रिपोर्ट – आदित्य राय रायपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर के डीएम रहे रणबीर शर्मा को News 18 की खबर के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तत्काल पद से हटाने का आदेश दे दिया. सूरजपुर में लॉकडाउन का उल्लंघन करने को लेकर जिस तरह डीएम ने एक युवक को थप्पड़ रसीद किया, उसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया. न्यूज़ 18 इंडिया ने इस खबर को प्रमुखता से स्थान दिया, जिसके बाद डीएम को हटाने का आदेश दिया गया. आपको बता दें कि रणबीर शर्मा अपने क्रिया-कलापों के लिए अक्सर विवादों में घिरते रहे हैं. इस बार डीएम के ऊपर लोगों को थप्पड़ मारने और पुलिस के डंडे चलवाने का मामला सामने आया है. लेकिन इससे पहले वह भालुओं पर गोली चलवाने के लिए भी मशहूर हो चुके हैं. जी हां, डीएम रणबीर शर्मा ने 2014 में एक भालू पर पुलिस को गोलियां चलाने का आदेश दिया था. भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत भालू विशेष अनुसूची में है. भालू और बाघ जैसे जानवरों की प्रजाति को खतरे में देखते हुए उन्हें शूट नहीं किया जा सकता. मामला कुछ यूं है कि इस मामले में उस वक्त वन विभाग के अधिकारी भालू को पकड़ने की तैयारी कर ही रहे थे कि आवेश में आकर डीएम साहब ने भालू को शूट करने का आदेश दे दिया. इस पर काफी हल्ला मचा, लेकिन डीएम साहब पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
एसीबी ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कियाडीएम रणबीर शर्मा के ऊपर रिश्वतखोरी का भी मामला सामने आया था. भ्रष्टाचार निरोधक इकाई एसीबी ने उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया. 2015 में जब रणबीर शर्मा कांकेर के भानुप्रतापपुर के एसडीएम थे, तब उन्होंने अपने पटवारी सुधीर लकड़ा से जमीन खरीद-बिक्री के मामले की जांच के दौरान 40000 रुपए की रिश्वत मांगी थी. लकड़ा ने इसकी शिकायत एसीबी से कर दी. एसीबी ने जाल बिछाया और एसडीएम अपने पियून के जरिये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया. इस पर भी
रणबीर शर्मा को मंत्रालय ही अटैच किया गया. उनके तत्कालीन पियून को जरूर जेल हो गई, वे बच निकले. मामले को जांच भी लाल फीताशाही में अटक कर रह गई.
लेकिन इस बार कोरोना लॉकडाउन के दौरान डीएम रणबीर शर्मा पब्लिक की सरेआम पिटाई के मामले में फंस गए. उनके खिलाफ सीधी कार्रवाई हुई. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने थप्पड़ मारने और आम नागरिक से बदसलूकी को लेकर डीएम को तत्काल हटाने का आदेश दे दिया.