दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले के इंदरगढ़ नगर में इन दिनों स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद की कथित कार्यप्रणाली के खिलाफ जनता का असंतोष चरम पर है। सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने विधायक घनश्याम सिंह और पूर्व विधायक राधेशलाल बघेल के नेतृत्व में एक विशाल रैली निकाली और नगर परिषद कार्यालय का जोरदार घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने परिषद के मुख्य द्वार पर तालाूबंदी कर भाजपा सरकार और नगर परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस आंदोलन के जरिए कांग्रेस ने साफ कर दिया कि यदि आम जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन का सामना प्रशासन को करना पड़ेगा।तीन साल बाद भी कागजों में अटका बाईपास, जाम से कराह रहा शहरआंदोलन के दौरान मुख्य आकर्षण और सबसे बड़ा मुद्दा इंदरगढ़ का बहुप्रतीक्षित बाईपास मार्ग रहा। विधायक घनश्याम सिंह ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि शहर को ट्रैफिक जाम की विकराल समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए बाईपास की मांग लंबे समय से की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि तीन साल पहले इसके निर्माण की घोषणा भी हो चुकी है, लेकिन आज तक धरातल पर एक ईंट भी नहीं रखी गई है।
नतीजतन, शहर के मुख्य मार्गों पर हर दिन लगने वाले जाम से आम नागरिक, स्कूली बच्चे और व्यापारी त्रस्त हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण इंदरगढ़ के विकास की गति पूरी तरह ठप पड़ गई है।कमीशनखोरी और दलाली के लग रहे हैं गंभीर आरोपप्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने नगर परिषद में व्याप्त भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी पर कड़े सवाल खड़े किए। विधायक घनश्याम सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि चूंकि नगर परिषद में भाजपा का अध्यक्ष है, इसलिए यहां विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति और सरकारी धन की लूट मची हुई है।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बेहद घटिया है, जिससे कुछ ही महीनों में सड़कें और नालियां उखड़ने लगी हैं। शहर में जलभराव और बेहिसाब गंदगी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है, लेकिन परिषद के नुमाइंदे अपनी तिजोरियां भरने में व्यस्त हैं।अतिक्रमण कार्रवाई पर दोहरी नीति का आरोप: गरीबों पर डंडा, दबंगों को संरक्षणपूर्व विधायक राधेशलाल बघेल ने प्रशासन और नगर परिषद पर मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने ग्वालियर चौराहे पर हाल ही में हुई अतिक्रमण कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि प्रशासन की नीति पूरी तरह पक्षपातपूर्ण है। गरीब, ठेले वाले और छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी को पलभर में उजाड़ दिया जाता है, जबकि रसूखदार और दबंग लोग सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे जमाकर बैठे हैं और प्रशासन आंखें मूंदे रहता है।
कांग्रेस ने मांग की कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों का उत्पीड़न बंद किया जाए और सभी के खिलाफ एक समान निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, दी अल्टीमेटमप्रदर्शन के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार दीपक यादव को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि शहर में जलभराव, स्वच्छता की बदतर स्थिति, घटिया निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच, बाईपास के निर्माण कार्य को तुरंत शुरू करने और भेदभावपूर्ण अतिक्रमण कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इन गंभीर मुद्दों पर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो इस आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


