Shocking revelation about black sterilization in America from new study | नई स्टडी से अमेरिका में अश्वेतों की नसबंदी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा

नई दिल्ली: इस हफ्ते एक स्टडी ने अमेरिका (America) में अश्वेतों की नसबंदी (Sterilization) को लेकर बड़ा चौंकाने वाला खुलासा किया है. 1929 से 1974 तक अमेरिका के नार्थ कैरोलीना (North Carolina) राज्य में एक नसबंदी कार्यक्रम चलाया गया था. इस स्टडी का कहना है कि ये कार्यक्रम स्पष्ट रूप से अमेरिका की अश्वेत आबादी को नियंत्रित करने के लिए शुरू किया गया था, जो यूएन की ‘जेनोसाइड’ की परिभाषा से मिलता जुलता है.

7600 पुरुषों, महिलाओं और यहां तक कि 10 साल की उम्र वाले बच्चों को तक की नसबंदी उस कार्यक्रम के तहत कर दी गई जो लोगों की भलाई के लिए शुरू किया गया था ताकि लोगों को मंदबुद्धि बनने से और बहुतों को माता पिता बनने से रोका जा सके. अधिकांश को तो विवश किया गया, लेकिन कुछ महिलाएं जिनके पास बर्थ कंट्रोल का कोई और साधन नहीं था, उन्होंने मांग की कि उनको अनफिट घोषित कर उनकी नसबंदी की जाए. ये नई स्टडी का पेपर अमेरिकन रिव्यू ऑफ पॉलटिकल इकोनोमी में छपा है.

इस स्टडी में 1958 से 1968 तक के समय का परीक्षण किया गया है. इस समयांतराल में 100 काउंटीज में करीब 2100 गैरकानूनी नसंबदियां हुई थीं. स्टडी के शोधकर्ता ने पाया कि अश्वेत लोगों में नसबंदी की दर उनकी बेरोजगारी की दर बढ़ने के साथ ही बढ़ी, लेकिन बेरोजगार गोरे और अन्य नस्लों को इस दर से निशाने पर नहीं लिया गया.

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ड्यूक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और स्टजी के को-ऑथर विलियम डेरिटी जूनियर के मुताबिक, जेनोसाइड या जातीय नरसंहार की परिभाषा के मुताबिक जेनोसाइड किसी राष्ट्रीय, जातीय, धार्मिक या नस्लीय समूह को पूरा या उसका एक हिस्सा नष्ट करना है. जेनेवा समझौते के मुताबिक इसमें ये भी शामिल हैं, ‘उस समूह के लिए ऐसे नियम लागू कर देना, जिसका इरादा उनका प्रजनन रोकना हो’, डेरिटी कहते हैं, ‘’अपने काले नागरिकों पर गलत अनुपात में सुजनन नसबंदी करना नॉर्थ कैरोलिना का जेनोसाइड एक्ट ही है’’.

पहले ये तो पता चला था कि इस तरह के नसबंदी कार्यक्रमों के जरिए अश्वेत लोगों की जनसंख्या को निशाने पर लिया गया है, लेकिन नई स्टडी से उस तरीके और उसके उद्देश्यों के बारे में ज्यादा पता चला है. इस स्टडी की को-ऑथर वूमेन्स इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, इक्विटी एंड रेस की रोंडा शार्प कहती हैं, ‘’अश्वेत लोगों और उनके प्रजनन को नियंत्रण करना कोई नई बात नहीं है, हमारी स्टडी से पता चलता है कि उत्तरी कैरोलिना ने प्रजनन स्वतंत्रता को प्रतिबंधित कर दिया, अश्वेत निवासियों को नागरिकता के अधिकार से वंचित करने के लिए सुजनन विज्ञान का इस्तेमाल किया’’. 

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