Speculation to reduce the area of Lemru Elephant Reserve BJP raised question

रायपुर.  छत्तीसगढ़ के लेमरू एलिफेंट रिजर्व (Lemru Elephant Reserve) के आकार को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है. पहले करीब चार हजार वर्ग किलोमीटर के प्रस्ताव को केंद्र से अनुमति के बाद पिछले साल 1995. 48 वर्ग किलोमीटर तय किया गया था. कोविड काल (COVID-19) के कारण नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया. मगर अब इसके आकार को कम करने को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. दरअसल वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग छत्तीसगढ़ की ओर से प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी छत्तीसगढ़ को एक पत्र भेज प्रोजेक्ट को 450 वर्ग किलोमीटर तक सीमित करने का प्रस्ताव मांगा गया है.

विभाग द्वारा लिखे गए पत्र में सरगुजा क्षेत्र के विधायकों के नाम का उल्लेख करते हुए लिखा गया हैं कि जनभावनाओं के अनुरूप रिजर्व एरिया को छोटा किया जाए. क्योंकि स्थानीय स्तर पर लोगों के मन में यह भय व्याप्त हैं कि अगर रिजर्व एरिया का परिक्षेत्र बढ़ेगा तो उनके सामने जीवन यापन की समस्या आ जाएगी. विभाग ने इस पत्र के आधार पर तीन दिनों के  भीतर ही प्रस्ताव मांगा गया है, ताकि प्रस्ताव को मंत्री परिषद की बैठक में रखा जा सके.

लेमरू पर सियासी बोल हुए तेज

लेमरू एलिफेंट रिजर्व के आकार को अब 450 वर्ग किलोमीटर करने की तैयारी पर सियासी बोल तेज हो गए हैं. मामले को लेकर पूर्व मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पूरे प्रोजेक्ट को लेकर सरकार के खाने के दांत कुछ और हैं और दिखाने के कुछ और. सरकार के इस निर्णय के पीछ उद्योगपतियों से सांठ-गांठ से इंकार नहीं किया जा सकता. वहीं राज्य के खाद्य मंत्री और सरगुजा संभाग के सीतापुर से विधायक अमरजीत भगत ने कहा कि विपक्ष को बोलने से पहले तैयारी कर लेनी चाहिए. लेमरू प्रोजेक्ट के आकार कम करने के लिए केंद्र सरकार दोषी है.

छत्तीसगढ़ में पैर जमाने के कोशिश में आम आदमी पार्टी

दिल्ली में पैर जमाने क बाद अब छत्तीसगढ़ में अपनी उपस्थिति दर्ज करने की कोशिश में आम आदमी पार्टी  जुटी हुई है. भले ही चुनाव के लिए अभी लगभग ढाई साल का वक्त बाकी है, लेकिन पार्टी पहले ही विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी है. पार्टी प्रदेश सह प्रभारी सुरेश कठैत लगातार प्रदेश में संगठन को मजबूत करने की कवायद में जूटे हुए हैं. आम आदमी पार्टी द्वारा संगठन का विस्तार किया जा रहा है और लगातार कार्यकर्ताओं की बैठकें आयोजित की जा रही है. सुरेश कठैत ने बताया कि अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर और भानुप्रतापपुर में पहले फेज़ का कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया.


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