छतरपुर।* थाना बमीठा क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहाँ एक युवक की हाथ-पैर काटकर बेरहमी से हत्या करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। मृतक की पहचान राजू पाल के रूप में हुई है, जिसका शव चार दिन बाद 60 किलोमीटर दूर मृत अवस्था में मिला है। इस मामले में परिजनों ने सीधे तौर पर मध्य ग्रामीण बैंक, बमीठा में पदस्थ चपरासी सत्यम शुक्ला पर हत्या का आरोप लगाया है।परिजनों का कहना है कि सत्यम शुक्ला वर्तमान में राजनगर से विधायक अरविंद पटेरिया का निजी ड्राइवर भी है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि विधायक के रसूख के चलते पुलिस इस मामले में 302 [हत्या] की FIR दर्ज नहीं कर रही है और आरोपी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।*क्या है पूरा मामला?*प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक राजू पाल और आरोपी सत्यम शुक्ला के बीच पहले से विवाद था। परिजनों का आरोप है कि घटना से 5 दिन पहले सत्यम शुक्ला बैंक में आया और राजू पाल का कॉलर पकड़कर उसे खुलेआम जान से मारने की धमकी दी थी। इस पूरी घटना का वीडियो भी परिजनों के पास मौजूद होने का दावा किया गया है।इसके कुछ दिनों बाद राजू पाल अचानक लापता हो गया। परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। चार दिन बाद उसका शव 60 किलोमीटर दूर क्षत-विक्षत अवस्था में मिला, उसके दोनों हाथ कटे हुए थे। परिजनों का आरोप है कि राजू पाल के हाथ-पैर काटकर उसकी हत्या की गई है।*पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल*इस जघन्य हत्याकांड के बाद सबसे बड़ा सवाल स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर उठ रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे लगातार थाना बमीठा के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन प्रशासन सुनने के मूड में नहीं है।परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस का कहना है कि “यह 302 का मामला नहीं है, क्योंकि किसी व्यक्ति के दोनों हाथ कटे मिले हैं तो यह हत्या नहीं है” – पुलिस का यह तर्क समझ से परे है।परिजनों का यह भी आरोप है कि आरोपी सत्यम शुक्ला को पिछले 2 दिन से थाने में बैठाकर रखा गया है, लेकिन न तो उसका चालान पेश किया जा रहा है और न ही उसके खिलाफ 302 की FIR दर्ज की जा रही है। परिजनों का कहना है कि बमीठा टीआई की मिलीभगत से यह सब हो रहा है और विधायक अरविंद पटेरिया के दबाव में पुलिस सत्यम शुक्ला के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज नहीं कर रही है, बल्कि उसे सुरक्षा देने का काम कर रही है।*राजनगर क्षेत्र में बढ़ते अपराध पर आक्रोश*परिजनों और स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि पिछले कुछ समय से राजनगर क्षेत्र में लगातार हत्याएं हो रही हैं और ये सभी हत्याएं विधायक अरविंद पटेरिया के संरक्षण में हो रही हैं। बमीठा पुलिस पर विधायक के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया जा रहा है।पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, वीडियो फुटेज को साक्ष्य के रूप में लिया जाए और आरोपी सत्यम शुक्ला के खिलाफ 302 के तहत FIR दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाए। साथ ही परिवार ने मामले की CBI या SIT जांच की भी मांग उठाई है ताकि विधायक के दबाव से मुक्त होकर न्याय मिल सके।फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है। अब देखना यह होगा कि क्या उच्च अधिकारी इस मामले में संज्ञान लेकर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाते हैं या यह मामला भी रसूख के दबाव में दब कर रह जाएगा।


