May 23, 2020

Trump warns governors to reopen places of worship immediately | डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं सभी प्रार्थना स्थल खुलें, क्योंकि अमेरिकियों को दुआओं की जरूरत है

वॉशिंगटन: कोरोना (Coronavirus) की रफ्तार को नियंत्रित करने में अब तक असफल साबित हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को लगता है कि प्रार्थना के बल पर वह इस जंग को जीत सकते हैं. शायद यही वजह है कि उन्होंने सभी राज्यों के गवर्नरों को जल्द से जल्द प्रार्थना स्थल खोलने को कहा है. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक न्यूज कांफ्रेंस में कहा, ‘आज मैं सभी चर्च, सिनगॉग (यहूदी प्रार्थनास्थल) और मस्जिदों की अत्यावश्यक स्थलों के रूप में पहचान कर रहा हूं, जो अत्यावश्यक सेवाएं प्रदान करते हैं’.

उन्होंने आगे कहा कि सभी राज्यपालों को इस दिशा में काम करने की जरूरत है और उन्हें इन बेहद महत्वपूर्ण अत्यावश्यक स्थलों को जल्द खोलने की अनुमति देनी चाहिए. साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि गवर्नर कुछ नहीं करते, तो फिर उन्हें कोई फैसला लेना होगा. राष्ट्रपति ने कहा, ‘गवर्नर जल्द निर्णय लें, अगर वे कुछ नहीं करते तो फिर मुझे उनके खिलाफ जाना होगा. अमेरिका में हमें कम नहीं, बल्कि ज्यादा प्रार्थना की जरूरत है’.

अमेरिका में अत्यावश्यक सेवाओं का निर्धारण संघीय सरकार के बजाय राज्य और स्थानीय अधिकारियों का विशेषाधिकार है. कई राज्यों में कोरोना के प्रकोप को देखते हुए धार्मिक स्थलों को बंद रखा गया है. यहां समूहों में प्रार्थना करने पर प्रतिबंध है. कुछ क्षेत्रों में सख्त सोशल डिस्टेंसिंग नियमों के तहत चर्च खुले हैं. लेकिन ट्रंप चाहते हैं कि सभी प्रार्थना स्थलों को अत्यावश्यक सेवाओं में शामिल अन्य स्थलों की तरह खोलने की अनुमति दी जाए – जिसमें मेडिकल स्टोर, रेस्तरां, सुपरमार्केट, अस्पताल और क्लीनिक के साथ ही शराब की दुकानें आती हैं.  

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ‘कुछ गवर्नरों ने शराब की दुकानों और गर्भपात क्लीनिकों को अत्यावश्यक सेवा माना है, लेकिन चर्च और अन्य प्रार्थना स्थलों को छोड़ दिया है, यह सही नहीं है’. गौरतलब है कि कोरोना काल में गर्भपात क्लीनिक खोलने के फैसले को लेकर काफी बहस हो चुकी है. 

ये भी देखें:

 




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed