Rajasthan Political crisis: Sachin Pilot and other Congress rebels Takes Congress To Court, 10 points – राजस्‍थान की सियासत की जंग को हाईकोर्ट तक लेकर पहुंचे पिटीशनर नंबर 7 सचिन पायलट, 10 बातें..

राजस्‍थान की सियासत की 'जंग' को हाईकोर्ट तक लेकर पहुंचे पिटीशनर नंबर 7 सचिन पायलट, 10  बातें..

कांग्रेस नेतृत्‍व के सचिन पायलट को मनाने के अब तक सारे प्रयास विफल हुए हैं


राजस्‍थान का सियासी संकट आज उस समय और गहरा गया जब सचिन पायलट और कांग्रेस के अन्‍य बागियों ने उन्‍हें विधायक के तौर पर अयोग्‍य घोषित किए जाने के किसी कदम के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली. कोर्ट में सचिन पायलट की ओर से वकील हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी पैरवी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सदन से बाहर हुई कार्यवाही के लिये अध्यक्ष नोटिस जारी नहीं कर सकते. फिलहाल सुनवाई टल गई है.

राजस्‍थान के सियासी संकट से जुड़ी 10 बातें..

  1. मामले का कोर्ट में पहुंचना कांग्रेस और सचिन पायलट के बीच बढ़ती दरार का दर्शाता है. अब याचिकाकर्ता नंबर 7 यानी पायलट बगावत का बिगुल बजाने के बाद से अपने साथी करीब 20 विधायकों के साथ दिल्‍ली में जमे हुए हैं. कांग्रेस ने एसएमएस, व्हाट्सएप, ईमेल और पोस्ट के माध्यम से नोटिस भेजे.

  2. यही नहीं, राजस्थान में बागियों के घरों के बाहर दीवारों पर हिंदी और अंग्रेजी में चिपकाए गए दस्तावेजों से यह सुनिश्चित किया कि वे संदेश प्राप्त करें.

  3. हाईकोर्ट में सचिन पायलट की ओर से वकील हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी पैरवी कर रहे हैं जबकि कांग्रेस ने अपने सबसे तेज कानूनी विशेषज्ञों में से एक अभिषेक मनु सिंघवी को मैदान में उतारा है.

  4. राजस्थान हाईकोर्ट में सचिन पायलट (Sachin Pilot) खेमे की याचिका पर सुनवाई टल गई है. पायलट कैंप की यह मांग है कि डबल बेंच मामले की सुनवाई करे. अब राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बेंच बनाएंगे.

  5. राजस्थान कांग्रेस के बागी विधायकों (Rebel MLAs) को अयोग्यता नोटिस (Disqualification Process) भेजे जाने का मामला राजस्थान हाईकोर्ट में पहुंचा है. कोर्ट में सचिन पायलट की ओर से वकील हरीश साल्वे ने कहा कि सदन से बाहर हुई कार्यवाही के लिये अध्यक्ष नोटिस जारी नहीं कर सकते और नोटिस की संवैधानिक वैधता नहीं है. 

  6. कांग्रेस ने बीजेपी पर पायलट और अन्‍य बागी विधायकों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है. उसने बीजेपी पर सरकारी एजेंसियों के जरिये गहलोत सरकार को अस्थिर करने का आरोप भी लगाया है. यह जिक्र करते हुए पार्टी ने सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दो सहयोगियों के ठिकानों पर कर छापे का उल्लेख किया.

  7. यदि बागी विधायको को अयोग्‍य घोषित किया जाता है तो बहुमत साबित करने के लिए विधायकों की संख्‍या का आंकड़ा कम हो जाएगी. इससे सीएम गहलोत की राह और आसान हो जाएगी क्‍योंकि उन्‍हें ‘सामान्‍य स्थिति’ की तुलना में और कम विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी.

  8. कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि सप्ताहांत में, प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने पायलट को तीन बार फोन किया लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका.

  9. कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि “सरकार के लिए खतरे का स्तर इस समय नीचे है.” सीएम के तौर पर गहलोत के लिए अभी खतरे जैसी स्थिति नजर नहीं आ रही. इस बात को गहलोत की ओर से पायलट पर निशाना साधने से भी समझा जा सकता है. पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने भी कहा कि वह सुलह चाहता है.  

  10. सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी अभी भी पायलट को पार्टी में बनाए रखने के लिए उत्सुक हैं और उन्होंने गहलोत को बयानबाजी कम करने का कहा है.इससे पहले पायलट के प्रति सख्‍त रुख अपनाते हुए कांग्रेस ने उन्‍हें उप मुख्‍यमंत्री और राज्‍य कांग्रेस अध्‍यक्ष के पद से बर्खास्‍त कर दिया था. उनके दो विश्‍वस्‍तों को भी मंत्री पद से हटा दिया गया था.


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here