दतिया में बिजली के तारों की सनसनीखेज चोरी: मास्टरमाइंड संजीव पुरोहित की तलाश तेज, कबाड़ी की दुकान से मिला माल

दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में इन दिनों चोरों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी बानगी कोतवाली पुलिस द्वारा हाल ही में किए गए एक सनसनीखेज खुलासे से मिलती है। हालांकि पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 क्विंटल हाईटेंशन बिजली के तारों के साथ छह आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, लेकिन इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस अब फरार मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही है और ठोस साक्ष्य जुटाने में जुटी है।

क्या था पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा?

घटना की शुरुआत 23 सितंबर की रात को हुई। दतिया के झांसी रोड स्थित शिव-पार्वती विवाह वाटिका के पीछे एक खाली प्लॉट में 33 केवी हाईटेंशन लाइन के करीब 5 क्विंटल वजनी बिजली के कीमती तार रखे हुए थे। शातिर चोरों ने सुनियोजित तरीके से इस भारी-भरकम सरकारी व निजी संपत्ति को निशाना बनाया और रात के अंधेरे में तारों को चुराकर रफूचक्कर हो गए।चोरी की इस बड़ी घटना की भनक लगते ही हड़कंप मच गया। इसके बाद 26 सितंबर को थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत मिलते ही दतिया कोतवाली पुलिस हरकत में आई और इसे एक बड़ी चुनौती के रूप में लेते हुए मामले की तहकीकात शुरू कर दी।

सीसीटीवी फुटेज और तकनीक बनी खुलासे की कुंजी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान एक काले रंग की ब्रेजा कार संदिग्ध परिस्थितियों में बार-बार घूमती हुई नजर आई। पुलिस ने इसी कार को मुख्य सुराग बनाया और तकनीकी सर्विलांस तथा मुखबिर तंत्र की मदद से कार के आने-जाने का पूरा रूट मैप तैयार किया।रूट मैप और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने दतिया के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी।

इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों अमित पाठक उर्फ अक्कू, राजा यादव, संजू उर्फ संजीव पटवा और सुनील वर्मा को दबोच लिया। जब पुलिस ने इनसे कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने चोरी की इस वारदात को अंजाम देने की बात कबूल कर ली।

34 हजार रुपए में कबाड़ी को बेचे गए थे तार

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने चोरी किए गए 5 क्विंटल हाईटेंशन तारों को दतिया के छल्लापुरा इलाके में रहने वाले कबाड़ी विवेक अहिरवार को महज 34 हजार रुपए में बेच दिया था। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने छल्लापुरा स्थित कबाड़ी के गोदाम पर छापा मारा, जहां से चोरी गया पूरा माल (बिजली के तार) सकुशल बरामद कर लिया गया।इस खुलासे के बाद पुलिस ने कबाड़ी विवेक अहिरवार और उसके एक अन्य साथी मुकुल जाटव को भी गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई ब्रेजा कार और एक मैगनेट (चुंबक) भी जब्त कर ली है। सभी छह गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।मास्टरमाइंड संजीव पुरोहित की तलाश में जुटी पुलिसभले ही पुलिस ने इस गिरोह के छह गुर्गों और कबाड़ी को दबोचकर माल बरामद कर लिया हो, लेकिन इस पूरी वारदात का असली ‘दिमाग’ यानी मास्टरमाइंड अभी भी कानून की पकड़ से बाहर है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस चोरी के पूरे षड्यंत्र के पीछे उनाव रोड निवासी संजीव पुरोहित का नाम मुख्य रूप से सामने आ रहा है, जिसे इस घटना का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।संजीव पुरोहित घटना के बाद से ही फरार चल रहा है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद इस बात का भी खुलासा हो सकता है कि इस सिंडिकेट के तार जिले के अन्य चोरी मामलों से जुड़े हैं या नहीं। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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