
भारत ने चीन के मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ के उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है, जिसमें यह कहा गया था कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) बुधवार को मॉस्को में अपने चीनी समकक्ष से मिल सकते हैं. रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मॉस्को में चीन के रक्षा मंत्री के साथ मुलाकात नहीं करेंगे. बता दें कि लद्दाख में चीन के साथ तनातनी के बीच ये खबर आई थी. मालूम हो कि बीते सोमवार को लद्दाख के गलवान घाटी में हुई हिंसा के बाद से दोनों देशों के बीच मंत्रिस्तरीय यह पहली बैठक होगी. गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुए हिंसक झड़प में कर्नल समेत सेना के 20 जवानों की जान चली गई थी. साथ ही 70 से अधिक जवान घायल हो गए थे.
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बता दें कि रूस ने भारत और चीन के बीच जारी विवाद में किसी भी तरह की मध्यस्थता से पहले ही इनकार कर दिया है. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Russian Foreign Minister Sergei Lavrov) ने मंगलवार को RIC (रूस-भारत-चीन) के विदेश मंत्रियों की वर्चुअल मीटिंग में कहा, ‘भारत और चीन (India and China) को दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे मुद्दों को सुलझाने में बाहरी मदद की ज़रूरत नहीं है.’
रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि भारत और चीन को बाहर से किसी तरह की मदद की जरूरत है. मुझे नहीं लगता कि उन्हें मदद करने की जरूरत है, खासकर जब देश का मुद्दा आता है.”
बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय रूस यात्रा पर सोमवार को रवाना हुए थे. वह द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर सोवियत विजय की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य सैन्य परेड में हिस्सा लेने रूस पहुंचे हैं. रक्षा मंत्री रूस के उच्च अधिकारियों के साथ दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने को लेकर कई बैठकें भी करेंगे. कोरोना महामारी के मद्देनजर चार महीने तक यात्रा पर लगे प्रतिबंध के बाद किसी वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री की यह पहली विदेश यात्रा है.
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