Sushant Singh Rajput was in depression, depression kya hota hai, depression kyu hota h : what is depression

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

Depression Death Sushant Singh Rajput: ब्रेन में इस हॉर्मोन की कमी के कारण होता है डिप्रेशन, यूं उठता है आत्महत्या का कदम एनबीटी ऑनलाइन के हेल्थ सेक्शन में हम लगातार आपको मेंटल हेल्थ से जुड़ी जानकारी देते रहते हैं। ताकि हमारे रीडर्स इस विषय में जागरूक रहें और अपनी तथा अपने परिवार की परेशानी बढ़ने से पहले इस समस्या को पहचान लें…

जो खो दिया हम सभी ने

-सुशांत सिंह राजपूत के रूप में हमने एक अच्छा इंसान और काबिल ऐक्टर ही नहीं खोया है बल्कि हर पैरंट्स की चाहत जैसा काबिल बच्चा भी खोया है। क्योंकि कोई भी इंसान जब एक पर्फेक्ट बच्चे की कामना करता है तो उन सभी खूबियों को एक साथ जोड़कर सुशांत जैसा इंसान बनता है। जो पढ़ाई से लेकर करियर तक हर जगह अपने पैरंट्स के लिए गर्व का कारण बना।

-मात्र 34 साल की उम्र में सुशांत ने वो सबकुछ हासिल कर लिया था, जिसे पाने की चाहत में ज्यादातर लोगों की पूरी उम्र छोटी पड़ जाती है। काम, पैसा, करियर ग्रोथ, ग्लैमर, फैमिली सपॉर्ट सब था सुशांत के पास। फिर आखिर उन्हें किस बात का डिप्रेशन हो सकता है? यह सवाल मन में आना बहुत सामान्य-सी बात है। आइए, आज डिप्रेशन को ही समझते हैं…

क्या होता है डिप्रेशन?

-डिप्रेशन एक मेंटल डिसऑर्डर है, जो तुरंत किसी व्यक्ति पर हावी नहीं होता है। बल्कि इसके अलग-अलग चरण यानी फेज़ होते हैं। अगर किसी व्यक्ति में कुछ लक्षणों के आधार पर शुरुआती स्तर पर ही इसकी पहचान हो जाए तो व्यक्ति को गंभीर डिप्रेशन में जाने से बचाया जा सकता है।

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डिप्रेशन का क्रम

-सबसे पहले व्यक्ति को स्ट्रेस यानी तनाव होता है। इसका कारण सामाजिक, आर्थिक या भावनात्मक कुछ भी हो सकता है। स्ट्रेस को कम करने का प्रयास ना किया जाए तो यह एंग्जाइटी में बदल जाता है। यदि एंग्जाइटी लंबे समय तक बनी रहे और उसका ट्रीटमेंट ना हो तो वह डिप्रेशन का रूप ले लेती है।

डिप्रेशन के दो अलग-अलग रूप

-डिप्रेशन की शुरुआत हर समय नकारात्मक विचारों से घिरे रहने के कारण होती है। ना चाहते हुए भी व्यक्ति के दिमाग में नकारात्मक बातें आती रहती हैं। उसके ये विचार उसके ब्रेन पर हावी होने लगते हैं और फिर उस व्यक्ति का व्यवहार भी इन विचारों की तरह नकारात्मक होने लगता है।

-दूसरा होता है क्रॉनिक डिप्रेशन। इस स्थिति में पेशंट को अकेलापन, निराशा और घबराहट इस हद तक घेर लेते हैं कि उसे अकेले हो जाने से डर लगता है और किसी की सलाह पर वह आराम से भरोसा कर नहीं पाता है।

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क्यों होता डिप्रेशन?

-मेडिकल की भाषा में जानें तो डिप्रेशन का मुख्य कारण हमारे ब्रेन में सेरोटॉनिन हॉर्मोन की कमी होती है। जब इस हॉर्मोन का बनना हमारे ब्रेन में कम हो जाता है तो हम नेगेटिविटी की तरफ बढ़ने लगते हैं। इसलिए डिप्रेशन एक मानसिक बीमारी है, जिसे मनोचिकित्सक यानी सायकाइट्रिस्ट से इलाज के द्वारा ठीक किया जा सकता है।

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जरूरी है जागरूकता

-मानसिक रोगों और पागलपन में बहुत अंतर होता है। हमारे समाज में मेंटल हेल्थ के बारे में जागरूकता की बहुत कमी है। इसी कारण हम अपने दोस्तों और परिजनों को समय पर सहायता नहीं कर पाते हैं।

-हमें समझना होगा कि मानसिक बीमारियां भी हमारी शारीरिक बीमारियों की तरह ही बहुत सामान्य हैं और ट्रीटेबल हैं। यदि हम इस बारे में जानने लगें तो अपने प्रियजनों को आत्महत्या जैसा कदम उठाने से रोक सकते हैं।

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