Seven Rounds In The Temple Without Dowry

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कैप्सन – मंदिर में चलता मंडप कार्यक्रम
– फोटो : TALDEHATE

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नत्थीखेड़ा। मां लालसापूर्ण देवी माता मंदिर में पहली बार बिना दहेज का विवाह संपन्न हुआ। इसमें में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। ग्राम नत्थीखेड़ा के दिलीप का ग्राम पूराकलां निवासी अभिलाषा के साथ विवाह तय हुआ। दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कार लड़के और लकड़ी वालों ने मंदिर से शादी करने का निर्णय लिया। सोमवार को वधू पक्ष के लोग नत्थीखेड़ा आ गए। यहां पर मां लालसापूर्ण देवी माता मंदिर पर दोनों का पाणिग्रह संस्कार रामजीवन शुक्ला ने वैदिक मंत्रों के साथ कराया। भगवान को साक्षी मानकर वर और वधु ने मंडप के सात फेरे लिए। इस मौके पर ग्राम प्रधान सेवाराम सहित दोनों पक्ष के लोग एवं गांव के गणमान्य लोग मौजूद रहे। ग्राम प्रधान सेवाराम ने कहा कि बिना दहेज की शादी करके दोनों परिवारों ने समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हुए क्षेत्र में नई परंपरा की शुरूआत की है। मंदिर में पहली बार शादी आयोजित होने पर ग्रामीण काफी प्रसन्न रहे।

नत्थीखेड़ा। मां लालसापूर्ण देवी माता मंदिर में पहली बार बिना दहेज का विवाह संपन्न हुआ। इसमें में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। ग्राम नत्थीखेड़ा के दिलीप का ग्राम पूराकलां निवासी अभिलाषा के साथ विवाह तय हुआ। दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कार लड़के और लकड़ी वालों ने मंदिर से शादी करने का निर्णय लिया। सोमवार को वधू पक्ष के लोग नत्थीखेड़ा आ गए। यहां पर मां लालसापूर्ण देवी माता मंदिर पर दोनों का पाणिग्रह संस्कार रामजीवन शुक्ला ने वैदिक मंत्रों के साथ कराया। भगवान को साक्षी मानकर वर और वधु ने मंडप के सात फेरे लिए। इस मौके पर ग्राम प्रधान सेवाराम सहित दोनों पक्ष के लोग एवं गांव के गणमान्य लोग मौजूद रहे। ग्राम प्रधान सेवाराम ने कहा कि बिना दहेज की शादी करके दोनों परिवारों ने समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हुए क्षेत्र में नई परंपरा की शुरूआत की है। मंदिर में पहली बार शादी आयोजित होने पर ग्रामीण काफी प्रसन्न रहे।




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