अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रति अपनी कठोर टिप्पणियों से यू-टर्न लिया है. रूस से कच्चे तेल की खरीद और व्यापार शुल्क (टैरिफ) को लेकर उनका रुख भारत के प्रति आक्रामक था. हालाँकि, रूस और चीन के साथ भारत की बढ़ती निकटता को देखते हुए, उनके लहजे में बदलाव देखने को मिला.पहले ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने भारत को चीन के हाथों गंवा दिया है.
लेकिन, कुछ समय बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “दोस्त” और “महान” बताया. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मोदी के साथ दोस्ती हमेशा बनी रहेगी. ट्रंप के इस बदले हुए रुख को रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि अमेरिका भारत को एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में खोना नहीं चाहता है, खासकर जब एशिया में भू-राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं.