today is the day michael jackson said goodbye to the world | आज ही के दिन दुनिया को अलविदा कह गए थे किंग ऑफ़ पॉप माइकल जैक्सन

नई दिल्ली: किंग ऑफ पॉप के नाम से मशहूर माइकल जैक्सन के चाहने वालों के लिए 25 जून किसी सदमे की तरह है. यही वह दिन था जब जैक्सन अचानक दुनिया को अलविदा कह गए थे. 25 जून, 2009 को लॉस एंजेलिस में संदिग्ध हालत में उनकी मौत हुई थी. शुरुआत में कहा गया कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा है, लेकिन बाद में यह साफ हुआ कि प्रोपोफोल (Propofol) नामक ड्रग का ओवरडोज़ उनकी मौत का कारण बना.   

जिस रात 50 वर्षीय जैक्सन की मौत हुई, वो एक कॉन्सर्ट में परफॉर्म करने की तैयारी कर रहे थे. जैक्सन भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन दुनिया आज भी उनके संगीत और डांस को याद करती है. उन्होंने अपने करियर में 13 ग्रैमी अवार्ड, ग्रैमी लीजेंड अवार्ड, ग्रैमी लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, 26 अमेरिकन म्यूजिक अवार्ड जीते और कई विश्व रिकॉर्ड भी बनाए. जैक्सन ने कई डांस तकनीक को लोकप्रिय बनाया था, जिसमें रोबोट और मूनवॉक प्रमुख हैं. वह अकेले ऐसे गायक, गीतकार और पॉप डांसर थे जिन्हें रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया था.

1987 में रिलीज म्यूजिक वीडियो ‘स्मूथ क्रिमिनल’ में माइकल जैक्सन ने जो डांस किया था, उसे आज भी करने में लोगों के पसीने छूट जाते हैं. कहा जाता है कि यह अद्भुत डांस स्टेप वह अपने ख़ास जूतों की मदद से करते थे. यह कहना गलत नहीं होगा कि माइकल ने दुनिया को रोबोट और मूनवॉक का हुनर ही नहीं बल्कि हिप-हॉप, कंटेम्पररी आरएंडबी, पोस्ट-डिस्को, पॉप और रॉक भी सिखाया.  

हमेशा विवादों में रहा निजी जीवन
माइकल जैक्सन का निजी जीवन हमेशा विवादों में रहा. उन्होंने कई बार प्लास्टिक सर्जरी कराई, हालांकि उन्होंने केवल दो बार ही सर्जरी की बात स्वीकार की थी. जैक्सन पर 13 साल के एक बच्चे के यौन उत्पीड़न का भी आरोप लगा, लेकिन उनका कहना था कि उन्हें बच्चों से बहुत प्यार है और आरोप बेबुनियाद हैं. उनके खिलाफ मुकदमा करीब चार महीने तक चला, बाद में उन्हें निर्दोष करार दे दिया गया. 

माइकल की मौत के लिए उनके डॉक्टर कोनराड मुरे पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा चलाया गया. कोनराड की थ्योरी पर पुलिस को शुरू से ही भरोसा नहीं था. माइकल का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर ने बताया था कि उनके शरीर पर सुईयों के निशान थे और शरीर में ड्रग्स की मात्रा पाई गई थी. कोनराड पर ये आरोप लगा कि उन्होंने माइकल को जानलेवा ड्रग्स के इंजेक्शन लगाए और तबीयत बिगड़ने पर पुलिस को खबर नहीं की क्योंकि उन्हें अपने पकड़े जाने का डर था. जैक्सन के शव का दो बार पोस्टमॉर्टम हुआ. पहली बार हृदयगति रुकने से मौत की बात कही गई और दूसरी बार ड्रग ओवरडोज़ का हवाला दिया गया. जैक्सन की मौत के लगभग डेढ़ साल बाद अमेरिकी अदालत ने डॉक्टर मुरे के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा चलाने का आदेश दिया था.  




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