बीजिंग: कोरोना वायरस (Coronavirus) से जुड़ी जानकारी को छिपाने के आरोप में घिरे चीन ने अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए कोशिशें तेज कर दी हैं. चीन ने दुनियाभर में स्थित अपने दूतावासों से कहा है कि वो चीन के समर्थन के लिए देशों को राजी करे. नेपाल में स्थित चीन के राजदूत Hou Yanqi ने नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली और विपक्षी नेताओं से मुलाकात करके चीन का साथ देने को कहा है.
देखा जाए तो अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों की तरफ से लगातार हो रहे हमलों से चीन परेशान है. अमेरिका समेत दुनियाभर के देश चीन की ये कहकर आलोचना कर रहे हैं कि वुहान की लैब से ये वायरस लीक हुआ है, चीन ने ये बात दुनिया से छिपाई. चीन ने फ्रांस में स्थित दूतावास के अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो अपलोड करके उस पर लग रहे आरोपों पर सफाई दी थी.
चीन की मीडिया का तर्क है कि कोरोना वायरस जानवर के जरिए इसांन में फैला है, चीन के वैज्ञानिक वुहान में इस वायरस के फैलाव के पीछे बैट या पैंगोलिन जैसे जानवर हैं लेकिन दुनिया चीन के इस तर्क से सहमत नहीं है.
जानकारों के मुताबिक किसी भी जानवर से इंसान तक वायरस का फैलाव होने में कई-कई साल लग जाते हैं. सार्स जैसी खतरनाक बीमारी के वायरस को फैलने में दस साल से ज्यादा का समय लगा.
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इस विषय से जुड़े कुछ जानकारों का मानना है कि इस वायरस को चीन के लैब में बनाया गया है और चीन स्वतंत्र तरीके से जांच ना करवा के कुछ न कुछ छिपा रहा है. को-फाउंडर ऑफ ज्यूडिशियल वॉच एंड फ्रीडम वाच के लैरी क्लेमैन ने आरोप लगाया है कि COVID-19 चीन के वुहान में बना एक जैविक हथियार है. लैरी क्लमैन ने वुहान में स्थित वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ विरोलॉजी के खिलाफ 20 ट्रिलियन डॉलर का मुकदमा दायर किया है. लैरी क्लेमैन ने इस वायरस के लिए चीन की पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना है और वुहान में स्थित लैब को जिम्मेदार ठहराया है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक वुहान में स्थित वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ विरोलॉजी के डायरेक्टर सी. जेंनगली और चीनी सेना के अधिकारी मेजर जनरल (विरोलॉजिस्ट) चेन वीई लैब
की गतिविधियों पर नजर रखते हैं.
अमेरिका के विदेश सचिव माइक पोम्पियो ने एक अमेरिकी न्यूज चैनल पर दिए बयान में एक बार फिर से चीन पर ये आरोप लगाते हुए कहा है कि इस बात के काफी सबूत हैं कि कोरोना वायरस वुहान की लैब में ही पैदा हुआ था. साथ ही पोम्पियो ने वायरस के निपटने के लिए चीन के रवैये की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि चीन का इतिहास दुनिया में इन्फेक्शन फैलाने और कम स्टैंडर्ड की लैब चलाने के जरिये रिसर्च करने का रहा है.
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