
नई दिल्ली:
चीन और भारत के बीच पूर्वी लद्दाख में हुई सैन्य झड़प के बाद दोनों देश क्षेत्र में शांति बहाल करने और अपनी सेनाओं को पीछे हटाने पर सहमत हुए हैं. इस बीच, एनडीटीवी को मिली सैटेलाइट तस्वीरों से यह साफ दिख रहा है कि चीन ने गलवान में नदी के मोड़ पर निर्माण किया है. यह नदी एलएसी से होकर गुजरती है और इसका बहाव भारतीय क्षेत्र में है. ये तस्वीरें 22 मई से 26 जून के बीच की हैं.
यह निर्माण गलवान नदी के तटबंध समेत भारतीय सेना के पेट्रोलिंग प्वाइंट के करीब किया गया है. इस प्वाइंट का नाम पेट्रोल प्वाइंट 14 (PP-14) है. जहां पर चीनी और भारतीय जवानों के बीच 15 जून को झड़प हुई थी. इस झड़प में एक कर्नल समेत भारतीय सेना के 20 जवानों की मौत हो गई थी। भारत का मानना है कि चीन की सेना के एक कर्नल समेत कम से कम 45 जवान भी मारे गए थे.
व्यापक रूप से कहा जाता है कि गलवान नदी के मोड़ पर तटबंध भारतीय क्षेत्र में आता है. दूसरे शब्दों में कहे तो यह स्पष्ट रूप से चीनी सेना की घुसपैठ है. गूगल अर्थ प्रो पर एलएसी को दर्शानी वाली रेखा की माने तो चीन के सैनिकों ने 137 मीटर तक घुसपैठ की है. हालांकि, लद्दाख में एलएसी को वास्तविक रूप से परिसीमन नहीं किया गया है कि क्षेत्र में घुसपैठ हुई है या नहीं यह एक विवाद का विषय है.
हालांकि, जो स्पष्ट है वह यह है कि भारतीय सेना दशकों से तटबंध इलाके तक गश्त करती रही है. गलवान बेसिन में चीन की निर्माण गतिविधि से अब यह संभव नहीं लगता है.
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