बागेश्वर धाम में 4 जून को छठवें ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन का भव्य आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक अनुष्ठान की शुरुआत 4 दिसंबर 2025 को प्रथम हवन के साथ हुई थी, जिसके बाद यह अभियान निरंतर श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कृति से जोड़ रहा है।
छठवें हवन में बागेश्वर सरकार की पावन उपस्थिति में धाम पर पहुंचे लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा की चौपाइयों पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां अर्पित कीं। वहीं ऑनलाइन माध्यम से देश-विदेश के लगभग 1 लाख परिवारों ने अपने-अपने घरों, प्रतिष्ठानों, फैक्ट्रियों और कार्यालयों में हवन कर इस आयोजन में सहभागिता निभाई,यह हवन परिवार में सुख-शांति, समृद्धि, आरोग्यता तथा व्यापार और कार्यक्षेत्र में उन्नति की कामना के उद्देश्य से आयोजित किया गया। बागेश्वर सरकार ने बताया कि भारत सहित लगभग 13 अन्य देशों के श्रद्धालु भी इस ऑनलाइन हवन अभियान से जुड़े हुए हैं और नियमित रूप से आहुतियां देकर सनातन परंपराओं को आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सामूहिक हवन से न केवल सनातन धर्म की प्राचीन परंपराओं का संरक्षण हो रहा है, बल्कि विश्वभर के सनातनियों में एकता, श्रद्धा और आध्यात्मिक जागरूकता भी बढ़ रही है। घर-घर हवन की परंपरा पुनर्जीवित होकर समाज को धर्म और संस्कारों से जोड़ने का कार्य कर रही है,इस अवसर पर बागेश्वर सरकार ने आगामी सातवें ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन की घोषणा करते हुए श्रद्धालुओं से 17 जुलाई को हवन में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 17 जुलाई सातवा हवन को बागेश्वर धाम से यह विशेष अनुष्ठान पुनः आयोजित किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक परिवारों को जुड़कर हवन की आहुतियां अर्पित करनी चाहिए।
पूरे अनुष्ठान का संचालन और मंत्रोच्चारण रसाचार्य द्वारा वैदिक विधि-विधान के साथ कराया गया, जिसके साथ श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति भाव से हनुमान चालीसा का पाठ एवं हवन संपन्न किया।


