Russia issued strong warning to Turkey-Azerbaijan spreading Islamic terrorism | इस्लामिक आतंकवाद पर अब होगा ‘सुपर प्रहार’, रूस ने इन देशों को दी चेतावनी

नई दिल्ली: आर्मेनिया-अजरबैजान (Armenia-Azerbaijan) के बीच भीषण युद्ध जारी है. इसी बीच रूस (Russia) को इस बात की खबर लग चुकी है कि सीरिया से भेजे गए आतंकवादी नागोर्नो-काराबाख के रास्ते रूस में एंट्री ले सकते हैं. इस खुफिया रिपोर्ट के सामने आते ही रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन ने इस्लामिक आतंकवादियों को सबसे बड़ी चेतावनी जारी की है. 

तुर्की पर आरोप है कि उसने अपने पैसों के दम पर सीरिया के आतंकवादियों को अजरबैजान की तरफ से लड़ाई लड़ने के लिए युद्ध क्षेत्र में भेजा है. आर्मेनिया के मित्र देश रूस की इंटेलीजेंस को इस्लामिक आतंकवाद की इस इंटरनेशनल साजिश की पूरी जानकारी है.

रूस के फॉरेन इंटेलिजेंस सर्विस के प्रमुख सर्गेई नार्य स्किन का कहना है कि युद्ध क्षेत्र में जो भाड़े के सैनिक आ रहे हैं. वे मिडिल ईस्ट के आतंकवादी हैं. रूस पहले से ही हजारों आतंकवादियों से जूझ रहा है. अब काराबाख युद्ध में पैसा कमाने की उम्मीद करते हुए कई और आतंकवादी भी कूद पड़े हैं.

रूस के फॉरेन इंटेलिजेंस सर्विस के चीफ ने इसके साथ ही ये अंदेशा भी जताया कि दक्षिण काकेशस क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों के लिए एक नया लॉन्च पैड बन सकता है. जहां से ये आतंकवादी आसानी से रूस में प्रवेश कर सकते हैं.

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस साज़िश पर गहरी चिंता जताई. वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी इंटेलीजेंस रिपोर्ट देखने के बाद आतंकियों की नींद उड़ाने वाली घोषणा की. उन्होंने खुलकर आर्मेनिया का साथ देने का ऐलान कर दिया.

पुतिन ने कहा कि बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि शत्रुता आज भी जारी है. लेकिन ये युद्ध आर्मेनिया के क्षेत्र में नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा कि जहां तक रूस और आर्मेनिया के सैन्य समझौतों की बात है तो रूस ने अपना दायित्व हमेशा पूरा किया है और आगे भी करेगा. उनके इस बयान को अजरबैजान-तुर्की समेत दुनिया के लिए बड़ा संदेश माना जा रहा है.

रूस के रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक रूस कभी भी अपने पड़ोस में इस्लामिक आतंकवादियों का लॉन्च पैड नहीं बनने देगा. ऐसे में वह हर हाल में आर्मेनिया का साथ देगा.  इस्लामिक आतंकवाद की साजिश पर वह तुर्की से बदला भी ले सकता है. दरअसल आर्मेनिया-अजरबैजान की लड़ाई में इस्लामिक आतंकवाद का जहर घोलने वाले देश तुर्की से रूस बहुत नाराज है. 

रूस के साथ ही अब ईरान ने भी बड़ी चेतावनी जारी की है. ईरान की सीमा अजरबैजान और आर्मेनिया से लगती है. ऐसी खबरें हैं कि लड़ाई के दौरान कुछ गोले और रॉकेट ईरान की सीमा में उसके गांवों में भी गिरे हैं. इसके बाद ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बयान जारी किया है. ईरान ने कहा कि हमारी प्राथमिकता हमारे शहरों और गांवों की सुरक्षा है. यदि ईरान की मिट्टी पर गलती से भी मिसाइल या गोले गिरे तो ये उन्हें मंजूर नहीं होगा और उसका भरपूर जवाब दिया जाएगा. ईरान ने सीमा पर अपनी सेनाओं को भी अलर्ट कर दिया है.

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