वेलिंग्टन: कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी से लेकर प्राकृतिक आपदाओं की आमद और राजनीतिक उठापटक के कारण आम आदमी की जिंदगी में आए व्यापक बदलावों की वजह से 2020 को मुश्किलों भरा साल माना जा सकता है. इस बीच एक अच्छी खबर प्रशांत क्षेत्र से आई है जहां 3 नाविकों की जान SOS संकेत की वजह से बच गई. प्रशांत क्षेत्र के एक छोटे से द्वीप में फंसे तीन लोगों को सुरक्षित बचाया गया है. फंसे हुए लोगों ने रेत पर SOS (खतरे का संकेत) बनाया था, किस्मत ने भी उनका साथ दिया और समुद्री तटों को खंगाल रही टीम की नजर इस संकेत पर पड़ी और उन्हें बचा लिया गया.
जानकारी के मुताबिक 30 जुलाई को ये लोग छोटी नाव से पुलावट से पुलप प्रवालद्वीप जाने के लिए नकले थे. लेकिन रास्ते में नाव का ईंधन खत्म होने के बाद उन्होंने वहीं रुक कर मदद का इंतजार करने का फैसला किया. ग्वाम के तलाशकर्ताओं ने ऑस्ट्रेलिया की नौसेना से मदद मांगी. तीनों लोग जहां से निकले थे वहां से 190 किलोमीटर की दूरी पर मिले.
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सर्च ऑपरेशन की कहानी
ऑस्ट्रेलिया के रक्षा विभाग के मुताबिक ये लोग माइक्रोनेशिया द्वीप समूह से करीब तीन दिन से लापता थे. जिस द्वीप पर ये नाविक फंसे थे वो गुआम से करीब 800 किलोमीटर दूर है. लापता होने के बाद उन्हें खोजने की शुरुआत अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने की. बाद में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने भी अमेरिकी टीम के ऑपरेशन में साथ दिया. रविवार को पिकेलोट द्वीप से इनके आस-पास होने के संकेत मिले थे. अमेरिकी वायुसेना के विमान बोइंग केसी-135 (Boeing KC-135) को सबसे पहले SOS संकेत दिखा. उसके तीन घंटे बाद उन्हें खोज निकाला गया.
पायलट ने फेसबुक पर दी जानकारी-
विमान के पायलट ने अपनी फेसबुक वॉल पर ये जानकारी साझा की, जिसके बाद दावा किया गया कि ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के सहयोग से ऑपरेशन पूरा हुआ. इनकी पहचान सुनिश्चित होने के बाद सभी को ऑस्ट्रेलिया के युद्धपोत एचएमएएस (HMAS) कैनबरा की मदद से आगे भेजा गया
“SOS” से बची जान
एसओएस (SOS) संकेत मदद मांगने के लिए एक वैश्विक मान्य संकेत है, जिसे मोर्शी कोड के सहयोग से स्थापित किया गया है. कैनबरा के कमांडिंग अफसर कैप्टन टैरी मॉरिसन ने बीच मझधार में फंसे लोगों की जान बचाने वाली रेस्क्यू टीम की तारीफ की है.
(इनपुट- AP)

