of these 3 roads, but now due to corona brake | नक्सली चुनौती नहीं रोक पाई इन 3 सड़कों का काम लेकिन अब कोरोना के कारण लगा ब्रेक

  • विकास का काम रुका, जवानों की निगरानी में बनने वाली सड़क का काम थमा
  • दंतेवाड़ा की ये 3 प्रमुख सड़कें, जहां जवानों को मिलती है सबसे ज्यादा चुनौती 

दैनिक भास्कर

Apr 04, 2020, 06:24 PM IST

दंतेवाड़ा. नक्सलियों के कब्जे वाले इलाके में बन रही सड़कों के काम को तमाम कोशिशों के बाद भी नक्सली नहीं रोक पाए। हर घटनाओं के बाद नक्सलियों को जवाब देने हमारे जवान पूरी मजबूती के साथ फिर से मैदान में उतरे और काम शुरू करवाया। लेकिन कोरोना के कारण सड़क निर्माण का काम रोकना पड़ गया। जिले की 3 सड़कें ऐसी हैं जहां सीआरपीएफ, डीआरजी, सीएएफ, एसटीएफ जवानों की बड़ी संख्या में मौजूदगी के बीच सड़क निर्माण का काम हो पाता है। 

पीडब्ल्यूडी के एसडीओ एमके भौर्य ने कहा कि लॉकडाउन के कारण सभी काम बंद हैं। नक्सल घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों के सहयोग से काम शुरू किया गया था। जैसे ही कोरोना लॉकडाउन खत्म होकर स्थिति सामान्य होती है उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश के अनुरूप फिर से काम शुरू किया जाएगा।

20 साल से बंद रास्ते को खोलना सबसे बड़ी चुनौती 

20 सालों से बंद रास्ते को खोलने वाली ये सबसे चुनौती वाली सड़क है। यह 5 जिलों की सीमाओं और इनके कई गांवों को जोड़ेगी। पुसपाल से बोदली के बीच सड़क निर्माण काम चल रहा था। इस निर्माण में सुरक्षा देने पुसपाल से सीआरपीएफ, बोदली से डीआरजी, एसटीएफ व सीएएफ के 150 से ज्यादा जवान हर दिन निकलते हैं। सड़क निर्माण काम में लगे 9 वाहनों में आगजनी, ब्लास्ट में 3 जवानों की शहादत, एक जवान व 2 मजदूर घायल, 20 से ज़्यादा आईईडी बरामद हुई। यहां के कैंपों में नक्सलियों ने हमला भी किया। लेकिन जवानों का मनोबल कम नहीं हुआ व नक्सलियों से मिल रही चुनौती के बीच भी काम चलता रहा। नक्सल घटना के बाद जिस रफ्तार से अब काम की दोबारा शुरुआत हुई थी, दावा था कि 31 मई तक काम पूरा हो जाएगा।

13 किमी सड़क के नीचे दबे हैं 12 से ज्यादा आईईडी

नक्सलगढ़ में बन रही करीब 13 किमी की इस सड़क के नीचे दबे 12 से ज्यादा आईईडी बम बरामद किए जा चुके हैं। एक जवान घायल भी हुआ है। इसके बाद भी सड़क बनाने जवान डटे रहे। इनकी मौजूदगी में इतनी तेजी से काम हुआ कि ढाई महीने के अंदर 6 किमी सड़क भी बन गई। अभी काम रुका है, लेकिन इसका कारण नक्सल भय नहीं बल्कि कोरोनाबंदी है। सड़क निर्माण से बौखलाए नक्सली कई जगहों से इसे काट दिया है।

सड़क के नीचे से अबतक 250 आईईडी बरामद

दो जिलों को जोड़ने वाली इस सड़क को बनाते समय 250 से ज्यादा आईईडी बरामद हुई। आज भी इलाके में आईईडी बरामद होती है। जवान स्पाइक होल्स की चपेट में आते बचे हैं। नक्सली कई बार कैंप पर अटैक की कोशिश कर चुके हैं। एक जवान कमल की शहादत भी हुई है। सड़क सुरक्षा देते समय जवान घायल भी हुए हैं। इसके बाद भी जवान पीछे नहीं हटे, बल्कि नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। जोड़ा नाला तक सड़क भी बनी। इसके बाद से जगरगुंडा तक करीब 8 किमी विभाग के ढीले रवैये से भले ही काम रुका पड़ा है। लेकिन अब टेंडर के बाद काम दोबारा शुरू कराने की तैयारी की जा रही थी। कोरोना के कारण यह नहीं हुआ।

जानिए… तीनों को बनाने में कितना नुकसान हुआ 

  • तीनों सड़क बनाते वक्त मिली आईईडी: करीब 300
  • घायल जवान: 5
  •  शहीद जवान: 4
  •  घायल मजदूर: 2
  • अब तक बनी सड़क: 27 किमी

(तीनों सड़कों को मिलाकर)


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