उज्जैन। उज्जैन के नागझिरी क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक निजी केमिकल कंपनी में काम करने वाले 30 से अधिक कर्मचारियों की सुनने की क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित होने का दावा किया गया है।जानकारी के अनुसार, यह कर्मचारी लंबे समय से एक केमिकल फैक्ट्री में कार्यरत थे, जहां पेस्टिसाइड्स से जुड़े रसायनों का निर्माण किया जाता है।
कर्मचारियों का आरोप है कि लगातार केमिकल के संपर्क में रहने और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा है। कर्मचारियों का कहना है कि करीब 30 से अधिक श्रमिकों के कान 70 से 80 प्रतिशत तक खराब हो चुके हैं, जिसके चलते कई लोग अब मशीन की मदद से सुनने को मजबूर हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार कंपनी प्रबंधन को शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई या समाधान नहीं मिला। इसके बाद कर्मचारियों ने पूरे मामले की शिकायत लेबर कोर्ट और जिला प्रशासन से की है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और कंपनी के खिलाफ उचित कार्रवाई हो।


