प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को छतरपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव से वर्चुअली जुड़े। इस दौरान उन्होंने जिले के 5 प्रगतिशील किसानों से संवाद करते हुए उनकी कृषि गतिविधियों, नवाचारों और आयवर्धन के प्रयासों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत कृषि पद्धतियों, प्राकृतिक खेती और कृषि के साथ अन्य गतिविधियों को अपनाकर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड वीरों और हीरों की धरती है। यहां की धरती में हीरा निकलता है और क्षेत्र के लोगों में भी परिश्रम, साहस एवं उद्यम की विशेष पहचान है। उन्होंने छतरपुर जिले में होने वाली पिपरमेंट की खेती का उल्लेख करते हुए जिले में पत्थर शिल्प एवं फर्नीचर के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की गुणवत्ता की सराहना की।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की फार्मर आईडी तैयार की जा रही है तथा किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर कृषि के साथ उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पशुपालन सहित अन्य गतिविधियों से भी किसानों की आय में वृद्धि हो रही है।
केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड के किसानों को मिलेगा सिंचाई का बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई केन-बेतवा लिंक परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से बुंदेलखंड सहित संबंधित क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई का भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई की सुविधा बढ़ने से कृषि क्षेत्र को नई गति मिलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।मुख्यमंत्री ने आल्हा-ऊदल के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बुंदेलखंड की वीरता और गौरवशाली परंपरा का वर्णन किया। उन्होंने किसानों एवं उपस्थित लोगों से सामाजिक आयोजनों में अनावश्यक खर्च कम करने तथा सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने की अपील की।
5 प्रगतिशील किसानों से मुख्यमंत्री ने किया संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्चुअल माध्यम से जिले के पांच प्रगतिशील किसानों से संवाद किया। नौगांव निवासी सलीम खान ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती, होलिस्टिक फार्मिंग और औषधीय फसलों के उत्पादन के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कृषि के साथ अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।बिजावर निवासी कृषक सौरभ भटनागर ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के साथ फसल एवं सब्जी उत्पादन तथा होलिस्टिक फार्मिंग के अंतर्गत मुर्गी पालन, मछली पालन एवं बतख पालन की गतिविधियों के बारे में बताया।
ग्राम सलैया की हब्बीबाई आदिवासी ने कोदो, कुटकी, रागी, बाजरा, ज्वार सहित अन्य लघु धान्य फसलों के उत्पादन, प्रोसेसिंग एवं बाजार में विक्रय की जानकारी दी।ग्राम हतना निवासी अनिल यादव ने कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के बारे में बताया। उन्होंने ट्रैक्टर सहित छह कृषि यंत्र खरीदे हैं, जिन्हें अन्य किसानों को किराए पर उपलब्ध कराया जाता है। इससे पिछले वर्ष उन्हें लगभग 5.50 लाख रुपये का मुनाफा प्राप्त हुआ।लखनगुवां निवासी कृषक तुलसा कुशवाहा ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती, फसल एवं सब्जी उत्पादन के साथ होलिस्टिक फार्मिंग के अंतर्गत मुर्गी पालन, मछली पालन एवं बतख पालन से हो रही आय की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के विभिन्न जनप्रतिनिधियों से भी वर्चुअल संवाद किया।कार्यक्रम का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, प्रशासक अपेक्स बैंक डॉ. महेंद्र सिंह यादव, प्रशासक सहकारिता के.पी. सिंह, राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष विद्या अग्निहोत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधि, किसान मोर्चा एवं किसान संगठनों के पदाधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर मृणाल मीना, जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, डीडीए ए.के. मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
10 प्रगतिशील किसान एवं मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा जिले के 10 प्रगतिशील किसानों को ‘कृषिमित्रं सदा शुभम्’ प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।साथ ही कृषक परिवारों के उन बच्चों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त किया है। सम्मानित सभी 10 विद्यार्थी शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 के कक्षा 10वीं एवं 12वीं के मेधावी विद्यार्थी हैं।
रबी फसलों की उन्नत तकनीक और आधुनिक कृषि पद्धतियों की दी जानकारी
बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन छतरपुर के सटई रोड स्थित कृषि उपज मंडी प्रांगण में किसानों को रबी मौसम की प्रमुख फसलों की उन्नत किस्मों, नवीनतम कृषि तकनीकों, आधुनिक कृषि पद्धतियों, फसल प्रबंधन एवं समसामयिक कृषि विषयों की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया। महोत्सव में कृषि वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाकर कृषि उत्पादन एवं आय बढ़ाने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल एवं प्रदर्शनी भी लगाई गई।
उन्नत बीज, कृषि यंत्र एवं उर्वरक व्यवस्था की दी जानकारी
महोत्सव में विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं द्वारा प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों को नवीनतम बीज किस्मों, उन्नत कृषि यंत्रों, उर्वरकों के उपयोग तथा ई-विकास के माध्यम से उर्वरक वितरण सहित कृषि से संबंधित विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी गई।उद्यानिकी, मत्स्य, परियोजना संचालक द्वारा प्राकृतिक खेती पशुपालन एवं कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा स्टॉल लगाए गए। निजी कृषि विक्रेताओं द्वारा कृषि उपयोगी सामग्री एवं आधुनिक तकनीकों की प्रदर्शनी लगाकर किसानों को उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई गई।


