Sharad Purnima kheer benefits: Ayurveda डॉ. ने माना-15 बीमारियों का एक इलाज है शरद पूर्णिमा पर बनने वाली खीर – ayurvea doctor reveal 15 amazing health benefits of sharad purnima kheer

साल भर आने वाली पूर्णिमाओं में शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) बेहद खास होती है। यही वो दिन होता है जब खीर बनकर तैयार होती है। फिर उस खीर को पूरी रात घर के बाहर, छत या गैलेरी पर रखा जाता है। इस हिसाब से कि चांद की किरणें सीधे खीर के बर्तन में पड़ें। इस बर्तन को थाली की जगह झीने कपड़े से ही ढंका जाता है। ताकि, किरणों का असर दूध और चावल में हो।

ऐसा करते हुए नानी दादी की बात भी हमेशा याद की ही होगी कि शरद पूर्णिमा की खीर में चांद अमृत घोलेगा और कई रोगों से छुटकारा मिलेगा। अब ये बात आयुर्वेद में साबित भी हो चुकी है। आयुर्वेद एक्सपर्ट वैद्य मिहिर खत्री के मुताबिक, खीर से कई तरह के रोगों में राहत मिलने की बात बेमानी नहीं है। शरद पूर्णिमा की खीर में वाकई चांद की रोशनी ऐसे तत्व घोलती है, जो पेट से जुड़े कई रोगों से राहत देती है।

केवल इतना ही नहीं चांद की इस रोशनी से जुड़े कुछ और नुस्खे भी हैं जिन्हें आजमा कर आप अलग अलग किस्म के रोगों से छुटकारा पा सकते हैं। वैद्य मिहिर खत्री ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर ऐसी ही जानकारी साझा की है। जिसमें उन्होंने बताया है कि शरद पूर्णिमा की खीर के साथ ही और भी क्या लाभ लिए जा सकते हैं।

शरद पूर्णिमा की खीर के फायदे

  • शरद पूर्णिमा के मौके पर दूध, चावल और शक्कर मिलाकर खीर बनाई जाती है
  • ये खीर पूरी रात चांद की रोशनी में, बाहर रखी जाती है
  • वैद्य मिहिर खत्री के मुताबिक चांद की किरणें इस दिन इतनी शीतल होती हैं कि उसका असर खीर की तासीर को भी ठंडा कर देता है
  • इस खीर को खाने से पित्त से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं
  • एसिडिटी, स्किन रेशेज, पेट में जलन, आर्टिकेरिया जैसी बीमारियों से इस खीर से राहत मिलती है
  • इस साल ये खीर 9 अक्टूबर को बनाकर रात में चांद के सामने रखी जाएगी

शरद पूर्णिमा की खीर के आयुर्वेदिक फायदे

त्वचा रोग होने पर

जो लोग किसी भी तरह के त्वचा रोग से पीड़ित हैं। उन्हें शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में बैठना चाहिए। वैद्य मिहिर खत्री की पोस्ट के मुताबिक शरद पूर्णिमा के चांद की किरणें त्वचा रोग ठीक कर जल्दी हीलिंग में मदद करती हैं।

आंख में इंफेक्शन होने पर

आपकी आंख में लगातार, बार बार कोई इंफेक्शन हो रहा है, तो शरद पूर्णिमा पर उसका भी इलाज हो सकता है। वैद्या मिहिर खत्री की सलाह है कि आंख का कोई इंफेक्शन होने पर शरद पूर्णिमा के चांद को देखें। ऐसा आपको लगातार पांच से दस मिनट के लिए करना है। पांच मिनट या उससे ज्यादा देर के लिए शरद पूर्णिमा के चांद को लगातार देखते रहें। चांद की किरणों से आंखों को ठंडक मिलती है और रोग का प्रभाव कम होता है।

मिश्री में असर

आयुर्वेद एक्सपर्ट ने शरद पूर्णिमा के चांद की रोशनी में मिश्री रखने की भी सलाह दी है। मिश्री से पित्त शांत होता है। शरद पूर्णिमा में चांद की रोशनी सोखने वाली मिसरी पित्त से जुड़े रोगों के लिए औषधि का काम करती है।

UTI से मिलती है राहत

uti-

इसके अलावा यूटीआई यानि यूरिनरी ट्रेक इंफेकशन होने पर औषधीय मिसरी और धनिया मिलाकर खाने से आराम मिलेगा। इससे छाती में जलन, घबराहट, उल्टी आने पर शरद पूर्णिमा के दिन बाहर रखी मिसरी को खाने से राहत मिलती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।




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