नई दिल्लीः ऐसे कई लोग हैं जो अपने पसंदीदा आहार को हर वक्त खाने की लालसा रखते हैं या यूं कहें कि वे अपने फेवरेट फूड को बिना भूख के भी खा सकते हैं. ऐसे तो आपको तमाम लोग मिल जाएंगे लेकिन क्या आपने सुना है कि कोई शख्स ऐसा भी हो सकता है कि वह अपने पसंदीदा भोजन का नाम सुनकर कोमा से बाहर आ गया हो. यकीनन ऐसी घटना किसी चमत्कार से कम नहीं है. आज हम आपको एक ऐसा ही किस्सा बता रहे हैं. ताइवान में एक 18 साल का किशोर पिछले काफी दिनों से कोमा की अवस्था में था लेकिन जब अचानक उसने अपने पसंदीदा भोजन का नाम सुना तो वापस वह चेतना में आ गया.
उम्मीद खो चुका था परिवार
इस टीनएजर को डॉक्टर्स और परिजनों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसे कोमा से बाहर नहीं लाया जा सका. इसका नाम चीयू है. किशोर की फैमिली पूरी तरह से उम्मीद खो चुकी थी कि तभी ये चमत्कार हुआ और वह कोमा से बाहर आ गया.
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स्कूटर दुर्घटना में जख्मी हुआ था बच्चा
ताइवान की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तरी-पश्चिमी ताइवान से ताल्लुक रखने वाला ये युवक जुलाई में स्कूटर दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था. इस हादसे में चीयू अपनी मौत के करीब पहुंच चुका था. उसके शरीर में कई अंदरूनी घाव आए जिस वजह से वो याददाश्त भी खो चुका था. इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर्स उसे जिंदा तो बचा पाए लेकिन उसकी याददाश्त नहीं लौटा सके. 2 माह तक कोमा में रहने के बाद 62वें दिन जब चीयू के बड़े भाई ने उससे एक मजाक किया तो वह कोमा से बाहर आ गया.
बड़े भाई के मजाक से वापस लौटी चीयू की जान
अस्पताल में देखने गए चीयू के बड़े भाई ने मजाक में कहा, “भाई, मैं तेरा पसंदीदा चिकन फिलेट खाने जा रहा हूं.” अपने पसंदीदा फूड का जिक्र सुनते ही वह बेहोशी की हालत से बाहर आने में लगा. यह जादू सिर्फ और सिर्फ चीयू के पसंदीदा फूड चिकेन फिलेट से हुआ. होश में आते ही अस्पताल में उसकी देखभाल कर रहे कर्मचारियों को चीयू एक केक के साथ विदा किया.
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