ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पार कर रहे हैं रपटा,जिला प्रशासन बना मुख दर्शक।

बुरहानपुर जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर ठाठर खामला मार्ग पर उतावली नदी के बाढ़ के पानी मे जान जोखिम में डालकर ग्रामीण और शिक्षक रपटा पार करने को मजबूर हैं, दरअसल इस रपटे को पार कर खामला, बलड़ी, करोनिया, रूमना सहित आसरा फालिया गांव तक पहुंच मार्ग है, बरसात के मौसम में यह रपटा जलमग्न हो जाता है, ग्रामीण बाढ़ के पानी में जान हथेली पर रखकर पैदल और वाहन निकालते है, इससे हादसे का अंदेशा बना रहता है, लेकिन ग्रामीणों और वाहन चालकों को कोई रोकने वाला नही है, ऐसा नहीं है कि जिला प्रशासन को इसकी खबर नहीं है, बल्कि प्रशासन आंखे मूंदे बैठा है, वही इस रपटे को पुलिया में तब्दील करने के लिए कोई भी नेता या संबंधित अधिकारी आज तक कोई पहल नहीं की मामला “जस का तस” बना हुआ है ? अब तक प्रशासन ने पुलिया बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नही उठाया, शिक्षकों ने इस रपटे पर पुलिया बनाने की मांग की है।बाईट 01:- ताज मोहम्मद, शिक्षक।

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